अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की माँग और अंकिता के माता पिता द्वारा नामजद VIP को राज्यपाल बनाए जाने के विरोध में गांधी पार्क, देहरादून स्थित गांधी प्रतिमा के समक्ष कांग्रेसजनों का मौन उपवास
अंकिता भंडारी हत्याकांड में BJP के राष्ट्रीय महासचिव व उत्तराखंड प्रभारी रहे दुष्यंत गौतम का नाम सामने आया था। अंकिता पर दुष्यंत गौतम को सर्विस देने का दबाव बनाया गया और जब उसने मना किया तो उसकी हत्या कर दी गई। इस खुलासे के बाद मोदी को दुष्यंत गौतम को सजा दिलानी चाहिए थी, लेकिन मोदी ने अपने इस चहेते को सिक्किम का राज्यपाल बना दिया है। एक बार फिर BJP और मोदी महिलाओं का शोषण करने वालों का साथ दे रहे हैं। शर्म आनी चाहिए।
अंकिता के माता-पिता का सवाल — न्याय से पहले नियुक्ति क्यों ?
अंकिता भंडारी मामले में CBI जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा उनकी नियुक्ति रद्द की जाए !!
#JusticeForAnkitaBhandari
Ankita Bhandari's father is sitting in front of India Gate, asking for justice for his daughter.
He looks completely broken from within.
I just hope justice is delivered quickly in this country.
People of Uttarakhand are deeply worried about women of Sikkim. Dear Pahadis of Sikkim, an Asuri Shakti has arrived there, pls be careful & keep women & our sisters away from its shadow. 🙏
इस पिता की आँखें देखिये जो अपनी बच्ची के लिए न्याय मांगते मांगते अब पत्थर हो चुकी हैं!
अंकिता भंडारी मामले में जिस नेता का नाम आया, उसको तो अब इनाम दे दिया है सरकार ने!
अब ये पिता कहाँ जाए न्याय मांगने, जब सरकार ही दोषियों को इनाम देने लगी है??
हम अभी भी इंडिया गेट पर है, परिवार की माँग है, CBI जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति पर तत्काल रोक लगाई जाए !!
#JusticeForAnkitaBhandari
भाजपा के पूर्व प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त करना उत्तराखंड के स्वाभिमान और जनभावनाओं पर चोट है।
अंकिता भंडारी प्रकरण में भाजपा नेताओं द्वारा सामने लाए गए कथित VIP के नाम की निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए थी, लेकिन जाँच एक इंच भी आगे नहीं बढ़ी और उन्हें राज्यपाल बना दिया गया।
मेरा सवाल है कि जब मामले में निष्पक्ष जाँच की माँग हो रही है, तो जाँच के बजाय उन्हें इतने अहम पद पर नियुक्त क्यों किया गया?
मैं प्रदेश की जनता, कांग्रेस के सभी नेताओं, विधायकों, कार्यकर्ताओं और सोशल मीडिया टीम से आह्वान करता हूँ कि इस नियुक्ति का पुरजोर विरोध करें और केंद्र सरकार से इसे तत्काल रद्द करने की माँग उठाएँ।
आज गांधी जी के चरणों में एक घंटे का मौन उपवास कर हमने उत्तराखंड की अस्मिता और स्वाभिमान की रक्षा का संकल्प लिया।
जब तक अंकिता भंडारी प्रकरण में निष्पक्ष जाँच नहीं होती और कानून के तहत सच्चाई सामने नहीं आती, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।
Hello @DelhiPolice,
Can you tell the people of India, how much taxpayer money are you wasting on doing illegal surveillance on me?
Just give a rough estimate :)
राजस्थान की बेटी @Ritubarala के साथ पुलिस की बर्बरता पर सबकी जुबान क्यों बंद है?
जब एक बेटी के सम्मान और सुरक्षा का सवाल हो, तो मीडिया की आवाज़ सत्ता देखकर क्यों बदल जाती है?
सन्नाटा क्यों है?क्या वो बेटी देश की बेटी नहीं है?
बेटियों के सम्मान पर राजनीति नहीं, इंसाफ़ चाहिए!