EXCLUSIVE 🔥
देश के साथ सबसे बड़ा सरकारी धोखा!
मंचों से 'आत्मनिर्भरता' और 'मेक इन इंडिया' का ढोल पीटने वाले तंत्र का असली सच जमीनी हकीकत दावों से बिल्कुल उलट है।
देश के वाणिज्य मंत्री मंच से कहते हैं कि भारतीयों में देशभक्ति की कमी है इसलिए वे चीनी सामान खरीदते हैं।
लेकिन हकीकत यह है कि सरकार खुद देश की महारत्न कंपनियों भेल और सेल को चीन से सामान खरीदने की छूट दे रही है।
जून 2026 में चार बड़ी चीनी कंपनियों को भारत के बिजली प्रोजेक्ट्स में टेंडर भरने की हरी झंडी दी जाती है, यानी कागजों पर चीनी पाबंदियों का ढोंग है और अंदरखाने उनके लिए सारे दरवाजे खुले हैं।
कागजों पर पाबंदियों का ढोंग है, जबकि अंदरखाने चीनी कंपनियों को पावर प्रोजेक्ट्स से लेकर हर जगह टेंडर बांटे जा रहे हैं।
अस्पतालों के ICU से लेकर सेना के ड्रोन्स तक, सिर्फ 'मेड इन इंडिया' का स्टीकर चिपकाकर चीनी हार्डवेयर और जासूस IP एड्रेस सिस्टम में उतारे जा रहे हैं।
असली दिक्कत सिर्फ उपकरणों की नहीं, बल्कि उस मानसिकता की है जो ग्लोबल सप्लाई चेन में चीन पर अपनी निर्भरता खत्म ही नहीं करना चाहती।
जब तक कच्चा माल और तकनीक चीन से आएगी, तब तक 'आत्मनिर्भरता' सिर्फ भाषणों का नारा बनकर रह जाएगी।
देशभक्ति के टेस्ट में जनता को खड़ा करने वाली सरकार ख़ुद इस टेस्ट में फेल हो चुकी है।
सरकार जनता को 'लोकल' का पाठ पढ़ाती है, लेकिन जब खुद कागजी रीलेबलिंग के जरिए चीन को पाल रही है।
ऐसे में देश की सुरक्षा और लोकल उद्योगों का भगवान ही मालिक है।
मोदी+आरएसएस+विदेशी फंडिंग= 12 साल?
◆प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1993 में जिस US फंडेड ACYPL से ट्रेनिंग लेते हैं उसका मकसद मात्र अमेरिकी हितों के लिए नेताओं को ट्रेनिंग देना है।
◆ मोदी 2002 में मुख्यमंत्री बनते हैं और ठीक 1 साल बाद ACYPL को 2003 में भाजपा के दिल्ली मुख्यालय में निमंत्रित किया जाता है।
◆ 2011 में फोर्ड फाउंडेशन की मदद से देश में IAC और उसके समकक्ष भी बहुत से आंदोलन खड़े किए जाते हैं जिससे UPA की छवि खराब होती है और मोदी 2014 में प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंच पाते हैं और अरविंद केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री बन जाते है।
◆ 2014 के बाद से अब तक लगातार आरएसएस और उससे जुड़ी संस्थाएं अरबों रुपये हर साल विदेशी फंड प्राप्त कर रहे हैं जिसकी पारदर्शिता गायब है।
ये कोई कल्पित कहानी नहीं है.. कड़वे तथ्य हैं जो चिखचिखकर बता रहे हैं कि विदेशी मदद किसके साथ है।
कल से DAILY मार्केट UPDATE नहीं देंगे… 🙏
इतना सब कुछ शेयर करने के बावजूद मुश्किल से 50–60 लाइक और 10 रिएक्शन मिलते हैं।
हमने पहले से डेट्स, लेवल्स और मार्केट की दिशा बताई, पर्सनल डिस्क्लोजर भी दिया। फिर भी अगर यही रिस्पॉन्स है, तो ठीक है जी… अब आगे पोस्टिंग कम करेंगे।
किसी ने भी इतनी एडवांस में डेट्स, लेवल्स और अपनी खरीदारी का खुलासा नहीं किया, जितना हमने किया है।
चलो जी, आनंद करो! 🙏
माता रानी की कृपा बनी रहे। जहाँ से आपको अच्छा मिलता है, उन्हीं को फॉलो करें।
अब आगे प्रभु की इच्छा से ही पोस्ट करेंगे।
जय माता दी 🙏
GANN HIDDEN
देश नहीं बिकने दूंगा" का नारा था... आज देश की हर संपत्ति नीलाम हो रही है!
