First Father Stan Swamy & now Prof. Saibaba ! It’s criminal what the Indian State gets away with !! This man with 90% disabilities was wrongly imprisoned & spent 10 years in prison despite being acquitted by the Bombay High Court! Honestly, shame on every single cowardly member of India’s rotten judicial system!
"मैं जेल में था मेरी मां दुनिया से चली गई, मां से आखिरी बार भी मिलने नहीं दिया गया.."
~GN Saibaba
मोदी जी अपने बलात्कारी गुरु को पैरोल देकर वोट मंगवाते है, नवाज शरीफ की मां से मिलने पाक जाते है मगर एक पिछड़े समाज के प्रो. को अपनी मां से मिलने नहीं देते।
ये जेएनयू में खड़ी दीपिका की तस्वीर है..
कुछ मीम्स वाइरल हो रहे हैं। किसी इंटरव्यू में निजी जीवन पर उसने कुछ कहा है, जिसका आनंद लिया जा रहा है।
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अग्रेंजी में शब्द होता है - कैरेक्टर
उर्दू में किरदार, हिंदी में चरित्र चित्रण कहते है। जिन्होंने हिंदी थोड़ी बहुत पढ़ी है, यह सवाल भी पढ़ा होगा-
अलगू चौधरी का चरित्र चित्रण कीजिए। दीर्घ उत्तरीय प्रश्न होता था, तो 5 या दस नम्बर का सवाल होता।
इसका उत्तर में,आपको विचार करना होता मुंशी प्रेमचंद की मशहूर कहानी "पंच परमेश्वर" में पंच की कुर्सी पर बैठकर अलगू क्या फैसला देता है?
क्या वह जुम्मन शेख से निजी दुश्मनी, दोस्ती से प्रभावित होकर फैसला देता है। या वो अपने गुरुतर सामाजिक दायित्व, अपने पंच परमेश्वर की कुर्सी की लाज रखता है? यह प्रश्न निश्चय ही अलगू चौधरी के यौन व्यवहार, उसके सम्बधों की निजी विवेचना नही मांगता।
कहानी में अलगू अपनी जिम्मेदारी को महसूस कर न्याय करता है। उचित फैसला लेता है। हम लिखते है कि उसका चरित्र उत्तम है।
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यही इंसान का कैरेक्टर है, किरदार है। उसकी न्यायप्रियता, कर्तव्यनिष्ठा, बहादुरी, स्पस्टवादिता, सत्य के प्रति आग्रह उसके किरदार को ऊंचा बनाते है।
या इसका विपरीत कृत्य कर, व्यक्ति समाज का एक नीच किरदार माना जाता है। समाज, साहित्य, निबंध, फ़िल्म हर विधा में कैरेक्टर इसी तरह से बनाया जाता है।
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पर जब हिंदी प्रदेश के लोग चरित्र शब्द का उपयोग करते है, वह इंसान की कमर के इर्द गिर्द यौनांगों लिपटा पाया जाता है।
जी हां-चरित्र याने शारीरिक सम्बंध, स्त्री पुरूष का यौन विमर्श। देह को अनावृत देखने की कुचेष्टा।
यह निस्संदेह उस देश मे होता है, जो गूगल पर सबसे ज्यादा पोर्न खोजता है। दोस्तो को पोर्न शेयर करता है, और बाकियों को भगवान की तस्वीर।
चैट बॉक्स में घुसकर औरतों को अश्लील मैसेज करता है, और व्हाट्सप पर सेक्स फिशिंग का शिकार होता है।
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गांधी, नेहरू, इन्दिरा, अटल के यौन व्यवहार की अपुष्ट खबरें चटकारे लेकर पढ़ने वाले, घटिया मीम शेयर करने वाले, हलाला, बकरी, मुल्ली के साथ तमाम शब्दावली शेयर करने वाले..
