#InternationalDayOfGirlChild#MahaAshtami#Mahanavami#Navrati2024
On this Navratri and International Girl Child Day, we invoke Maa Bhagwati’s blessings for the safety and protection of every girl, both within the womb and beyond.
May they bloom in a world that cherishes and safeguards them.
@epanchjanya अपना घर छोड़ना किसी के लिए भी आसान नहीं, काबुल पाकिस्तान इंडोनेशिया सब तो छोडकर चले आए, मरना तो ek दिन h, फिर अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ कर क्यूँ नहीं, एक किताब के आगे मानवता हार जाए, जितनी भी ताकत हो लङा जाए
@ajeetbharti "Disqualifying Vinesh Phogat for being a few grams over 50kg raises serious questions about the integrity of our sports administration. This seems like politics at play, and it's a disgrace for the Olympic spirit. Athletes deserve better. #VineshPhogat#Olympics#SportsPolitics"
ओलम्पिक खेलों में ट्रांसजेंडर के नाम पर जो महिलाओं के गेम में हो रहा है, वह आपराधिक है। आज एक इटली की महिला बॉक्सर ने 45 सेकंड्स में ही रिंग छोड़ दिया और कहा कि उसे जिस शक्ति से मुक्के पड़े, जो एक पुरुष एथलीट द्वारा स्वयं को स्त्री कह कर भाग लेने के कारण पड़े, वह उसने कभी नहीं झेला था।
मुझे ट्रांस एथलीट से समस्या नहीं है, जब ओलंपिक में बकलोली ही करनी है तो थर्ड जेंडर के लिए अलग समूह बना दो। ये कितनी विचित्र बात है कि एक भी ट्रांस 'एथलीट' पुरुष वर्ग में भाग नहीं लेता। यदि ले ले तो ऐसे पेला जाएगा कि बाप-बाप करता अपने लिंग को कोसता फिरेगा।
ट्रांस लोगों द्वारा महिला खेलों में घुस कर रिकॉर्ड्स बनाना कुछ वैसा ही है जैसे चीता को बैलों की रेस में उतार कर प्रसन्न होना की इस बैल की रेस में बैलों के पुराने रेस के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त हो गए। #Olympics #Wokelympics
Posting as recieved See the truth of Haridwar's orphanage
Share it so much that this butcher should be punished. Please request to share it. Share it so much in the whole country that it reaches every mobile in India.
@PMOIndia@pushkardhami@DM_DEOHaridwar
@Krishan88701400@ocjain4 Ager uss lady k हाथ में gun hoti तो, Jis tarah चीन और Russia sirf apni country पर ध्यान देते हैं, वैसा ही होना होगा present government को, ताकि देशद्रोह करने की कोई ना सोचे. CAA protest,kissan आंदोलन,Red fort per तिरंगे का अपमान sab kuch sah liya.Ab और नहीं
मोदी जी!
1000 वर्ष की परतंत्रता में जीकर देश का जनमानस अराजकता, शोषण, अत्याचार एवं भ्रष्टाचार में सुख की अनुभूति करती है।
नेहरू जन विरोधी था, जनता ने बार-बार चुना। इंदिरा आपातकाल लगाकर भी चुनाव जीत गई। मुलायम गोली चलवाकर भी जीते।
आप भी तानाशाह क्यों नहीं बनते मोदी जी! भारत, भारतीय सभ्यता, सनातन संस्कृति को बचाना है तो आपको तानाशाह बनना पड़ेगा।
विदेशी शक्तियों के साथ मिलकर कांग्रेस एवं उसके पिछलग्गू दल तथा इस्लामी भारत को नष्ट करना चाहते हैं।
अभी समय है, बन जाइए तानाशाह। रूस एवं चीन के समान देश बचाने एवं बढ़ाने में लगिए। भारत के मानसिक परतंत्रों को लट्ठ एवं कठोरता से ही मार्ग पर लाया जा सकता है। कठोर बनिए।