एक दिन वर्षों का संघर्ष, बहुत खूबसूरत तरीके से तुमसे टकरायेगा। ~ सिग्मंड फ्रायड
ईश्वर और माता- पिता के आशीर्वाद से सरकारी सेवा के रूप में आज अध्यापक पद पर कार्यग्रहण कर जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत की। 🥳🥳🎉🎉🙏🥰
“राज्यसभा में मातृभाषा आधारित शिक्षा तथा *राजस्थानी भाषा के संरक्षण और संवर्धन का अहम सवाल उठाया”*
राज्यसभा सांसद सतीश जी पूनिया ने अताप्रश्न के माध्यम से केंद्र सरकार द्वारा क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की रिपोर्ट मांगी।
राजस्थानी भाषा को पहचान दिलाना हर राजस्थानी का कर्तव्य है।
क्योंकि मातृभाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, इतिहास और पहचान की आत्मा है।
@DrSatishPoonia
तृतीय श्रेणी शिक्षक ट्रांसफर को लेकर जयपुर के शहीद स्मारक पर आयोजित आंदोलन में राजस्थान एकीकृत शिक्षक महासंघ (@RESMA_7) प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते शिक्षक साथियों के बीच उपस्थित हुआ।
साथियों की मांग को पुरजोर तरीके से उठाकर सरकार से निवेदन किया कि जल्द से जल्द थर्ड ग्रेड टीचर्स का ट्रांसफर खोलकर राहत प्रदान करें।
@BhajanlalBjp@DrSatishPoonia@GovindDotasra@ashokgehlot51@Dadarwal7@RESMA_7
#तृतीय_श्रेणी_अध्यापक_ट्रांसफर_करो
#शहीद_स्मारक_जयपुर
#थर्ड_ग्रेड_शिक्षक_ट्रांसफर
तृतीय श्रेणी शिक्षक लम्बे समय से स्थानांतरण की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। आज अपनी इस जायज मांग को लेकर जयपुर स्थित शहीद स्मारक पर उन्होंने धरना भी दिया |
जब शिक्षक ही अपनी मूलभूत प्रशासनिक समस्याओं के समाधान के लिए सड़कों पर उतरने को विवश हों, तो यह सरकार की संवेदनहीन कार्यप्रणाली को दर्शाता है।
मैं प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp से मांग करता हूँ कि इन शिक्षकों की पीड़ा को सुनते हुए जल्द से जल्द पारदर्शी रूप से तृतीय श्रेणी शिक्षकों का तबादला करने से जुड़ी मांग पर सकारात्मक निर्णय लिया जाये |
@RajCMO
तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादलों की मांग तेज
शहीद स्मारक पर विरोध प्रदर्शन
बोले शिक्षक, 'वरिष्ठता नहीं, स्थानांतरण चाहिए'
#3rd_ग्रेड_ट्रांसफर@BhajanlalBjp
जयपुर
तृतीय श्रेणी शिक्षकों की वर्षों पुरानी स्थानांतरण की जायज़ मांग को लेकर आज जयपुर के शहीद स्मारक पर हजारों शिक्षक लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज़ बुलंद कर रहे हैं।
जो शिक्षक वर्षों से दूर-दराज़ क्षेत्रों में रहकर शिक्षा की अलख जगा रहे हैं, वे अपने परिवार से दूर रहकर भी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ विद्यार्थियों का भविष्य संवार रहे हैं। ऐसे शिक्षकों की समस्याओं का समय पर समाधान होना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
सरकार से विनम्र आग्रह है कि शिक्षकों की इस न्यायोचित मांग पर संवेदनशीलता दिखाते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए तथा स्थानांतरण प्रक्रिया जल्द प्रारंभ की जाए। शिक्षक संतुष्ट होंगे तो शिक्षा व्यवस्था और अधिक सशक्त होगी।@BhajanlalBjp
जयपुर में तृतीय श्रेणी शिक्षकों का आज का आंदोलन बड़ा ही शालीनता और शांति से किया गया जिसमें न किसी के खिलाफ नारे लगे
सरकार को ऐसी सकारात्मक मांगों पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए
तृतीय श्रेणी शिक्षकों की पीड़ा किसी से छुपी हुई नहीं है सालों से इंतजार कर रहे हैं।
#शहीद_स्मारक_मांगे_ट्रांसफर
#तृतीय_श्रेणी_ट्रांसफर
श्रद्धांजलि संदेश:
*"कारगिल के अमर शहीदों को शत-शत नमन।
मातृभूमि की रक्षा के लिए आपका सर्वोच्च बलिदान सदैव हमें राष्ट्रभक्ति, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता रहेगा।
आपका त्याग कभी भुलाया नहीं जाएगा।
जय हिंद! 🇮🇳"*
अरे Sir आ गए आप आपका टाइम तो 8 बजे का रहता है, आप तो आज 12 बजे प्रकट हुए महाराज अच्छा आपको “मुसद्दा” भी मिल गया, मैंने तो सोचा आपको मसौदा मिला होगा, कोई बात नही।
ये फास्ट ट्रैक कोर्ट की नौटंकी आप न करें,
कोर्ट के सामने आपकी CBI सबूत ही नहीं रखेगी तो कोर्ट क्या कर लेगी?
आज ही आपकी CBI ने कहा “पेपर लीक में पकड़े गए संजीव मुखिया के ख़िलाफ़ कोई सबूत नही”
2024 पेपर लीक में तो आपकी CBI ने 90 दिन तक चार्ज शीट ही दाख़िल नही की और सारे “पेपर चोर” छूट गए।
यह हैं हरियाणा के मोहित जाट, जो दिल्ली पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे।
मोहित का कहना है कि जब उन्हें पता चला कि छात्र जंतर-मंतर से संसद तक प्रदर्शन करेंगे, तो उन्होंने पहले ही मेडिकल लीव ले ली। छुट्टी खत्म होने के बाद उन्हें कई बार ड्यूटी जॉइन करने के लिए बुलाया गया, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। जब उन पर लगातार दबाव बढ़ा, तो उन्होंने दिल्ली पुलिस के सब-इंस्पेक्टर पद से इस्तीफा देना उचित समझा और छात्रों के बीच जंतर-मंतर पहुंच गए।
उनका कहना था— "मैं अपने भाई-बहन जैसे छात्रों पर लाठी नहीं उठा सकता। मेरे शिक्षकों ने मुझे इस काबिल बनाया है कि मैं मेहनत करके अपना पेट पाल लूंगा।"
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर जाट पुलिसकर्मियों को उनकी जाति के नाम पर लगातार निशाना बनाया जा रहा था, मानो हर जाट पुलिसकर्मी एक जैसा हो। आज मोहित के फैसले ने यह साबित कर दिया कि किसी व्यक्ति का चरित्र उसकी जाति से नहीं, बल्कि उसके अपने फैसलों और सिद्धांतों से तय होता है।
किसी भी समाज या जाति को एक घटना के आधार पर कटघरे में खड़ा करना गलत है।सवाल सत्ता से करो, आदेश देने वालों से करो, नीतियों से करो। पूरे समाज को बदनाम करके अपनी राजनीति चमकाने की कोशिश मत करो।
#StudentPower #StudentProtest
ये आज अचानक से सभी बॉलीवुड ओर क्रिकेटर्स की एक साथ आंखे कैसे खुली हैं..... जो जंतर मंतर पर बैठे छात्रों के सपोर्ट में लिख रहे हैं।
शायद वो pm की पोस्ट का इंतजार कर रहे थे जैसे ही आज ट्वीट आया सब आ गए सफाई देने।
कुछ तो गड़बड़ है 🤣🤣🤣