एक होशियार, मेहनती और ईमानदार शिक्षक के सानिध्य में पले बड़े छात्र हर हाल में होशियार, मेहनती और ईमानदार होंगे| सरकार को चाहिए कि वह किसी भी कीमत पर सिर्फ ऐसे ही शिक्षकों की भर्ती करे| देश से बहुत सारी बुराइयाँ स्वतः ही समाप्त हो जाएंगी|
🙏सिर्फ साक्षर नहीं ज्ञानी(जानकार) बनें🙏
दस महाविद्याओं में प्रमुख माँ बगलामुखी अपने भक्तों के समस्त कष्टों का नाश करती हैं।
उनकी कृपा से शत्रु पर विजय, कार्यों में सफलता और जीवन में सुख-शांति प्राप्त होती है।
भारतीय जनता पार्टी सहकारिता प्रकोष्ठ, मध्य प्रदेश के पूर्व प्रदेश सह-संयोजक श्री उमाकांत दीक्षित जी के भोपाल स्थित कोलार निवास पर पहुंचकर उनकी आदरणीय स्वर्गीय माताजी को श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता श्री अरविंद भदौरिया जी भी उपस्थित रहे।
भारत के स्पेस स्टार्टअप्स आज अंतरिक्ष के नए आयाम गढ़ रहे हैं।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी ने ‘सेवा तीर्थ’ में 20 स्पेस स्टार्टअप्स के CEO एवं फाउंडर्स से संवाद कर निजी स्पेस सेक्टर, नवाचार और वैश्विक अवसरों पर चर्चा की।
रॉकेट, सैटेलाइट, एडवांस्ड प्रोपल्शन, स्पेस डिफेंस और AI आधारित तकनीकों के माध्यम से भारत अंतरिक्ष क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
#NationalSpaceDay
पूर्व केंद्रीय मंत्री, प्रखर राजनेता आदरणीय श्री अरुण जेटली जी की पुण्यतिथि पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि एवं कोटि-कोटि नमन करता हूं।
कुशल अर्थशास्त्री, प्रभावशाली वक्ता एवं दूरदर्शी नीति-निर्माता के रूप में जेटली जी ने देश की आर्थिक एवं राजनीतिक दिशा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
संसद में उनकी तार्किकता, विषयों की गहरी समझ और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति प्रतिबद्धता सदैव स्मरणीय रहेगी। राष्ट्रहित के प्रति उनका समर्पण, उनके विचार एवं आदर्श सदैव हमें राष्ट्रसेवा के पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते रहेंगे।
लाखों दर्शकों से कहता हूँ, जाकर कोई फैक्ट-चेक करे। 1896 के कोलकाता कांग्रेस अधिवेशन में पहली बार वंदे मातरम् गाया गया, जिसकी अध्यक्षता मुस्लिम नेता रहमतुल्लाह अहमद सयानी ने की।
वहाँ से लेकर 1923 तक कभी कोई आपत्ति नहीं हुई। 1923 के अधिवेशन में तो उस समय मोहम्मद अली जौहर ने उसकी अध्यक्षता की थी उन्होंने आपत्ति की फिर भी पूरा गाया। झूठ बोलते हैं ये लोग।
मैं पूछना चाहता हूँ, 1896 से 1937 तक हर बार कांग्रेस पूरा गा रही थी, तो 1937 में क्या हुआ जो काट दिया?
मुस्लिम लीग और जिन्ना ने कहा कि आपको यह वंदे मातरम् काटना पड़ेगा, आप एक के बाद एक सरेंडर कर रहे थे। 1905 में बंग-भंग के बाद उस समय सारे हिंदू-मुसलमान एक होकर वंदे मातरम् गाते थे, मगर ये कट्टरपंथियों के आगे झुक गए।
1916 के लखनऊ कांग्रेस अधिवेशन में मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचन क्षेत्र माँग लिया। फिर उनकी हिम्मत और बढ़ी।
फिर 1920 में इन्होंने कहा,
टर्की का खलीफा हट गया है, तो अब हम टर्की के खलीफा के लिए आंदोलन करेंगे और महात्मा गांधी ने अली का समर्थन किया।
उनकी हिम्मत और बढ़ गई। उसके बाद जिन्ना ने कहा, मैं महात्मा गांधी को महात्मा नहीं बोलूँगा। इसलिए हर फिल्म में मिस्टर गांधी बोलता है।
फिर उसने कहा, मैं वंदे मातरम् नहीं गाऊँगा और मैं इनको बताना चाहता हूँ, कोई दर्शक जाकर चेक करे।
6 अप्रैल 1938 को नेहरू को जिन्ना ने एक लेटर लिखा और Selected Works of Jawaharlal Nehru, Series One, Volume 22, Page Number 230 से 239 में लिखा है। क्या शर्मनाक लेटर लिखा है। लिखते हैं, हमने वंदे मातरम् हटा दिया है। पॉइंट नंबर नौ पर। फिर उसके बाद लिखते हैं, पॉइंट नंबर 12 पर, अगर आपको तिरंगे से आपत्ति है, तो हम मुस्लिम लीग के भी झंडे को बराबर सम्मान देने को तैयार हैं। और पॉइंट नंबर सात पर लिखते हैं, मुसलमानों को सरेआम गोहत्या करने का अधिकार होगा। क्या गजब का सरेंडर किया नेहरू ने।
अरुण जेटली को गए सात साल हो गये. कोई दिन ऐसा नहीं गया जब किसी ना किसी वजह से उनका ज़िक्र ना हुआ हो. मैंने अरुण जो को छात्र नेता के रूप में देखा, वकालत करते देखा, राजनीति में देखा. जहाँ भी रहे शिखर पर पहुँचे. देश के लिए अलग अलग क्षेत्रों में उनका योगदान अतुलनीय है. अरुण जी अपने पीछे ऐसी खाली जगह छोड़ गये जिसे कभी भरा नहीं जा सकेगा.
#RememberingArunJaitley
भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पद्म विभूषण से सम्मानित अरुण जेटली जी की पुण्यतिथि पर उन्हें सादर नमन।
राष्ट्र के प्रति उनका समर्पण, योगदान एवं सेवाभाव सदैव स्मरणीय रहेगा।
माँ भारती के अमर सपूत, अदम्य साहस एवं शौर्य के प्रतीक, महान स्वतंत्रता सेनानी एवं क्रांतिकारी शिवराम हरि राजगुरु जी की जयंती पर शत-शत नमन।
आपका त्याग, तपस्या और बलिदान युगों-युगों तक भारतवर्ष की प्रत्येक पीढ़ी को राष्ट्रसेवा एवं देशभक्ति के लिए प्रेरित करता रहेगा।