@RLPINDIAorg सुप्रीमो, नागौर सांसद, न्याय की गारंटी, किसान - जवान - दलित - शोषित - पीड़ित की एकमात्र आवाज और उम्मीद माननीय श्री @hanumanbeniwal जी को जन्मदिन की बहुत बहुत शुभकामनाएं।
श्री वीर तेजाजी महाराज की कृपा सदैव आप पर बनी रहे।
#HappyBirthdayBOSS
हमारे प्रदेश राजस्थान के कोटा की बेटी अरुंधति चौधरी ने राष्ट्रमंडल खेलों की 70 किलोग्राम बॉक्सिंग स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर राजस्थान और देश का नाम गौरवान्वित किया है और विश्व मंच पर तिरंगे की शान को और ऊँचा किया है।
यह सफलता देश की बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
अरुंधति चौधरी को उज्ज्वल भविष्य के लिए अनंत शुभकामनाएँ।
🇮🇳 जय हिंद!
#CommonwealthGames #CWG2026
कारगिल विजय दिवस केवल एक सैन्य विजय का स्मरण नहीं, बल्कि भारत माता की रक्षा के लिए अपने प्राणों की सर्वोच्च आहुति देने वाले वीर सपूतों के अदम्य साहस, शौर्य, त्याग और राष्ट्रभक्ति को नमन करने का पावन अवसर है।
कारगिल की दुर्गम चोटियों पर हमारे जांबाज़ सैनिकों ने अपने अद्वितीय पराक्रम से यह सिद्ध किया कि भारत की एक-एक इंच भूमि की रक्षा के लिए हमारा सैनिक किसी भी बलिदान से पीछे नहीं हटता।
आज कारगिल विजय दिवस के अवसर पर हम उन सभी अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिन्होंने मातृभूमि की आन-बान-शान के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उनका बलिदान सदैव राष्ट्र को प्रेरित करता रहेगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए देशभक्ति का अमिट संदेश बना रहेगा।
जय हिंद!
वंदे मातरम्! 🇮🇳
#कारगिल_विजय_दिवस
देश के शिक्षा मंत्री को नैतिक धर्म निभाते हुए अपना त्याग पत्र पहले ही दे देना चाहिए था सरकार को उन्हें बर्खास्त कर देना चाहिए था ताकि संसद के मानसून सत्र का पहला सप्ताह व्यर्थ नहीं जाता |
प्रदेश के 80 से अधिक सीएचसी-पीएचसी बिना बिजली कनेक्शन के चल रहे हैं। नतीजा यह है कि लाखों रुपये की दवाइयाँ और वैक्सीन खराब हो रही हैं, मरीज इलाज के लिए दर-दर भटक रहे हैं और सरकारी स्वास्थ्य सेवाएँ दम तोड़ रही हैं।
यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि जनता के जीवन के साथ खुला खिलवाड़ है।
पहले प्रसूताओं की मौतों पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री की संवेदनहीनता सामने आई, अब अस्पतालों की यह बदहाल तस्वीर पूरे प्रदेश के सामने है। लगता है भाजपा सरकार का पूरा ध्यान सिर्फ़ विज्ञापनों और इवेंट मैनेजमेंट पर है, जबकि ज़मीनी हकीकत में स्वास्थ्य व्यवस्था वेंटिलेटर पर पड़ी है।
मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp
से पूछना चाहता हूं कि आखिर प्रदेश के गैर जिम्मेदार स्वास्थ्य मंत्री की जवाबदेही कब तय होगी ?
जब अस्पतालों में बिजली नहीं होगी, दवाइयाँ सुरक्षित नहीं रहेंगी तब सरकार किस "बेहतरीन स्वास्थ्य मॉडल" का ढिंढोरा पीट रही है ?
