वो शाख़ है न फूल, अगर तितलियाँ न हों
वो घर भी कोई घर है जहाँ बच्चियाँ न हों
दुश्मन को भी ख़ुदा कभी ऐसा मकाँ न दे
ताज़ा हवा की जिसमें खिड़कियाँ न हों
मै पूछता हूँ मेरी गली में वो आए क्यों
जिस डाकिए के पास तेरी चिट्ठियाँ न हों
——बशीर बद्र
शुभ रात्रि
@myogiadityanath आप के पैर नही थकेंगे महोदय,जब आपका क़ाफ़िला निकलता है तो घंटे भर धूप में हम खड़े होते हैं,मरीज़ों को भी नही बख़्शते आपके रखवाले🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻👏👏👏👏
हर चीज़ को नफ़रत से ना देख
ये वो देश है जहाँ राम और रहीम का नाम एक साथ लिया जाता है।
यह ज़रूरी नहीं उनको देखकर अपनी अच्छाइयों और नेकियों को बदल लें, हम नेक होंगे तो वो ज़रूर दुरुस्त आयेंगे।
मज़हब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना
लोग हर मोड़ पर रुक – रुक के संभलते क्यों है
इतना डरते है तो फिर घर से निकलते क्यों है
मोड़ तो होता हैं जवानी का संभलने के लिये
और सब लोग यही आकर फिसलते क्यों हैं
राहत इन्दौरी
आज अजनबी परिंदे को आसमान में देख उड़ने को दिल किया.......अचानक याद आया ..... आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र का पोर्टल क्या पड़ोसी ख़ाली करेगा???🤪🤪🤪🤪@Manokanta2 @Narendr62460089 @kumarnavneet93
भारत में तमाम ऐसी समस्याएँ हैं जो अपने ऊपर नज़र के लिए तड़प रही हैं जबकि मीडिया सिर्फ़ अपनी टी आर पी के लिए नेताओं की गतिविधियों और क्रियाओं को प्राइम टाइम पर दिखा रहे हैं ।जय हो लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ@Neeleshchaudh12
@rathodabhimnyu @Manokanta2