@PremSahab1 एक दिन घर में सब रिश्तेदार किसी शादी में चले गए।
सिर्फ़ नाज़िया और अरमान घर पर थे।
बरसात हो रही थी। बिजली गुल थी।
अरमान ने हल्के स्वर में कहा—
“भाभी, आप अकेली डर तो नहीं रही?”
नाज़िया मुस्कुराई—
“डर तो है… मगर किसी पर भरोसा हो तो डर कम लगता है।”
@Rubi7864 एक दिन घर में सब रिश्तेदार किसी शादी में चले गए।
सिर्फ़ नाज़िया और अरमान घर पर थे।
बरसात हो रही थी। बिजली गुल थी।
अरमान ने हल्के स्वर में कहा—
“भाभी, आप अकेली डर तो नहीं रही?”
नाज़िया मुस्कुराई—
“डर तो है… मगर किसी पर भरोसा हो तो डर कम लगता है।”
उसके ये लफ़्ज़ अरमान के दिल को