राजस्थान की जनता अब बहाने नहीं, जवाब चाहती है।
@RajCMO
कल दिल्ली में सरकार के इशारे के बाद युवा साथियों पर हुए लाठीचार्ज के बाद न्याय की मांग को लेकर नगीना से सांसद व आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट चंद्रशेखर जी आजाद संसद भवन परिसर में संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव जी अम्बेडकर की मूर्ति के समक्ष धरने पर बैठे है, आज मैं भी उनके पास पहुंचा ,इस दौरान राजस्थान से लोक सभा सांसद श्री राजकुमार जी रोत भी मौजूद रहे |
भारत सरकार को युवाओं पर चली एक - एक लाठी का हिसाब देश को देना होगा,लोकतंत्र में तानाशाही स्वीकार्य नहीं है |
@BhimArmyChief@roat_mla
आज देश की राजधानी दिल्ली में लोकतांत्रिक रूप से अपनी आवाज़ बुलंद कर रहे छात्रों व छात्राओं पर पुलिस द्वारा किया गया लाठीचार्ज बेहद निंदनीय और लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी इस बर्बर कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करती है।
देश का युवा अपने भविष्य, पारदर्शी भर्ती व्यवस्था और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग कर रहा है। यदि सरकार युवाओं की आवाज़ सुनने के बजाय दमन का रास्ता अपनाएगी, तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है। सत्ता के इशारों पर लाठियां चलाकर जनआक्रोश को दबाया नहीं जा सकता।
सरकार को चाहिए कि शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करे, युवाओं की मांगों पर तत्काल संवाद शुरू करे और सिस्टम में बैठे दोषियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करे।
यदि समय रहते सरकार ने युवाओं की पीड़ा को नहीं समझा, तो देशभर में जनआक्रोश और व्यापक लोकतांत्रिक आंदोलन खड़ा होना तय है।
#संसद_मार्च
वर्ष 2014-15 से 2025-26 तक,मोदी सरकार के कार्यकाल में बड़े उद्योगपतियों के ₹7.75 लाख करोड़ के ऋण बट्टे खाते में डाले गए मगर सरकार जनता को उन कॉर्पोरेट घरानों के नाम तक बताने को तैयार नहीं है, आज लोक सभा में मेरे एक प्रश्न का लिखित जवाब देते हुए भारत सरकार के वित्त राज्य मंत्री श्री पंकज चौधरी ने यह स्वीकार किया है कि वर्ष 2014-15 से 2025-26 के बीच सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने बड़े उद्योगों एवं सेवा क्षेत्र से जुड़े उधारकर्ताओं के ₹7.75 लाख करोड़ से अधिक ऋण बट्टे खाते (राइट-ऑफ) में डाल दिए हैं, जबकि इसी अवधि में मात्र लगभग ₹3.10 लाख करोड़ की राशि वसूली हो सकी है। यह आंकड़ा देश की बैंकिंग व्यवस्था और सरकार की आर्थिक नीतियों पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है। एक तरफ किसान, युवा, छोटे व्यापारी और मध्यम वर्ग कुछ हजार या लाख रुपये के ऋण के लिए बैंक नोटिस, कुर्की और कानूनी कार्रवाई का सामना करते हैं, वहीं दूसरी ओर बड़े कॉरपोरेट घरानों के लाखों करोड़ रुपये के ऋण बट्टे खाते में डाल दिए जाते हैं |
सरकार ने सदन में यह भी स्वीकार किया है कि 31 मार्च 2026 तक ₹100 करोड़ या उससे अधिक के बट्टे खाते वाले 1,249 बड़े उधारकर्ता हैं, जिनसे संबंधित कुल राशि ₹4.19 लाख करोड़ है। इसके बावजूद सरकार इन उधारकर्ताओं और कंपनियों के नाम सार्वजनिक करने को तैयार नहीं है |
यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिन बैंकों में देश की जनता अपनी मेहनत की कमाई जमा करती है, उन्हीं बैंकों के हजारों करोड़ रुपये डूबने के बावजूद सरकार पारदर्शिता बरतने को तैयार नहीं है। सरकार ने संसद में स्पष्ट रूप से इन कंपनियों के नाम बताने से इनकार कर दिया और गोपनीयता का हवाला देकर मामले को छिपाने का प्रयास किया।
यदि कोई किसान फसल खराब होने पर अपना ऋण नहीं चुका पाता तो उसे डिफॉल्टर घोषित कर दिया जाता है, लेकिन हजारों करोड़ रुपये के कॉरपोरेट ऋणों के मामले में सरकार और बैंक नरम रुख अपनाते दिखाई देते हैं। यह आर्थिक न्याय और समानता के सिद्धांतों के विपरीत है ।
देश की जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि आखिर किन बड़े उद्योगपतियों और कंपनियों के लाखों करोड़ रुपये बैंकों के बट्टे खाते में डाले गए हैं।
मेरा सरकार से प्रश्न है कि जब किसानों, युवाओं और आम नागरिकों के मामलों में पूरी पारदर्शिता दिखाई जाती है तो बड़े कॉरपोरेट ऋणों के मामले में गोपनीयता का पर्दा क्यों डाला जा रहा है?
