@Ra_THORe@narendramodi MODI = MAKER OF DIFFERENT INDIA 🇮🇳💪✌️
भारत माता की जय 🙏🇮🇳👮💪✌️
दमदार नेतृत्व, राष्ट्र सुरक्षित।
मां भारती करे पुकार।
फिर मोदी सरकार।।🙏🇮🇳👮💪✌️
तस्वीर में साईकिल चला रही कोई साधारण महिला नहीं है बल्कि पद्मश्री से सम्मानित बिहार की श्रीमती राजकुमारी देवी हैं।
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के सरैया ब्लॉक के ग्राम आनंदपुर की निवासी हैं राजकुमारी देवी,मात्र 15 साल की उम्र में उनका विवाह इस ग्राम में एक किसान के साथ हुआ था जिसको खेती के नाम पर सिर्फ तम्बाकू उगाना आता था।घर का खर्च ठीक से न चलने के कारण परिवार खिन्न रहने लगा ।किसी प्रकार दुख झेलते हुए इन्होंने खेती खुद शुरू की और जो भी उपज हुई उससे अचार और मुरब्बे बनाये,मगर कोई इन उत्पाद को बेंचने के लिए तैयार नहीं हुआ तो खुद साइकिल चलानी सीखी और इनको बेंचने लगीं।
राजकुमारी को लगा कि और अच्छे ढंग से यदि ये काम किया जाय तो बेहतर मूल्य मिल सकता है इसके लिए वे पूसा कृषि विश्वविद्यालय पहुंची और खेती तथा फूड प्रोसेसिंग का वाकायदा प्रशिक्षण लिया,फिर खेती में जल्दी फसल देने वाली चीजें उगाईं खासकर पपीता आदि,उनको अचार मुरब्बे आदि से अच्छी इनकम हुई और काम बढ़ा तो उन्होंने अनेक महिलाओं को प्रशिक्षण देकर अपने साथ मिला लिया।
फिर उनको सफलता मिलती गयी,सबसे पहले सरैया मेले में उनको वर्ष 2003 में सम्मानित किया गया, वर्ष 2007 में 'किसानश्री' से सम्मानित किया गया । ये पुरुस्कार पहली बार किसी महिला को मिला था।
अमिताभ बच्चन के एक शो में भी राजकुमारी आमंत्रित हुईं । शो के बाद उनको एक आटा चक्की, 5 लाख रुपये और साड़ियां उपहार स्वरूप मिलीं।
राजकुमारी देवी जी आज स्वयं सहायता समूह के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही हैं । कभी अकेली खेतों में काम करने वाली महिला आज हज़ारों को उनके पैरों पर खड़ा कर रही है ।
शत शत प्रणाम राजकुमारी जी की जिजीविषा को 🙏
इसे सेव कर सुरक्षित कर लें, ऐसी पोस्ट कम ही आती है..
सूर्य नमस्कार रोजाना सिर्फ 10 मिनट करने से मिलेंगे अद्भुत चमत्कारी फायदे...
सूर्य नमस्कार, योगासनों में सबसे श्रेष्ठ क्रिया है। यह
अकेला अभ्यास ही साधक को सम्पूर्ण योग व्यायाम का लाभ पहुंचाने में सहायक है। इसके अभ्यास से साधक का शरीर निरोग और स्वस्थ होकर तेजस्वी हो जाता है। सूर्य नमस्कार, स्त्री, पुरुष, बच्चे, युवा तथा वृद्धों सभी के लिए उपयोगी है..
