आज स्वर्गीय भारत भूषण तिवारी जी के परिवार से मुलाकात की। ऐसा लगा मानो पूरा गांव ही उनका परिवार हो। सभी लोगों ने एक स्वर में कहा कि वह एक बहादुर, देशभक्त और समाज के लिए समर्पित युवक था। शायद यही कारण है कि आज पूरा समाज उसके परिवार के साथ खड़ा है।
लेकिन एक बड़ा प्रश्न आज भी अनुत्तरित है—क्या केवल एनकाउंटर की संख्या बढ़ाने के लिए 56 पुलिसकर्मियों ने एक युवक को घेरकर उसकी हत्या कर दी थी? यदि ऐसा नहीं है, तो अब तक उन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत मुकदमा क्यों नहीं दर्ज किया गया?
सरकार को केवल उस परिवार से ही नहीं, बल्कि पूरे गांव से माफी मांगनी चाहिए और निष्पक्ष जांच के माध्यम से उचित न्याय सुनिश्चित करना चाहिए।
मध्यप्रदेश राज्यसभा चुनाव में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होना लोकतांत्रिक मूल्यों पर सवाल खड़ा करता है। निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना हर संवैधानिक संस्था की जिम्मेदारी है।
@RahulGandhi
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष आदरणीय Rahul Gandhi जी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में आयोजित IYC मेगा जॉब फेयर 2026 में देशभर के युवाओं का हार्दिक स्वागत है।
📍 Talkatora Stadium, नई दिल्ली
🗓️ 19 जून 2026
⏰ प्रातः 10:00 बजे से
पिछले दिनों देश के लाखों मेहनती छात्रों के सपनों को चकनाचूर करने वाले NEET पेपर लीक घोटाले के खिलाफ आज राजधानी पटना में विशाल प्रतिरोध मार्च निकाला गया।
यह लड़ाई सिर्फ एक परीक्षा की नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य की है। दुर्भाग्य से सरकार न तो छात्रों की चिंता करती है और न ही शिक्षकों के व्यवस्था की। सत्ता प्राप्त करना और उसे बचाए रखना ही इसका एकमात्र लक्ष्य बन चुका है।
सरकारी संस्थाओं को कमजोर करने, विपक्षी नेताओं को तोड़ने और राजनीतिक लाभ हासिल करने में जितनी ऊर्जा, समय और संसाधन खर्च किए जाते हैं, यदि उसका आधा भी शिक्षा सुधार, पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने में लगाया जाता, तो लाखों छात्रों को अपने सपनों के साथ ऐसा खिलवाड़ नहीं झेलना पड़ता।
पेपर लीक के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई कब होगी?
शिक्षा व्यवस्था को भ्रष्टाचार और माफियाओं से मुक्त कब किया जाएगा?
बिहार सरकार को शायद "अवकाश" शब्द का अर्थ समझने में कठिनाई होती है, और जब मामला विशेष कर शिक्षकों से जुड़ा हो तो यह स्थिति और भी स्पष्ट दिखाई देती है।
वार्षिक कैलेंडर के अनुसार 1 जून से शिक्षकों के अवकाश की घोषणा स्वयं सरकार ने की थी। शिक्षकगण भी भीषण गर्मी के इस दौर में कुछ राहत की उम्मीद कर रहे थे। किंतु आश्चर्य की बात है कि अवकाश शुरू होने से ठीक पहले सरकार ने 1 से 5 जून तक दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण में भाग लेने का आदेश जारी कर दिया।
यदि शिक्षकों को प्रशिक्षण में ही उपस्थित रहना है, तो फिर उसे अवकाश कैसे माना जा सकता है? अवकाश का उद्देश्य शिक्षकों को विश्राम, पारिवारिक समय और मानसिक ताजगी प्रदान करना होता है, न कि उन्हें अन्य प्रशासनिक गतिविधियों में व्यस्त रखना।
सरकार को इस निर्णय पर पुनर्विचार करते हुए इस तर्कहीन और विरोधाभासी आदेश को तत्काल वापस लेना चाहिए, ताकि घोषित अवकाश का वास्तविक लाभ शिक्षकों को मिल सके।
NEET पेपर लीक कोई छोटी घटना नहीं, बल्कि करोड़ों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
दूसरी बार पेपर लीक होना साफ दिखाता है कि NDA सरकार में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है।मेहनत छात्र करें और सिस्टम माफियाओं के आगे झुक जाए, ये देश के युवाओं के साथ सबसे बड़ा अन्याय है।
निशांत मंत्री बने है ,अच्छा है ।पर एक बाद देखने लायक है ।जब से निशांत मंत्री बने है ,मीडिया से ले कर सोशल मीडिया तक उनके पीछे हाथ धो कर पड गया है ।
यह बताने की बात नहीं है की मीडिया पर किसका कंट्रोल है ।
नीतीश जी ,सत्ता तो गई कम से कम बेटे को तो बचा ले !!!
Heartiest congratulations to V. D. Satheesan on becoming the Chief Minister of Kerala. Wishing you great success, wisdom, and strength in serving the people and leading the state towards progress and prosperity.
@vdsatheesan jee
पत्रकार : बिहारी मजदूरों के लिए “मर गया तो मर गया” कहने पर अफसोस है?
NDA मंत्री : नहीं।
यही है सत्ता का अहंकार!
जिस बिहार के मजदूर देश बनाते हैं, उनकी मौत पर भी संवेदना नहीं।
जब सत्ता परिवार की जागीर बन जाए, तब गरीब बिहारी की जान की कीमत भी खत्म हो जाती है।