#ParliamentSession #MPNagaur #RLP
लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक जनप्रतिनिधि की सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य और केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। यदि किसी जनप्रतिनिधि को सुरक्षा संबंधी खतरे की आशंका हो, तो उसका निष्पक्ष आकलन कर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराना संबंधित एजेंसियों का दायित्व है।
हम राज्य सरकार और केंद्र सरकार से आग्रह करते हैं कि श्री हनुमान बेनीवाल जी की सुरक्षा का समुचित आकलन कर, यदि आवश्यक हो, तो तत्काल प्रभाव से उचित सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी संभावित खतरे को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाए जाएँ।
जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा लोकतांत्रिक मूल्यों और कानून के शासन की रक्षा के लिए आवश्यक है। @RajCMO@PMOIndia@AmitShah@AmitShahOffice@PoliceRajasthan
राजस्थान पुलिस के कुछ अफसरों की हठधर्मिता और दुर्भावनापूर्ण कार्यशैली के चलते मेरी सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पुलिसकर्मी को आज मैने रिजर्व पुलिस लाइन भेज दिया है ।
यह निर्णय केवल मेरी सुरक्षा से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। बिना पुलिस कप्तान वाले नागौर जिले में पुलिस व्यवस्था संभाल रहे अधिकारियों तथा रिजर्व पुलिस लाइन, नागौर के जिम्मेदार कार्मिकों द्वारा जानबूझकर गंभीर बीमारियों से ग्रसित पुलिसकर्मियों को मेरी सुरक्षा ड्यूटी पर लगाना न केवल मेरी सुरक्षा के साथ गंभीर खिलवाड़ है, बल्कि ऐसा प्रतीत होता है कि किसी संभावित अप्रिय घटना अथवा पुलिसकर्मी के स्वास्थ्य संबंधी संकट की स्थिति में मुझे अनावश्यक रूप से जिम्मेदार ठहराकर मेरी सार्वजनिक छवि एवं प्रतिष्ठा को धूमिल करने का सुनियोजित प्रयास किया जा रहा है।
मैंने विस्तृत रूप से केंद्रीय गृह मंत्री श्री @AmitShah व राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp को पत्र लिखकर इस मामले से अवगत करवाया है |
@HMOIndia@RajCMO@PoliceRajasthan
पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय राजधानी जयपुर में शासन सचिवालय के निकट स्थित योजना भवन के बेसमेंट से 2.31 करोड़ रुपये नकद और लगभग 1 किलो सोना बरामद हुआ, इसके बाद जांच हुई, ACB ने DOIT के एक अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया और ED ने भी इस मामले में अलग प्रकरण दर्ज किया,विपक्ष में रहते हुए BJP ने इस मामले को मुद्दा बनाते हुए कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाये मगर सत्ता में आते ही BJP इस मुद्दे पर मौन हो गई |
मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp
से पूछना चाहता हूं कि विपक्ष में रहते हुए भाजपा ने इस मामले को भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा प्रतीक बताया था मगर सत्ता में आने के बाद आपकी सरकार इस मामले को लेकर खामोश क्यों है ?
प्रदेश की जनता सरकार से यह जानना चाहती है कि -
इस नकदी और सोने का असली मालिक कौन था ?
इसके पीछे कौन-कौन लोग थे ?
जांच आखिर किस निष्कर्ष तक पहुंची ?
भाजपा सरकार बनने के बाद इस मामले पर सन्नाटा क्यों छा गया ?
भाजपा सरकार ने आखिरकार किन लोगों को बचाने के लिए इस मामले में चुपी साध ली ?
@dir_ed@RajCMO
एक तरफ़ सरकार “जनता के बीच” होने का दावा करती है, दूसरी तरफ प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp के काफिले के रास्ते में आम लोगों की रोज़ी-रोटी और सुरक्षा कुचल जाती है।
जयपुर में एक युवती का ठेला हटाने की कार्रवाई के दौरान उसके ऊपर खौलता पानी गिरने की खबर बेहद चिंताजनक है।
मुख्यमंत्री का काफिला निकले, इसलिए आमजन का ठेला पलट जाए और एक बेटी खौलते पानी से झुलस जाए, यह किसी भी संवेदनशील शासन के लिए चिंतन का विषय होना चाहिए लेकिन राजस्थान की बीजेपी सरकार की संवेदना शून्य हो चुकी है |
क्या राजस्थान के मुख्यमंत्री बतायेंगे कि इस घटना के लिए जिम्मेदार कौन है और पीड़िता को सरकार क्या मदद करेगी ?
