चलो जंतर मंतर, 10 अक्टूबर।
अंग्रेज़ी हुकूमत घर बैठे नहीं उखड़ी थी। सड़क पर उतरना पड़ा, आंदोलन करना पड़ा, बलिदान देना पड़ा।
आज की तानाशाही और ��ोट चोर हुकूमत भी ऐसे ही नहीं हटेगी। चुप रहोगे तो ये और कुचलेंगे। आज वोट का अधिकार छीन रही है। कल तुम्हारी आज़ादी भी पे भी ये तानाशाही सरकार रोक लगा देगी ॥
लोकतंत्र तभी बचेगा जब लोग लोकतंत्र बचाने के लिए सड़क पर आएँगे।
10 अक्टूबर, जंतर मंतर।
चलो जंतर मंतर, 10 अक्टूबर।
अंग्रेज़ी हुकूमत घर बैठे नहीं उखड़ी थी। सड़क पर उतरना पड़ा, आंदोलन करना पड़ा, बलिदान देना पड़ा।
आज की तानाशाही और वोट चोर हुकूमत भी ऐसे ही नहीं हटेगी। चुप रहोगे तो ये और कुचले���गे। आज वोट का अधिकार छीन रही है। कल तुम्हारी आज़ादी भी पे भी ये तानाशाही सरकार रोक लगा देगी ॥
लोकतंत्र तभी बचेगा जब लोग लोकतंत्र बचाने के लिए सड़क पर आएँगे।
10 अक्टूबर, जंतर मंतर।
ज्ञानेश कुमार ने नरेंद्र मोदी के लिए SIR में ड���राफ्ट लिस्ट से करीब 13 करोड़ नाम हटाए । देश के प्रधान मंत्री को ईमानदार कहना बंद करो अगर नरेंद्र मोदी ईमानदार होते तो ज्ञानेश कुमार से वोट चोरी ना करवाते ॥
विपक्ष ज्ञानेश कुमार पर “वोट चोरी” का आरोप लगा रहा है। आयोग और सरकार इनकार कर रहे हैं। आरोप और जवाब दोनों जनता के सामने होने चाहिए — ज्ञानेश कुमार का इस्तीफ़ा होना चाहिए ॥
ज्ञानेश कुमार ने नरेंद्र मोदी के लिए SIR में ड्राफ्ट लिस्ट से करीब 13 करोड़ नाम हटाए । देश के प्रधान मंत्री को ईमानदार कहना बंद करो अगर नरेंद्र मोदी ईमानदार होते तो ज्ञानेश कुमार से वोट चोरी ना करवाते ॥
विपक्ष ज्ञानेश कुमार पर “वोट चोरी” का आरोप लगा रहा है। आयोग और सरकार इनकार कर रहे हैं। आरोप और जवाब दोनों जनता के सामने होने चाहिए — ज्ञानेश कुमार का इस्तीफ़ा होना चाहिए ॥
मोदी का विरोध करना देश का विरोध नहीं है।
लोकतंत्र में सरकार और प्रधानमंत्री की आलोचना नागरिक का अधिकार है, देशद्रोह नहीं। नीति, फैसला, भाषण या प्रशासन पर सवाल उठाना संविधान के दायरे में आता है।
जय हिन्द जय संविधान जय भीम ।
मोदी का विरोध करना देश का विरोध नहीं है।
लोकतंत्र में सर���ार और प्रधानमंत्री की आलोचना नागरिक का अधिकार है, देशद्रोह नहीं। नीति, फैसला, भाषण या प्रशासन पर सवाल उठाना संविधान के दायरे में आता है।
जय हिन्द जय संविधान जय भीम ।
ञानेश कुमार तो मोहरा है असली खिलाड़ी अमित शाह और नरेंद्र मोदी है ॥ इस्तीफ़ा होना चाहिए इन दोनों का ।
देश जानता के वोट से चुनें पीएम से नहीं बल्कि देश वोट चोरी करके चुनें पीएम से चल रहा है ॥ इस लिए ये मनमानी कर रहे हैं ॥ इनको देश के वोटर का डर नहीं है ॥
100% देश का प्रधानमंत्री ILLEGAL है ॥
ञानेश कुमार तो मोहरा है असली खिलाड़ी अमित शाह और नरेंद्र मोदी है ॥ इस्तीफ़ा होना चाहिए इन दोनों का ।
देश जानता के वोट से चुनें पीएम से नहीं बल्कि देश वोट चोरी करके चुनें पीएम से चल रहा है ॥ इस लिए ये मनमानी कर रहे हैं ॥ इनको देश के वोटर का डर नहीं है ॥
100% देश का प्रधानमंत्री ILLEGAL है ॥
भारत की अधिकतर आबादी नरेंद्र मोदी को वोट नहीं करती तो फिर चुनाव में जीत कैसे मिलती हैं ।
सब ज्ञानेश कुमार का खेल है । गिरफ्तारी होनी चाहिए । जाँच होनी चाहिए ।
