Journalist अपने मन और आत्मा की स्वतंत्रता के लिए अपने शरीर को बंधनमें डालने में मुझे आनंद आता है|
Corespondent @Millat_Times Chief Editor @MillatRajasthan
"इंदिरा गांधी जैसी नेता होतीं तो बीजेपी पर बैन लगा देतीं। ऐसी ध्रुवीकरण वाली पार्टी, जो सिर्फ हिंदुओं को लेकर राजनीति करती है। आखिर संविधान में क्या लिखा हुआ है—देश किसी एक धर्म से नहीं, बल्कि संविधान और सभी नागरिकों के बराबर अधिकारों से चलता है।"
@ashokgehlot51
JDA का गठन 1982 में हुआ था, जबकि जयपुर की नूरानी मस्जिद का निर्माण 1981 में हुआ था। यदि 45 वर्षों तक JDA या किसी सरकारी विभाग को यह अतिक्रमण नहीं दिखा, तो अचानक इसे अतिक्रमण कैसे मान लिया गया? कार्रवाई हो, लेकिन पारदर्शिता भी जरूरी है। जिस तरह 3 दिन के नोटिस पर मस्जिद के साथ मंदिर, सत्संग भवन और भोमियाजी के चबूतरे को ध्वस्त किया गया, वह पूरी तरह गैरकानूनी प्रतीत होता है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार संबंधित पक्षों को नोटिस देकर अपना पक्ष रखने का उचित अवसर दिया जाना चाहिए था।
यह आलीशान मस्जिद वर्ष 1981 में बनी थी और 1994 में इसकी लीज़ JDA में जमा कराई गई थी। मस्जिद कमेटी के अनुसार यह वक्फ रजिस्टर्ड मस्जिद है। कमेटी का आरोप है कि बिना पर्याप्त नोटिस के इसे ध्वस्त किया जा रहा है, जो सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का उल्लंघन है। उनका कहना है कि उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर तक नहीं दिया गया। 2011 की सड़क चौड़ीकरण योजना के तहत मस्जिद को हटाने की कार्रवाई की जा रही है, जबकि कमेटी का कहना है कि यदि सड़क चौड़ी करनी है तो मस्जिद का आधा हिस्सा लिया जा सकता है, लेकिन JDA पूरी मस्जिद को ध्वस्त करने जा रहा है।
यह आलीशान मस्जिद वर्ष 1981 में बनी थी और 1994 में इसकी लीज़ JDA में जमा कराई गई थी। मस्जिद कमेटी के अनुसार यह वक्फ रजिस्टर्ड मस्जिद है। कमेटी का आरोप है कि बिना पर्याप्त नोटिस के इसे ध्वस्त किया जा रहा है, जो सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का उल्लंघन है। उनका कहना है कि उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर तक नहीं दिया गया। 2011 की सड़क चौड़ीकरण योजना के तहत मस्जिद को हटाने की कार्रवाई की जा रही है, जबकि कमेटी का कहना है कि यदि सड़क चौड़ी करनी है तो मस्जिद का आधा हिस्सा लिया जा सकता है, लेकिन JDA पूरी मस्जिद को ध्वस्त करने जा रहा है।
"हाथ में बाबा साहेब अंबेडकर की किताब लिए कोकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके एयरपोर्ट से भारी सुरक्षा के बीच जंतर-मंतर के लिए रवाना हुए।
सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने आए एक व्यक्ति को इतनी सुरक्षा... आखिर क्यों? 🤔"
हम रोज़ नहीं मिलते, मगर एक मक़सद हमें जोड़ता है,
जहाँ मज़लूम की आवाज़ दबती है, वहाँ हमारा लहजा बोलता है।
@AslamChopdar11@Ramraajya सोनी भाइयों के साथ ☕ एक मुलाकात ।
मेरे पास सारे हथियार है, मुसलमानों के नरसंहार की बात करने वाले "अजय तिवारी" को पुलिस ने गिरफ्तार तो कर लिया है क्या @TonkPolice_ बता सकती है किन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है
2 मिनट 10 सेकेंड के वीडियो में नरसंहार के साथ साथ कई बड़े दावे ओर बाते बोली गई है वीडियो सेंसटिव है पोस्ट करना उचित नहीं समझता ।
लोकतंत्र में नई पार्टियों का उभरना सामान्य बात है, लेकिन कुछ ही दिनों में जिस तरह "कॉकरोच पार्टी" को राष्ट्रीय स्तर की कवरेज मिली, उसने कई संकेत छोड़ दिए हैं।
हैरानी यह है कि जिन चैनलों को लंबे समय से बेरोज़गारी, पेपर लीक में तथाकथित गड़बड़ियां, महंगाई और विपक्ष के आंदोलनों में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखी, वही अचानक इस नई पार्टी को लगातार जगह दे रहे हैं। राजनीति में अक्सर नए चेहरे यूँ ही नहीं उभारे जाते, कई बार नैरेटिव गढ़े भी जाते हैं।
सवाल सिर्फ मीडिया की प्राथमिकता का नहीं, बल्कि उस दिशा का भी है जहाँ से यह प्राथमिकताएँ तय होती दिखाई दे रही हैं। एक समझदार व्यक्ति जानता है किसे कब और क्यों योजनाबद्ध तरीके से चमकाया जा रहा है।
गड़बड़ तो है दिनेश जी, दया को जांच करनी चाहिए
अवैध बजरी खनन के विरोध में 13 जनवरी को रियांबड़ी में हुए आंदोलन और जयपुर कूच के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित करने के आरोप में नागौर सांसद @hanumanbeniwal सहित 14 लोगों के खिलाफ पादू कलां थाने में मुकदमा दर्ज।