लाखों युवा सालों से सरकारी नौकरियों का इंतज़ार कर रहे हैं, पर भर्ती नहीं निकलती।
जो Public Sector देश का सहारा थे, उन्हें एक-एक करके बेचा जा रहा है।
अब IDBI बैंक का निजीकरण कर दिया गया और उसके कर्मचारी आज अपने हक के लिए सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं!
आम नागरिक को सड़क पर लाकर खड़ा करने वाली यह नीतियां देश को कहाँ ले जा रही हैं?
#IDBINotForSale #IDBIBank #IDBIBankEmployeesOnStrike #idbiscam
मैं नरेंद्र मोदी को सीधे तौर पर 2002 के दंगों, हरेन पंड्या (जो उस समय गुजरात राज्य के गृह मंत्री थे) की हत्या, और गुजरात में नरेंद्र मोदी की रक्षा करने के नाम पर हुई अनगिनत न्यायेतर हत्याओं (एक्स्ट्राज्यूडिशियल किलिंग्स) से जोड़ रही हूँ। वह सारा सबूत 2011 में सुप्रीम कोर्ट में एक शपथ पत्र (एफिडेविट) के रूप में जमा किया गया था—जो इस व्यक्ति पर उसके द्वारा किए गए सभी जघन्य अपराधों के लिए मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त था।
👉सुनिए ये बेटी क्या कहती है !
लेकिन हम भारत में रहते हैं, उस नए भारत में जहाँ बलात्कारी, नरसंहार करने वाले, षड्यंत्रकारी, नफरत फैलाने वाले और लिंचिंग करने वाले बेखौफ घूम सकते हैं, लेकिन एक ईमानदार और सीधा अधिकारी या एक ईमानदार और सीधा व्यक्ति निष्पक्ष सुनवाई नहीं पा सकता। हम ऐसे भारत में रहते हैं जहाँ 2002 के दंगों में नरेंद्र मोदी की भूमिका के लिए उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के पर्याप्त सबूत होने के बावजूद, वह व्यक्ति न केवल बेखौफ घूमता है, बल्कि देश के सर्वोच्च पद का आनंद लेता है।
न्यायपालिका—लंबे समय से देश के बाहर के लोग हमेशा यह मानते आए हैं कि भारतीय न्यायपालिका एक मजबूत प्रणाली है; लेकिन यह नहीं है। भारतीय न्यायपालिका को पिछले कुछ सालों से, ऊपर से नीचे तक, सुनियोजित तरीके से कमजोर किया गया है। यह न्यायपालिका राजनीतिक जोड़ी अमित शाह और नरेंद्र मोदी के इशारे पर काम करती है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि:
✔️ मोदी को उनके द्वारा किए गए किसी भी अपराध से बरी कर दिया जाए।
✔️ यह सुनिश्चित किया जाए कि जिस किसी व्यक्ति में इस व्यवस्था के खिलाफ खड़े होने की हिम्मत रही है, उसका उत्पीड़न किया जाए, उसे चुना जाए और सलाखों के पीछे डाला जाए ताकि उनकी आवाज कभी न सुनी जा सके।
देश के भीतर हर संवैधानिक और स्वतंत्र निकाय का सुनियोजित तरीके से अपमान किया गया है। पिछले कुछ वर्षों में, 2011 में, जब मेरे पिता ने भारत के सर्वोच्च न्यायालय में शपथ पत्र (एफिडेविट) प्रस्तुत किया, तो उन्हें तुरंत निलंबित कर दिया गया। जब नरेंद्र मोदी 2014 में भारत के प्रधानमंत्री बने, तो मेरे पिता को निलंबित कर दिया गया—मेरे पिता को ड्यूटी से बर्खास्त कर दिया गया। इसलिए, यदि उन्हें निलंबित करना, उन्हें ड्यूटी से बर्खास्त करना, हमारे घर को तोड़ना, 2002 से लेकर आज तक जीवन पर लगातार खतरा, हमारे घर पर बुलडोजर चलाना, हमारे कार्यालयों पर बुलडोजर चलाना—यदि यह सब काफी नहीं था, तो 2018 में यह सुनिश्चित करने के लिए कि एक बार और हमेशा के लिए गुजरात का अध्याय बंद हो जाए और कभी न खुले, ताकि 2002 के नरसंहार में