भारत की अधिकतर आबादी नरेंद्र मोदी को वोट नहीं करती तो फिर चुनाव में जीत कैसे मिलती हैं ।
सब ज्ञानेश कुमार का खेल है । गिरफ्तारी होनी चाहिए । जाँच होनी चाहिए ।
मैं कांग्रेस से इसलिए प्रभावित हूँ । क्यूँकि कांग्रेस ने दलितों ग़रीब लोगों के हाथ में घंटा थाली नहीं बल्कि पेन किताब पकड़ाई ॥
मेरे विचार जिन को बुरा लगे वो ताली थाली और घंटा बजाये ॥
मैं कांग्रेस से इसलिए प्रभावित हूँ । क्यूँकि कांग्रेस ने दलितों ग़रीब लोगों के हाथ में घंटा थाली नहीं बल्कि पेन किताब पकड़ाई ॥
मेरे विचार जिन को बुरा लगे वो ताली थाली और घंटा बजाये ॥
देश को परिवार कहना बंद करो।
सच्चा परिवार हिंदू-मुस्लिम में नहीं बाँटा जाता। दलितों-मुस्लिमों को गाली देने वाले, परिवार का नाटक बंद करो।
जय भीमजय संविधान जय हिन्द
देश को परिवार कहना बंद करो।
सच्चा परिवार हिंदू-मुस्लिम में नहीं बाँटा जाता। दलितों-मुस्लिमों को गाली देने वाले, परिवार का नाटक बंद करो।
जय ���ीमजय संविधान जय हिन्द
दर्द आरक्षण का नहीं बल्कि उची जाति के सामने नीचे बैठने वाला नीच दलित चमार पढ़ लिख कर अच्छा खा पहन कैसे रहा है आरक्षण की वजह से डॉक्टर वकील इंजीनियर की कुर्सी पर कैसे बैठ गया दर्द इस बात का है॥
इस लिए ये आरक्षण को खत्म कर के पुरानी परंपरा लाना चाहते हैं ॥ इन्हें रोकने के लिए दलितों को बाबा साहेब की संविधान की किताब को अपनी धार्मिक ��ान कर पढ़ना सीने से लगा कर रखना चाहिए ॥
जय भीम जय हिन्द जय संविधान
दर्द आरक्षण का नहीं बल्कि उची जाति के सामने नीचे बैठने वाला नीच दलित चमार पढ़ लिख कर अच्छा खा पहन कैसे रहा है आरक्षण की वजह से डॉक्टर वकील इंजीनियर की कुर्सी पर कैसे बैठ गया दर्द इस बात का है॥
इस लिए ये आरक्षण को खत्म कर के पुरानी परंपरा लाना चाहते हैं ॥ इन्हें रोकने के लिए दलितों को बाबा साहेब की संविधान की किताब को अपनी धार्मिक मान कर पढ़ना सीने से लगा कर रखना चाहिए ॥
जय भीम जय हिन्द जय संविधान
गले से मटका कमर से झाड़ू हटा कर मुझे अछूत से इंसान बनने के लिए शुक्रिया अंबेडकर ॥
शिक्षा का मार्ग दिखाने के लिए शुक्रिया अंबेडकर ।
जाति भेद भाव ब्राह्मणवाद से मुक्त करने के लिए शुक्रिया अंबेडकर ।
संविधान का सहारा दिया, जाति की बेड़ियां काट दीं।
बाबासाहेब… आज भी आंख���ं नम हैं, दिल भर आया है।
शुक्रिया… हमेशा शुक्रिया।
जय भीम 🙏 जय संविधान
गले से मटका कमर से झाड़ू हटा कर मुझे अछूत से इंसान बनने के लिए शुक्रिया अंबेडकर ॥
शिक्षा का मार्ग दिखाने के लिए शुक्रिया अंबेडकर ।
जाति भेद भाव ब्राह्मणवाद से मुक्त करने के लिए शुक्रिया अंबेडकर ।
संविधान का सहारा दिया, जाति की बेड़ियां काट दीं।
बाबासाहेब… आज भी आंखें नम हैं, दिल भर आया है।
शुक्रिया… हमेशा शुक्रिया।
जय भीम 🙏 जय संविधान
मैं अपने अस्तित्व पर गर्व महसूस करती हूँ कि मैं एक दलित हूँ।बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर मेरे भगवान हैं।
अगर वो न होते, तो आज मेरी जैसी लड़की इस मुकाम तक कभी नहीं पहुँच पाती। देश की महिलाये सुरक्षित है और शिक्षित है ये बाबा साहब की देन है ॥
उनकी शिक्षा, संघर्ष और संविधान ने हमें आवाज़ दी, हक दिया और सिर ऊँचा करके जीने का साहस दिया।
आज जो भी मैं हूँ, उन्ही की देन है।
जय भ��म। जय संविधान। ही मेरा नारा है ॥