यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री को स्वयं के राज्य की इतनी बड़ी परियोजना पचपदरा रिफाइनरी के इतिहास और शिलान्यास की बुनियादी जानकारी तक नहीं है। मीडिया के समक्ष उनका यह दावा कि वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इसका शिलान्यास किया था, पूरी तरह से तथ्यात्मक रूप से गलत है। पूर्व में रिफाइनरी में केन्द्र और राज्य की हिस्सेदारी को लेकर वे गलत बयानी कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री जी को शायद यह ज्ञात ही नहीं है कि पचपदरा रिफाइनरी का वास्तविक शिलान्यास वर्ष 2013 में ही यूपीए चेयरपर्सन श्रीमती सोनिया गांधी एवं तत्कालीन पेट्रोलियम मंत्री श्री वीरप्पा मोइली द्वारा किया जा चुका था। ये तस्वीरें उसी मौके की है।
इसके विपरीत, केंद्र सरकार और राज्य की तत्कालीन भाजपा सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पांच साल तक ठंडे बस्ते में डालकर अटकाए रखा, जिससे इसकी लागत 37,000 करोड़ रुपए से दोगुनी बढ़कर लगभग 80,000 करोड़ रुपए हो गई।
राजस्थान में रिफाइनरी की स्थापना के लिए 'हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड' (एचपीसीएल) को राजी करना भी एक बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य था। सामान्यतः रिफाइनरी परियोजनाओं में राज्य सरकार की कोई हिस्सेदारी नहीं होती है, परंतु एचपीसीएल को सहमत करने के लिए राजस्थान सरकार ने दूरदर्शिता दिखाते हुए रिफाइनरी में 26% (छब्बीस प्रतिशत) की हिस्सेदारी ली। इसी के परिणामस्वरूप यह 'एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड' (एचआरआरएल) नामक संयुक्त उद्यम (जॉइंट वेंचर) बना, जिसने इस रिफाइनरी का निर्माण किया है।
मुख्यमंत्री जी को यदि इतिहास की जानकारी नहीं है, तो वे सार्वजनिक रूप से गलत बयानबाजी करने के बजाय अपने अधिकारियों से सही आंकड़े और दस्तावेज मंगवाकर पढ़ लें।
कल 4 जुलाई को प्रधानमंत्री के दौरे की आड़ में जिला मुख्यालयों पर युवाओं को जुटाकर जॉइनिंग लेटर बांटने का जो भद्दा तमाशा रचा जा रहा है, वह युवाओं के स्वाभिमान पर चोट है।
जिला प्रशासन को लक्ष्य देकर भीड़ इकट्ठी करना, उनके आने, जाने और खाने के लिए सरकारी धन का दुरुपयोग कर राजनीति करना अनैतिक और दुर्भाग्यपूर्ण है।
राजस्थान की भाजपा सरकार कान खोलकर सुन ले- आप युवाओं को नौकरी देकर कोई 'एहसान' नहीं कर रहे हैं। इन युवाओं ने दिन-रात मेहनत करके कंप्टीशन पास कर अपना हक प्राप्त किया है। हमारी सरकार ने भी रिकॉर्ड लाखों नौकरियां दीं, लेकिन अपनी पीठ थपथपाने के लिए कभी युवाओं का ऐसा राजनीतिक इस्तेमाल नहीं किया।
शर्मनाक बात यह है कि प्रदेश में भर्तियां समय पर पूरी नहीं हो रहीं, जो कैलेंडर जारी किए गए उनके अनुरूप परीक्षाएं नहीं हो रही हैं, लेकिन वीआईपी दौरों के नाम पर इनके नौटंकीनुमा इवेंट एकदम समय पर हो जाते हैं। वाहवाही लूटने के लिए मंच से फोटो खिंचवाकर लेटर तो बांट दिए जाते हैं, पर वास्तविक जॉइनिंग के लिए युवा महीनों दर-दर भटकते रहते हैं।
पूर्ववर्ती वसुंधरा सरकार से लेकर वर्तमान भाजपा सरकार तक, भाजपा ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सर्कस और सरकारी सिस्टम को मजाक बनाकर रख दिया है। राजस्थान का युवा इस झांसा तंत्र को देख रहा है और वक्त आने पर इस एहसान जताने के अपमान का करारा जवाब देगा।
अपने आप को 4th Grade कहना बंद कीजिए
आप 23–24 लाख अभ्यर्थियों को पछाड़ कर यहां पहुँचे हैं 💪
अब आगे बढ़ने के रास्ते आपके लिए खुल चुके हैं
खुशियाँ मनाइए, क्योंकि सफलता... सफलता होती है ❤️
बाकी आज का समाज दूसरों की उन्नति देखकर खुश कभी नहीं होता है
Thank You Sir @Dheersdhabhai
जब जाति के आधार पर गलत या सही का निर्णय होने लगे तो समझ लो देश पतन की ओर अग्रसर हैं। यदि कोई आपसे अपनी जाति के आधार पर उकसाने या कुछ करने को कहे तो उस का एक ही मतलब है कि तुम अपना विवेक मत इस्तेमाल करो, बस वो करो जो वो करवाना चाह रहा है'। जब जाति से ऊपर उठ कर देखोगे तो ये सब खेल समझ जाओगे...मुझे ऐसा क्यों लगता है कि जाति जाति बोल कर कुछ लोग सिर्फ और सिर्फ खुद और अपने भाई भतीजों को सारी मलाई खिला देते हैं, और उन्हींकी बाकी जाति वाले जस की तस ही रह जाते हैं। थोडा मनन कर अपने विवेक का इस्तेमाल करना सीखो, जाति को जाता कहो, देश का सोचो।
माननीय @GajendraKhimsar जी चिकित्सा विभाग एएनएम भर्ती की 4847 महिला अभ्यर्थियों को दीवाली पूर्व हजारों परिवारों को खुशियां प्रदान करें।अंतिम चयन सूची जारी हुए डेढ़ माह बीत चुके हैं!सीएम रोजगार उत्सव में भी बधाई पत्र मिल चुके हैं लेकिन नियुक्ति बाकी है?जल्द आदेशित करें
@RajCMO
दलित मुख्यमंत्री का दबंग बेटा सरकारी गाड़ियों के काफिले के साथ और सिक्योरिटी के बीच रील शूट करा रहा है। आम जनता के जनता के टैक्स के पैसे अपनी अय्याशी में उड़ा रहा है।
संविधान के अनुसार ये अब भी दलित , शोषित और वंचित है।
असली पत्रकारिता अब शुरू की है @sudhirchaudhary जी , इसके लिए सुधीर जी का धन्यवाद।
माननीय चिकित्सा मंत्री @GajendraKhimsar जी महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता भर्ती 2023 की अंतिम चयन सूची जारी हुए 12 दिन बीत चुके हैं लेकिन नियुक्ति के लिए ऑनलाइन चॉइस ऑप्शन नहीं भरवाएं गये हैं... ऑप्शन जल्द से भरवाकर इसी महीने में नियुक्ति दीजिए!
@RajCMO@BhajanlalBjp