राज्य की मिलीभगत की भूमिका और कार्रवाई के एकमात्र जीवित गवाह उस एक व्यक्ति की विश्वसनीयता को नष्ट किया जा सके, मोदी सरकार ने 5 सितंबर 2018 की सुबह-सुबह मेरे पिता को 30 साल पुराने मामले में पूछताछ करने के बहाने उठा लिया—एक ऐसा मामला जो कल्पना और फिक्शन की मनगढ़ंत कहानी के अलावा कुछ नहीं था, और मेरे पिता को एक दूषित, स्पष्ट रूप से दूषित मुकदमे के माध्यम से आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई, जहाँ हमें अपना बचाव करने की अनुमति नहीं दी गई, जब उनकी उपस्थिति की अनुमति नहीं दी गई, और उन्हें एक ऐसे अपराध के लिए आजीवन कारावास के लिए जेल में फेंक दिया गया जो उन्होंने किया ही नहीं था।
उनका एकमात्र अपराध यह था कि वे राजनीतिक दबाव के आगे नहीं झुके, कि वे 2002 के दंगों के सभी पीड़ितों के लिए न्याय की लड़ाई लड़ते रहे और आज भी लड़ रहे हैं।
अब साढ़े चार साल हो चुके हैं, और मेरे पिता अभी भी जेल में सड़ रहे हैं। साढ़े चार साल से हम दर-दर भटक रहे हैं, अदालत से अदालत जा रहे हैं, ताकि अदालत में एक निष्पक्ष दिन मिल सके। लेकिन मोदी के भारत में अदालत में एक निष्पक्ष दिन पाना ईमानदार और सीधे लोगों को मिलने वाली विलासिता नहीं है।
इसलिए, 21 साल बीत जाने के बाद, जबकि मेरे पिता की नरसंहार के पीड़ितों के लिए न्याय की लड़ाई जारी है, साढ़े चार साल बीत जाने के बाद, मेरे पिता के लिए न्याय दिलाने की हमारी लड़ाई जारी है। हम लहूलुहान हो सकते हैं और हमें चोटें पहुँच सकती हैं, और यह एक बहुत लंबी लड़ाई रही है—एक ऐसी लड़ाई जिसने हर कदम पर खून बहाया है, ऐसे बलिदान जो मैंने उन्हें अपने पूरे जीवन में देते हुए देखा है।
हम अभी भी लड़ते हैं, वह अभी भी पूरी तरह फिट रहकर लड़ते हैं। यह एक लंबी और ऊपर की ओर चढ़ाई वाली कठिन लड़ाई है, लेकिन जैसा कि वह हमेशा कहते हैं कि हम विरोध करेंगे, हम डटे रहेंगे, और हम जीत हासिल करेंगे, और इस बात को लेकर वह निश्चित हैं। यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है और यह तब तक खत्म नहीं होगी जब तक अपराधियों को न्याय के कटघरे में नहीं लाया जाता।
धन्यवाद।
NIFTY – IMPORTANT INTRADAY UPDATE
10:20 AM and 1:10 PM are the most important time windows today. We will also share live timings and possible trading opportunities during the session.
The market may cross an important resistance through a gap-up opening. However, some dips or profit booking may follow.
Support Zone: 22,900–23,000
Long Opportunity: Around this zone, with SL at 22,770.
My expectation is 23,450 spot, either after witnessing some dips or through a direct upward move.
On the upside, wait for the market to cool down before taking fresh positions. Do not chase the market at higher levels.
#Nifty50 #astrology #technical #stockmarket
साल 2003 से 2008 तक देश में जितने भी बम ब्लास्ट हुए थे उसमें राष्ट्रीय समलैंगिक संघ और विश्व हिन्दू परिषद का हाथ था ये हम नहीं खुद चड्डी गैंग का वर्षों पुराना सदस्य बोल रहा है आप सभी खुद सुनिए 🤔🤔🤔🤔
बड़ी ख़बर 🔥
रिलायंस और मुकेश अंबानी को चीन का बड़ा झटका....
