@CMMadhyaPradesh माननीय मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी क्या अतिथि विद्वान मप्र के नागरिक नहीं है @narendramodi महोदय दीपावली दशहरा की छुट्टियों का मानदेय नहीं मिलता है
आपके द्वारा 11 सितंबर 2023 को महापंचायत में जो घोषणाएं की गई थी एक भी अभी तक पूरी नहीं हुई दीपावली कैसे मनाए
@CMMadhyaPradesh घोषणा तो म.प्र.में भी हुई और हरियाणा में भी हुई।
हरियाणा में सरकार बनते ही महाविद्यालय के अस्थायी शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित किया गया
जबकि म.प्र.में साल भर बाद भी पंचायत में की गई घोषणाएं पूरी नहीं हुई क्यो .?
दोनों ही राज्यों में भाजपा की सरकार महोदय ?
अतिथि विद्वानों की समस्याओं का समाधान तब तक नहीं होगा जब तक पूर्व से कार्यरत अतिथिविद्वानों का अलग कैडर नहीं बन जाता।उनकी सेवा 65 वर्ष की आयु तक सुरक्षित नही हो जाती।50/55 की उम्र के #अतिथिविद्वान की प्रतिस्पर्धा नए आवेदकों से कराना अमानवीय है। @ChouhanShivraj@DrMohanYadav51
@CMMadhyaPradesh@DrMohanYadav51 हमारे हजारों विद्यार्थी आज समाज में अच्छे पदों पर कार्यरत हैं, जो कभी अतिथि विद्वानों के शिष्य रहे। फिर भी सरकार हमें उपेक्षित कर रही है।सितम्बर 2023 में अतिथि विद्वान महापंचायत की घोषणाएं सितम्बर 2025 तक लागू नही हो सकीं, यह बहुत निराशाजनक है”
आज मध्यप्रदेश की सरकार अपने शिक्षकों के प्रति सबसे ज्यादा असंवेदनशील है ,उच्च शिक्षा की रीढ़ अतिथिविद्वान वर्षों से कार्यरत, PG, NET, PhD है परन्तु सरकार में आज दिनांक तक अतिथिविद्वानों के भविष्य सुरक्षित करने के लिए कोई कार्य नहीं किया है इस शिक्षक दिवस पर उन्हें यही उपहार दे
@CMMadhyaPradesh
माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी
उच्च शिक्षा विभाग में कार्यरत अतिथि विद्वानों को नियमितीकरण की दो बूंद कब पीने को मिलेगी महोदय
पूरी जिंदगी उच्च शिक्षा मेबच्चों को पढ़ाने मेंलगा दी
50साल से ज्यादा की उम्र हो चुकीहै जिंदगी तो खत्म होती जा रही है
आपके आश्वासन के कारण
@CMMadhyaPradesh
माननीय मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी कैबिनेट प्रस्ताव पास होने के बाद भी अभी तक 50000 रुपए फिक्स वो सभी सुविधाएं नही मिल रही है जो शासकीय प्राध्यापकों को दी जाती है अतिथि विद्वानों की सेवाएं 65 वर्ष तक निरंतर जारी रहेगी
@CMMadhyaPradesh
माननीय मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी कैबिनेट प्रस्ताव पास होने के बाद भी अभी तक 50000 रुपए फिक्स वो सभी सुविधाएं नही मिल रही है जो शासकीय प्राध्यापकों को दी जाती है अतिथि विद्वानों की सेवाएं 65 वर्ष तक निरंतर जारी रहेगी
अभी तक एक भी घोषणा पूरी नहीं हुई महोदय
@CMMadhyaPradesh
माननीय मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी कैबिनेट प्रस्ताव पास होने के बाद भी अभी तक 50000 रुपए फिक्स का आदेश नहीं निकला वो सभी सुविधाएं नही मिल रही है जो परमानेंट प्रोफेसर को दी जाती है अतिथि विद्वानों को फॉलन आउट ना किया जाए ऐसा कोई आदेश भी नहीं निकला