क्या सरकार ऐसे गैर जिम्मेदार पुलिस अफसर और पुलिस कार्मिकों के खिलाफ कार्यवाही करेगी जिन्होंने ऐसी ओछी हरकत की ?
@RajCMO@PoliceRajasthan
प्रिय साथियों,
धौलपुर ,भरतपुर व डीग जिले के जाट समाज को केंद्र में ओबीसी आरक्षण का लाभ दिलवाने से जुड़े मुद्दों और समाज के हितों की रक्षा के लिए कल दिनांक 22 जून 2026 को भरतपुर में जाट आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा आयोजित आरक्षण हुंकार रैली में आप सभी की गरिमामयी उपस्थिति आवश्यक है ।
यह केवल एक सभा नहीं, बल्कि हमारे अधिकारों, सम्मान और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए एकजुट होकर अपनी बात रखने का अवसर है।
आइए, अधिक से अधिक संख्या में कल भरतपुर पहुँचकर समाज की ताकत और एकता का परिचय दें।
आपकी भागीदारी ही जाट आरक्षण संघर्ष समिति को मजबूती प्रदान करेगी।
मुझे भी आरक्षण संघर्ष समिति ने आमंत्रित किया है, मैं कल समर्थकों के साथ भरतपुर जाऊंगा |
"एकता हमारी शक्ति है, अधिकार हमारा संकल्प है।"
📍 स्थान: नुमाइश मैदान,भरतपुर,
समय : सुबह 11:15 बजे से
मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी, बिना पुलिस कप्तान वाले जिले नागौर के श्रीबालाजी थाना क्षेत्र में स्थित मकोड़ी गांव में कुछ बदमाश एक घर में घुसकर मारपीट कर रहे है और नागौर पुलिस अपराधियों में विश्वास और आमजन में डर के नारे को सार्थक करने में लगी है | स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार संबंधित थाने में पीड़ित पक्ष का मुकदमा तक दर्ज करने में आनाकानी की जा रही है ,क्या यही आपकी सरकार का न्याय है ?
सरकार को यदि हक के लिए लड़ने वाले RLP कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमे करने से फुर्सत मिल गई है तो थोड़ा ध्यान ऐसे मामलों पर देने की जरूरत है |
@PoliceRajasthan@RajCMO
मैं प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी से पूछना चाहता हूं कि गांवों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ग्रामीणों पर टैक्स का बोझ डालना ही अच्छे दिन है ?
गांवों में प्रति परिवार से सालाना ₹1200 तक टैक्स वसूलने और लक्ष्य पूरा नहीं होने पर पंचायतों के बजट में 20% कटौती की तैयारी बेहद चिंताजनक है।
आज गांव का किसान महंगी खेती, बढ़ती लागत, बेरोजगारी और महंगाई और कर्जे की मार झेल रहा है। ऐसे समय में सरकार विकास के लिए संसाधन जुटाने के बजाय ग्रामीण परिवारों की जेब पर नया बोझ डालना चाहती है। गांवों का विकास सरकारों की संवैधानिक जिम्मेदारी है। यदि पंचायतों को धन की आवश्यकता है तो केंद्र और राज्य सरकारों को अपने बजट से पर्याप्त सहायता देनी चाहिए लेकिन ग्रामीणों पर नए टैक्स थोपना पूर्ण रूप से अनुचित है | यह फैसला केवल टैक्स का नहीं, बल्कि गांवों की आर्थिक आज़ादी और सम्मान का सवाल है। जिस ग्रामीण भारत ने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया, उसी ग्रामीण भारत को अब राजस्व का साधन बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी इस प्रस्ताव का पुरजोर विरोध करती है |
@PMOIndia@RajCMO@RLPINDIAorg
राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp
से मेरा सवाल है —
एक तरफ आपकी सरकार हक और अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे किसानों, युवाओं और छात्रों पर मुकदमे दर्ज कर उन्हें जेल भेज रही है तथा उनकी गिरफ्तारी पर हार्डकोर अपराधियों की तरह इनाम घोषित कर उनका भविष्य बर्बाद करने पर तुली है।
दूसरी तरफ, प्रमोद शर्मा नामक व्यक्ति, जो स्वयं को आपका रिश्तेदार बताता है और जिसके विरुद्ध गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं, पिछले एक महीने से दिल्ली के सरदार पटेल मार्ग स्थित ताज पैलेस होटल में ठहरा हुआ था, तो क्या आपकी सरकार और राजस्थान पुलिस को इसकी जानकारी थी ?