सोलर सेल बनाने वाली फैक्ट्री को तकनीक, साज़ो-सामान और कच्चे माल देने से चीनी पार्टनर ने हाथ पीछे खींच लिये हैं।
गुजरात में 5 हज़ार एकड़ ज़मीन, जिसमें हर घंटे 40 गीगावाट बिजली बनाने वाली सोलर बैटरी के निर्माण का प्लांट, जिसे रिलायंस ने स्थापित करने की योजना को मूर्तरूप देने की घोषणा 2025 में की थी, 75 हज़ार करोड़ का यह पूरा प्रोजेक्ट था।
रिलायंस ने सिर्फ़ हेडलाइंस तैयार कीं, परन्तु स्वीडन की कंपनी नॉर्थवोल्ट के हश्र से सबक नहीं लिया, जिसमें निवेशकों ने 13 बिलियन डॉलर लगाये थे और चीन के हाथ पीछे खींचते ही वह डूब गयी।
अब यही खतरा रिलायंस के सामने मंडरा रहा है। रिफाइनरी चलाने और सोलर सेल बनाने में ज़मीन-आसमान का फ़र्क है, निवेशकों की बड़ी पूंजी डूबने का ख़तरा है।
रिलायंस अभी भी दावे कर रहा है, लेकिन 40 गीगावाट के बदले केवल 200 मेगावाट बिजली बन सकी।
रिलायंस इसे टेस्ला की फैक्ट्री जैसा बता रहा है, लेकिन सिर्फ़ लक्ष्य बताया जा रहा है, आउटपुट गायब है।
सोलर सेल और बैटरी की यह फैक्ट्री, जिसका पूरा आकार 5 लाख एकड़ ज़मीन पर होगा, यह बिजली दिन की धूप में बनेगी, लेकिन शाम को उत्पादन नहीं होगा। दिन में यह बिजली किसी काम नहीं आयेगी, पीक आवर्स में मिलेगी ही नहीं।
अभी भी हमारा देश लिथियम-आयन बैटरी का 100% आयात करता है। सारे सरकारी दावे और कॉर्पोरेट घरानों के सारे ख़्वाब झूठे हैं।
बिना वैज्ञानिक कुशलता के केवल पूंजी से आप तरक्की नहीं कर सकते, इस सच को स्वीकारने की हिम्मत दिखानी होगी।
इसी बिजली को स्टोर करने के लिए नयी एडवांस बैटरी चाहिये, जो इस बिजली को स्टोर कर सके और पीक आवर्स में उपयोग की जा सके, लेकिन बिना चीन के सहयोग यह संभव नहीं।
लाखों एकड़ ज़मीन पर चलने वाली यह योजना गड्ढे में फंस गयी है, निवेशक घबराये हुए हैं, असली खबर दबायी जा रही है।
हम तकनीक में चीन पर कितने निर्भर हैं, सरकार हमारे कॉर्पोरेट घरानों को संरक्षण दे रही है, जो सही कॉम्पिटिशन और निर्माण के लायक नहीं हैं।
🔭 GANN HIDDEN SECRET | IMPORTANT UPCOMING DATES
📌 3rd–5th November: These are important dates where we may witness a significant market move emerging.
📌 30th October: Jupiter is set to change signs, which, according to our astrological analysis, may have a notable impact on Gold.
📌 Around 3rd November: An important aspect between Jupiter and Venus is also worth watching closely.
Hopefully, these planetary developments bring some positive changes and a better world for everyone. 🙏
In Hindi :-
📌 3–5 नवंबर: ये महत्वपूर्ण तारीखें हैं, जिनके आसपास मार्केट में एक बड़ा मूव उभरता हुआ दिखाई दे सकता है।
📌 30 अक्टूबर: बृहस्पति (Jupiter) अपनी राशि परिवर्तन करेगा, जिसका हमारे ज्योतिषीय विश्लेषण के अनुसार Gold पर महत्वपूर्ण प्रभाव देखने को मिल सकता है।
📌 लगभग 3 नवंबर: बृहस्पति और शुक्र (Jupiter–Venus) के बीच बनने वाला महत्वपूर्ण एस्पेक्ट भी विशेष रूप से नजर रखने योग्य है।
#planetlord #astrology #StockMarket #prediction #gann
Can you believe it? The documentary that was slapped with a court “gag order” has reportedly crossed 100 MILLION views!
Do gag orders actually work-or do they simply make people more curious about what they’re being told not to watch?
The Streisand Effect in action!
The Indian government and Adani’s actions against my fundamental right to free speech have awakened a sleeping giant.
I’m exploring international legal action to challenge what I consider reprehensible conduct.
If you’ve been wronged by the government or its cronies, share your grievances below. Let the world hear your stories.
देश का प्रधानमंत्री नटवरलाल का भी बाप निकला कोरोना कल में देश की जनता से अपील किया जनता को राहत पहुंचाने के लिए पीएम केयर फंड में दान दीजिए कीजिए विदेश से सरकारी कर्मचारियों ने बड़े-बड़े उद्योगपतियों ने फिल्मी स्टार ने पीएम केयर फंड में चंदा दिया प्रधानमंत्री मोदी ने इसे पर्सनल केयर फंड बना लिया कोई इस पीएम केयर फंड का हिसाब नहीं मांग सकता है ना कोई पूछ सकता है कितना पैसा है इसमें कितना बड़ा शातिर दिमाग है इस ठग का पहले ठग नटवरलाल इतना बड़ा साथी दिमाग वाला नहीं था यह तो नटवरलाल के बाप का आप निकल गया पूरा पीएम केयर का पैसा हजम कर गया