मेरी मां अब सशरीर इस दुनिया में नहीं है, उसका राजनीति से भी कोई लेना-देना नहीं था। फिर भी जिस प्रकार उसे भद्दी गालियां देकर अपमानित किया गया, उसका दुख-दर्द मुझे बिहार की माताओं-बहनों और बेटियों के आंसुओं में साफ नजर आया।
A cobra sits on the Shivling in the ashram, enjoying its energy. On Nagpanchami, the nag (cobra) rejoices in its rightful place. The whole Nature celebrates Shiv Bhakti.