◾इसके कुछ लाभ इसप्रकार हैं ◾
🔹खुले वातावरण में सूर्य नमस्कार करने से शरीर को भरपूर मात्रा में विटामिन डी मिलता है जिससे हड्डियों में ताकत आती है।
🔹 वजन घटाने में यह बहुत उपयोगी है इसके नियमित अभ्याससे डाइटिंग से भी ज्यादा फायदा पहुंचता है।
🔹नियमित रूप से इसके 12 आसनों को करने से शरीर में खून का प्रवाह सही ढंग से होता है और ब्लड प्रेशर की आशंका घटती है। क्रोध और तनाव पर काबू पाने में यह बहुत मददगार है।
🔹मानसिक शांति मिलती है और व्यक्ति सारा दिन
तरोताजा रहता है।
🔹इससे रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है।शरीर लचीला होता है।
🔹त्वचा के लिए यह बहुत लाभदायक योगासन है
◾सूर्य नमस्कार की विधि◾
सूर्य नमस्कार के दौरान 12 आसन किए जाते हैं। इन्हें करने की प्रक्रिया इस प्रकार है..
(1) दोनों हाथों को जोड़कर सीधे खड़े हों।
(2) श्वास भरते हुए दोनों हाथों को कानों से सटाएं और हुए ऊपर की ओर तानकर भुजाओं और गर्दन को पीछे की ओर झुकाएं।
(3) अब श्वास धीरे-धीरे बाहर निकालते हुए आगे की ओर झुकें। हाथ गर्दन के साथ, कानों से सटे हुए नीचे जाकर पैरों के दाएं-बाएं पृथ्वी का स्पर्श करें। घुटने सीधे रहें।
(4) श्वास को भरते हुए बाएं पैर को पीछे की ओर ले जाएं।
गर्दन को अब पीछे की ओर झुकाएं। इस स्थिति में कुछ समय रुकें।
(5) अब श्वास को धीरे-धीरे छोड़ते हुए दाएं पैर को भी
पीछे ले जाएं जिससे दोनों पैरों की एड़ियां मिली हुई
हों। पीछे की ओर शरीर को खिंचाव दें।
(6) अब श्वास भरते हुए दंडवत लेट जाएं।
(7) अब सीने से ऊपर के भाग को ऊपर की ओर उठाएं जिससे शरीर में खिंचाव हो।
(8) फिर पीठ के हिस्से को ऊपर उठाएं। सिर धुका हुआ हो और शरीर का आकार पर्वत के समान हो।
(9) अब पुनः चौथी प्रक्रिया को दोहराएं यानी बाएं
पैर को पीछे ले जाएं।
(10) अब तीसरी स्थिति को दोहराएं यानी श्वास
धीरे-धीरे बाहर निकालते हुए आगे की ओर झुकें। हाथ गर्दन के साथ, कानों से सटे हुए नीचे जाकर पैरों के दाएं-बाएं पृथ्वी का स्पर्श करें।
(11) श्वास भरते हुए दोनों हाथों को कानों से सटाएं और हुए ऊपर की ओर तानकर भुजाओं और गर्दन को पीछे की ओर झुकाएं
(12) अब फिर से पहली स्थिति में आ जाएं।
जय सनातन धर्म, जय श्रीराम, जय गोविंदा
@Modified_Hindu9 इतने सारे प्राचीन भारतीय वैज्ञानिक होते हुए भी हम इनके बारे में जानते नहीं है। सच में आजादी मिलने के बाद गुरुकुल बंद हो गए या करवाए गए इसी के चलते आज हमे हमारी सनातन संस्कृति और उनके आचार्यों, वैज्ञानिकों के बारे में जरा भी ज्ञान नही है।🙏
पुरी में जगन्नाथ रथ यात्रा: बलभद्र का रथ गुंडिचा पहुंचा, सुभद्रा और जगन्नाथ जी के रथ रास्ते में रुके; आज फिर शुरू हुई आगे की यात्रा
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सावरकर माने तेज, सावरकर माने त्याग
सावरकर माने तप, सावरकर माने तत्व
सावरकर माने तर्क, सावरकर माने तारुण्य
माँ भारती के अमर सपूत, 'स्वातंत्र्यवीर' विनायक दामोदर सावरकर की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि!
मातृभूमि की सेवा में उनका त्याग और संघर्ष अविस्मरणीय व अनुकरणीय है।