What would a nuclear war between India and Pakistan actually look like?
This 28-minute simulation follows one, minute by minute — from a five-kiloton tactical nuclear strike on an Indian tank column in the Cholistan desert, to the phone that rings in New Delhi three minutes later, to the week that follows once nobody is deciding any more.
Everything in it is built from things that exist: India's 2003 nuclear doctrine of no first use and massive retaliation, the four red lines Pakistan's Khalid Kidwai set out in 2002, the Nasr tactical missile, the eight-minute flight from Sargodha to Delhi, the 2019 Rutgers–Colorado nuclear winter study, and the real crisis of May 2025.
Everything except the ending.
0:00 Cold Open
04:10, Day Five 1:20
Chapter 1 · Two Pages 4:26
Chapter 2 · Day Zero 6:39
Chapter 3 · The Four Lines 8:28
Chapter 4 · The Colonel 10:54
Chapter 5 · Seven Minutes 14:33
Chapter 6 · The Phone Call 18:07
Chapter 7 · The Week 22:15
Chapter 8 · After 24:58
Chapter 9 · The Hill
#IndiaPakistan #NuclearWar #IndiaVsPakistan #India #Pakistan #NuclearWeapons #NuclearDeterrence #Geopolitics #Simulation #Documentary #WarIndex
⚡This is a rare video from the Balakot airstrike, showing the moment a MiG-21 crashed in PoK after shooting down an F-16; the first jet is the F-16, and the second is Abhinandan's MiG-21.
This is proof Abhinandan shoot down Pakistani F16 jet
सौरव दास का लाइव टीवी पर हो गया Moye Moye मोमेंट 😂
पत्रकार ने पूछा कि क्या वह खुद को Gen Z का नेता मानते हैं।
@saurav_dassss ने सवाल को पलटकर पत्रकार से ही पूछ लिया— क्या आप मुझे Gen Z का नेता मानते हैं? उन्हें शायद “हाँ” की उम्मीद थी।
लेकिन लाइव टीवी पर जवाब आया— “नहीं, मैं आपको नेता नहीं मानता।”
उस जवाब के बाद उनके चेहरे के हाव-भाव देखिए। 😅
खुद को नेता घोषित करने का दावा एक ही वाक्य में खत्म हो गया।
#SauravDas #GenZ #MoyeMoye #GenZLeader #IndianPolitics
Forever grateful to Virat Kohli for humbling these Pakistani players and their fans, who have been overconfident ever since their fluke win in 2021.
Pakistani Premature celebration.
शिवम त्यागी ने आरजेडी प्रवक्ता प्रियंका भारती को जमकर पेल दिया।
प्रियंका भारती जी ने बार-बार ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग का नाम लेकर चुनावी हार का ठीकरा उन पर फोड़ने की कोशिश की, लेकिन शिवम त्यागी ने सवालों का जवाब सवालों और तर्कों के साथ देने की कोशिश की।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा—
ये वो वाले बच्चे हैं जो अपने पिताजी के पास जाकर कहते हैं—
“पापा, मुझे बारहवीं में फलाना टीचर, ज्ञानेश कुमार ने फेल कर दिया।”
पापा कहते हैं—
“बेटा, तू तो पहली से ही फेल होता हुआ आ रहा है, ये टीचर तो अभी आया है।”
शिवम त्यागी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग का नाम बार-बार लेने से पहले अपनी पार्टी के राजनीतिक इतिहास और संगठन पर भी नजर डालनी चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि अगर चुनावी हार की जिम्मेदारी सिर्फ चुनाव आयोग या किसी एक व्यक्ति की है, तो फिर इतने वर्षों से लगातार चुनावी प्रदर्शन कमजोर क्यों रहा?
उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव अपने आप नहीं जीते जाते। अलग-अलग परिस्थितियों में अलग-अलग कारण होते हैं और विपक्ष को यह भी समझना चाहिए कि जनता उससे जुड़ क्यों नहीं रही है।
आरजेडी के स्थापना दिवस और तेजस्वी यादव के यूरोप दौरे का जिक्र करते हुए शिवम त्यागी ने तंज कसा कि जब बिहार की जनता से वोट मांगना हो तो प्राथमिकताएं भी जनता के बीच दिखाई देनी चाहिए।
इसके बाद उन्होंने चुनाव आयोग और ज्ञानेश कुमार को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर सीधा सवाल किया—
“तथ्यात्मक चीजें तो दोगे ना? लॉजिक तो बताओगे ना?”
उन्होंने कहा कि अगर किसी संस्था पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं तो उसके समर्थन में तथ्य भी सामने रखे जाने चाहिए।
सिर्फ बार-बार यह कह देने से कि
“ये चोर है, ये चोर है, ये चोर है”
कोई व्यक्ति चोर साबित नहीं हो जाता।
इसके लिए तथ्य चाहिए, प्रमाण चाहिए और तर्क चाहिए।
“संविधान खतरे में है”, “आरक्षण खत्म हो जाएगा” जैसे राजनीतिक नैरेटिव पर भी शिवम त्यागी ने सवाल उठाए और कहा कि चुनावी राजनीति में सिर्फ भाषणबाजी और आरोपों से काम नहीं चलता।
उन्होंने यह भी तंज कसा कि अगर चुनाव जीतने की वजह सिर्फ ज्ञानेश कुमार हैं, तो फिर 2014 के बाद से लगातार अलग-अलग चुनावों में जीत-हार के आंकड़ों को कैसे समझाया जाएगा?
“ज्ञानेश कुमार 2025 में आए हैं, तो 2014 से पहले और बाद के चुनावों का हिसाब किसके सिर जाएगा?”
शिवम त्यागी ने “CM चोरी, MLA चोरी, MP चोरी, चंदा चोरी” जैसे आरोपों पर भी तीखा जवाब दिया—
“भाई, चोरी तो तब होगी जब आपके पास कुछ हो।”
उनका कहना था कि लंबे समय से सत्ता से बाहर रहने के बावजूद हर राजनीतिक असफलता के लिए किसी दूसरे को जिम्मेदार ठहराना समाधान नहीं है।
उन्होंने आरजेडी के राजनीतिक संगठन और जनता से जुड़ाव पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि केवल भाषणबाजी से चुनाव नहीं जीते जाते।
जनता से जुड़ना पड़ता है, संगठन मजबूत करना पड़ता है और अपनी राजनीतिक प्राथमिकताओं पर भी ध्यान देना पड़ता है।
सबसे बड़ा तंज करते हुए शिवम त्यागी ने कहा—
“आप जैसे प्रवक्ता रहे तो 25 साल और नहीं आएगी, क्योंकि जनता आपसे कनेक्ट नहीं करती।”
और आखिर में यूरोप दौरे को लेकर कटाक्ष—
“बर्थडे यूरोप में मनाओगे और बिहार से वोट मांगोगे तो कैसे चलेगा?”
अब सवाल सीधा है—
क्या हर चुनावी हार के लिए चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराने के बजाय राजनीतिक दलों को अपनी रणनीति, संगठन और जनता से जुड़ाव पर भी आत्ममंथन नहीं करना चाहिए?
#ShivamTyagi #RJD #PriyankaBharti #GyaneshKumar #BiharPolitics
@ShivamSanghi12
🚨 TALK BIG, GET CAUGHT BIG 😂
Before custody: "Modi is fascist. I’ve been molested. RSS and BJP is filled with rapists.
After getting out: These policewomen are so fat, even I can run faster than them. They work for us. They came wearing uniforms from Amazon.
Then she challenged them: They can’t catch me.
One minute later: CAUGHT. 😂😂😂