यदि जानकारी थी तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई, और यदि नहीं थी तो क्यों नहीं?
राजस्थान की जनता जानना चाहती है कि क्या प्रभावशाली लोगों और आम नागरिकों के लिए अलग-अलग कानून हैं, या कानून सबके लिए समान है ?
@RajCMO@PoliceRajasthan
दिवंगत नर्सिंग कार्मिक दीपक के परिजनों व SMS मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर दीपक जी माहेश्वरी ,चिकित्सा शिक्षा आयुक्त श्री बीएल गोयल सहित अन्य अधिकारियों मध्य हुई वार्ता सकारात्मक रही |
मैंने भी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी परिवार की तरफ से दिवंगत की पत्नी व परिजनों को पांच लाख रुपए देने की घोषणा की |
मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी, राजस्थान की जनता आपसे एक सीधा सवाल पूछ रही है। जब किसी आम आदमी पर मुकदमा दर्ज होता है तो पुलिस तुरंत सक्रिय हो जाती है, लेकिन जब मामला प्रमोद शर्मा जैसे व्यक्ति से जुड़ा हो ,जो खुद को आपका रिश्तेदार बताता है तो कानून की रफ्तार धीमी क्यों पड़ जाती है ? जमीन हड़पने, कूट रचित दस्तावेज बनाने और धोखाधड़ी से जुड़े मामले में जब प्रमोद शर्मा पर दर्ज मुकदमे में माननीय हाईकोर्ट ने भी उसे राहत देने से इनकार कर दिया तो आप बताइए,उसकी गिरफ्तारी कब होगी ? और यदि वो पुलिस की पहुंच से बाहर हैं तो क्या सरकार उसकी गिरफ्तारी पर इनाम घोषित करवाने का साहस दिखाएगी ? आपकी सरकार भ्रष्टाचार और अपराध पर जीरो टॉलरेंस की बातें करती है। मंचों से बड़े-बड़े भाषण दिए जाते हैं कि कानून सबके लिए बराबर है। फिर जनता जानना चाहती है कि यह बराबरी सिर्फ विपक्ष और आम लोगों के लिए है या मुख्यमंत्री के रिश्तेदारों पर भी लागू होती है? अगर कोई और व्यक्ति होता तो अब तक कितनी कार्रवाई हो चुकी होती ?
राजस्थान की जनता देख रही है कि सरकार की कथनी और करनी में कितना अंतर है। मैं मुख्यमंत्री जी से पूछना चाहता हूं कि क्या रिश्तेदारी कानून से बड़ी हो गई है? क्या प्रशासन को यह संदेश दिया गया है कि कुछ लोगों को विशेष संरक्षण देना है? अगर ऐसा नहीं है तो फिर कार्रवाई में देरी क्यों?
आज राजस्थान का युवा, किसान और आम नागरिक यह सवाल पूछ रहा है कि आखिर प्रमोद शर्मा को लेकर सरकार का रुख इतना नरम क्यों है ? इसलिए मैं फिर पूछता हूं कि अगर पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर पा रही है तो उनकी गिरफ्तारी पर इनाम कब घोषित करोगे ? या फिर जनता यह समझे कि सरकार रिश्तेदारी निभाने में ज्यादा व्यस्त है और कानून का राज सिर्फ भाषणों तक सीमित है ?
लोकतांत्रिक रूप से ज्ञापन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को ज्ञापन देने गए RLP के कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज करके उनकी गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित कर दिया जाता है मगर प्रमोद शर्मा के लिए कुछ नहीं क्यों ?
क्या प्रमोद शर्मा और उसके जैसे भूमाफियों को कानून से बचने का कोई वीआईपी पास आपने दे रखा है ?
@RajCMO@PoliceRajasthan