दिन रात माचो, बैचों का जाप करने वाले, चाटने, चूसने, मारने जैसी शब्दावली से ओत प्रोत पोर्न फ्रीक, यौन कुंठित लोग आज दीपिका की बातों में मजा और उसका चरित्र ढूंढ रहे है।
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और मेरे मस्तिष्क में यह तस्वीर फ्रीज है।
जब रेजीम, और उसके पालित गुंडे एक यूनिवर्सिटी में छात्रों को पीट रहे थे, सबक सिखा रहे थे, सड़को पर पटक ओर डंडे मारे जा रहे थे।
जब सदी के महानायक, क्रिकेट के भगवान, गीतकार, नचनिये, भांड अपनी दुम दबाए बिलो में घुसे थे, जब बड़े बड़े पुरोधा दिल्ली पुलिस लट्ठ बजाओ के शोर में कोरस गा रहे थे।
जब न्यायालय, न्यायाधीश, महिला आयोग, महिला मंत्री, सांसद मुंह मे दही जमाये अत्याचार का नंगा नाच देख रहे थे..
उस दिन दीपिका पादुकोण जेएनयू में जाकर खड़ी हुई।
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एक मजबूत रीढ़ की हड्डी वाली महिला, भाँडो के नरम लिहाफ से बाहर निकली, अपने कनविक्शन को जाहिर किया। अपना कॅरियर, पैसा, कंफर्ट, पॉपुलरटी को दांव पर लगा दिया।
तस्वीर देखिए, उसकी आँखों मे दृढ़ता, चेहरे पर कम्पाशन है। वो कन्नगी, लक्ष्मीबाई और दुर्गावती की परम्परा की लड़की है। इस क्षण में वह दुनिया मे सबसे ज्यादा खूबसूरत है।
सबसे ज्यादा चरित्रवान है। दरअसल पिछले दशक में हिंदुस्तान ने उससे अधिक खूबसूरत महिला को जन्म नही दिया।
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सोचिये, और अपनी बेटियां दीपिका जैसी बनने की दुआ कीजिए। सच यह है कि जिस दिन इस देश मे 70 करोड़ दीपिका होंगी, उस दिन यह देश..
विश्व का सबसे चरित्रवान देश होगा।
❤️
यदि आप उस मानसिकता को ख़त्म करने के समाधान से सहमत है तो इससे भी होंगे कि मात्र राजनीतिक सत्ता यह नहीं कर सकती। राजनीतिक सत्ता मूलतः यथास्थिति-वादि होती है। समाज को नयी दिशा सामाजिक आंदोलन दे सकते है। इक्कीसवी सदी के आंदोलन नयी सोच के साथ ही संभव है।
‘Gender equality’ is talked about a lot but lived little. And ‘Gender Neutrality’ is not even talked about!
Along with gender equality, we must strive for gender neutrality. While the former is seen more in terms of number the latter is more about feeling.
https://t.co/VgBQiihLSd
This inspiring song 'Suno Didi' in Chhattisgarhi language shows a beautiful tribal village, where a girl is telling labourers and farmers about the importance of Constitutional values that promote equality, fraternity and justice.
@DignifiedIndia
सर्वप्रथम महामना ज्योतिबा फूले द्वारा अपने साहित्य *पोवाड़ा* में शिवाजी महाराज को *कुलवाडी भूषण* अर्थात किसानों व श्रमिकों के राजा की उपाधि से सम्मानित किया गया हैं।
#ShivajiMaharaj_19Feb
सर्वप्रथम महामना ज्योतिबा फूले द्वारा अपने साहित्य *पोवाड़ा* में शिवाजी महाराज को *कुलवाडी भूषण* अर्थात किसानों व श्रमिकों के राजा की उपाधि से सम्मानित किया गया हैं।
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आधुनिक भारत की प्रथम महिला कवियित्री एवं प्रथम महिला शिक्षिका । 1852 में "महिला सेवा मंडल" की शुरुआत की और आजीवन लैंगिक-समानता और महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष किया #SavitribaiPhule_10March
सावित्रीबाई फुले ने अपने द्वारा बनाए गए “शिशुहत्या निषेध गृह” से एक अनाथ बालक ‘यशवंत’ को गोद लेकर एक मिसाल कायम की और उसे पढ़ा लिखाकर डॉक्टर बनाया। #SavitribaiPhule_10March
सावित्रीबाई फुले एक महान कवियित्री थीं, उनके कविता संग्रह "काव्य फुले" और "बावनकाशी सुबोध रत्नाकर" के रूप में प्रकाशित हुए थे। #SavitribaiPhule_10March
Savitribai Phule, got herself educated and then along with Jotirao Phule started the first school for the girls in India in 1848. Thus, she became the first woman teacher in India.
#SavitribaiPhule_10March