आज इस भ्रष्ट सरकार ने एक और निर्दोष की जान ले ली।
खंडवा के ग्राम रोजगार सहायक गजेंद्र राठौड़ ने जनपद सीईओ की रिश्वतखोरी से तंग आकर आत्महत्या कर ली। आठ महीने से बर्खास्त होकर न्याय की आस में दर-दर भटकते रहे, लेकिन सरकारी सिस्टम में कहीं सुनवाई नहीं हुई।
आज प्रदेश में वल्लभ भवन से लेकर ग्राम पंचायत तक भ्रष्टाचार का जाल फैला हुआ है, जहां आम आदमी को प्रताड़ित किया जाता है और अधिकारी खुलेआम मनमानी करते हैं।
मुख्यमंत्री जी, आखिर कब तक आपका भ्रष्ट शासन मासूमों की जान लेता रहेगा?
@DrMohanYadav51@CMMadhyaPradesh
मध्यप्रदेश रोजगार सहायक संगठन की मुख्य मांगे :-
1 नियमितीकरण-ग्रेड पे, वेतनमान
2 सचिव पद पर सीधे पदोन्नति
3 पंचायत राज मे संविलियन ग्रेड-3 कर्मचारी का दर्जा
4 सचिव की भांति शासकीय भत्तो का लाभ
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी से अनुरोध है की रोजगार सहायक का भला करने की कृपा करें//
"ग्राम रोजगार सहायक" मध्यप्रदेश की मांग:
1 पदनाम 'सहायक सचिव' हो।
2 सैलरी 30000/- किया जाए।
3 अंशकालीन से पूर्णकालिक।
4 अनुकम्पा नियुक्ति का लाभ।
5 EPF एवं NPS का लाभ।
6 चिकित्सा, बीमा व अनुग्रह सहायता।
7 सचिव पद पर 100% पदोन्नति हो।
8 सेवा समाप्ति के बदले निलंबन व निर्वाह भत्ता।
जीआरएस ने 12 वर्ष की तपस्या के बाद सोचा था की नियमित होगा पर पुनः उसके साथ धोखा हुआ अब जो हमारा जिला कैडर करेगा जीआरएस का वोट उसकी अंशकालीन शब्द भी ना हटा बड़ी घोषणा करने वालो से हम में बहुत रोष और नाराजगी है
जीआरएस ने 12 वर्ष की तपस्या के बाद सोचा था की नियमित होगा पर पुनः उसके साथ धोखा हुआ अब जो हमारा जिला कैडर करेगा जीआरएस का वोट उसकी अंशकालीन शब्द भी ना हटा बड़ी घोषणा करने वालो से हम में बहुत रोष और नाराजगी है
माननीय मुख्यमंत्री जी को घोषणा दिनांक 28/6/23 एवं जिला कैडर हो जाने के उपरांत नियुक्ति प्रक्रिया में निम्नलिखित संशोधन किया जाए:
"अंशकालिक संविदा पर पदस्थ ग्राम रोजगार सहायक' की जगह "सहायक सचिव" स्थानांतरित किया जावे।"
@ChouhanShivraj@OfficeOfKNath@JansamparkMP@pravindubey121