बड़ी खबर!
कुछ मिनट पहले रांची में झारखंड विधानसभा के बाहर JPSC और JSSC अभ्यर्थियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
ये तब हुआ जब राहुल गांधी ने पहले ही छात्रों पर लाठीचार्ज की निंदा की थी।
क्या राहुल गांधी अपनी गठबंधन सरकार के इस एक्शन के लिए माफी मांगेंगे?
या कैमरे पर आकर लोगों को मुर्ख बना रहे हैं..??
🚨 बड़ी खबर!
झारखंड विधानसभा के बाहर JPSC और JSSC अभ्यर्थियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
यह सब राहुल गांधी के उस बयान के बावजूद हुआ जिसमें उन्होंने छात्रों पर लाठीचार्ज की निंदा की थी।
=> क्या राहुल गांधी अपनी गठबंधन सरकार की इस कार्रवाई के लिए माफी मांगेंगे?
ये छात्रों को रोकने की तैयारी नहीं, INDI गठबंधन सरकार का डर और तानाशाही वाली सोच दिखाती तस्वीर है।
JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के विधानसभा मार्च को रोकने के लिए लगाए गए ये बैरिकेड और कंटीले तार व्यवस्था नहीं, बल्कि सरकार के डर की निशानी हैं। जो सरकार अपने हक की बात कर रहे छात्रों से डर जाए, उसकी नीयत और आत्मविश्वास, दोनों पर सवाल उठते हैं।
याद रखिए, कंटीले तार रास्ते रोक सकते हैं... लेकिन अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे झारखंड के युवाओं के हौसले नहीं।
अमन चोपड़ा पर झारखंड पुलिस ने #FIR कर दी है। पत्रकारों को पुलिस के जाल में फँसाने की कोशिश करने से बेहतर होता कि, @HemantSorenJMM छात्रों की मांग मानकर #CBI जांच का एलान करते।
ICU में भर्ती छात्र के बेड पर बैठने को लेकर पत्रकार अमन चोपड़ा पर सुरक्षा मानकों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज!
इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं कि झारखंड में छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई के बीच एक बीमार छात्र से मिलने पर इतनी सख्ती क्यों, जबकि अन्य गंभीर घटनाओं पर वैसी तत्परता क्यों नहीं दिख रही।
झारखण्ड में चल रहे छात्रों के आंदोलन को मीडिया कवरेज करना इतना बड़ा अपराध है कि पुलिस ने अमन चोपड़ा को पुलिस स्टेशन में बैठा लिया है |
हिंदुओं अगर हो सके तो इस बात की जानकारी दुनिया भर के हिंदुओं तक पहुंचा देना कि झारखंड में संविधान नहीं शरिया चल रहा है |
@AmanChopra_
झारखंड में छात्रों का प्रोटेस्ट कवर करने गए पत्रकार अमन चोपड़ा को पुलिस ने Breakfast टेबल से उठा लिया
क्या झारखंड में इमरजेंसी है ?
क्या छात्रों की आवाज़ सुनना अपराध है ?
क्या झारखंड में लोकतंत्र ठीक है ?
सुई पटक सन्नाटा क्यूँ है ???
सच से इतनी दहशत? JMM-कांग्रेस लोकतंत्र का गला घोंट रहे हैं!
झारखंड में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों की आवाज देशभर तक पहुंचा रहे पत्रकार अमन चोपड़ा को पुलिस द्वारा नाश्ते की टेबल से उठा लेना अघोषित तानाशाही का सबूत है।
भर्ती माफिया पर लगाम लगाने के बजाय हेमंत सरकार सच की आवाज दबाने में जुटी है, जबकि ‘लोकतंत्र खतरे में है’ का ढोल पीटने वाले चुप हैं।
लेकिन न छात्रों का आक्रोश दबेगा, न सच की आवाज बंद होगी!
यह व्यक्ति नस्ल से भी दोगला है और विचारों से भी दोगला है
झारखंड पर यह एकदम चुप था फिर आज एक पत्रकार ने जब सवाल पूछा तब सिर्फ दो लाइन में जवाब दे दिया कि मैं किसी भी छात्र पर बल प्रयोग करने के खिलाफ हूँ
दिल्ली में इसे अमित शाह से जवाब चाहिए अमित शाह का इस्तीफा चाहिए मोदी से माफी चाहिए
लेकिन झारखंड में 100 से ज्यादा छात्र गंभीर रूप से घायल हुए और अभी थोड़ी देर पहले झारखंड में दोबारा छात्रों पर लाठी चार्ज हुआ लेकिन इसे वहां हेमंत सोरेन का इस्तीफा नहीं चाहिए इसे हेमंत सोरेन से जवाब नहीं चाहिए
गजब का दोगला आदमी है भाई
जबकि दिल्ली के जंतर मंतर और रांची में सबसे बड़ा फर्क यह है कि जंतर मंतर पर लुख्खे लुख्खियां लफंगे गुंडे मवाली और जीबी रोड के लोग आए थे
वहां मोदी जी को गंदी-गंदी गाली दी जा रही थी मोदी जी के स्वर्गीय मां को गंदी-गंदी गाली दी जा रही थी इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को गंदी-गंदी गाली दी जा रही थी दंगाई और आतंकी शरजील इमाम और उमर खालिद की रिहाई की मांग की जा रही थी
हिंदू धर्म को भगवान श्री राम को माता सीता को गंदी-गंदी गालियां दी जा रही थी और ऐसी ऐसी गालियां जिसे सुनकर आपके कानों में से खून निकलने लगे
अश्लील से अश्लीलतम मिम्स दिखाए जा रहे थे
पुलिस वालों पर भीषण पत्थरबाजी की गई पुलिस कर्मियों को उकसाया गया उन्हें अश्लील इशारे किए गए रैपिड एक्शन फोर्स जिसका नीला ड्रेस है उसे नीला हार्पिक कहकर रिल बनाया गया और अंत में जब छात्र बड़े-बड़े पत्थर लेकर संसद में घुसने की कोशिश की है तब वहां जो कुछ हुआ वह जायज था
लेकिन झारखंड में बिल्कुल अलग था वहां छात्रों के हाथ में पत्थर नहीं बल्कि गुलाब थे झारखंड का कोई छात्र एक गाली नहीं दिया झारखंड में कोई हेमंत सोरेन का इस्तीफा भी नहीं मांग रहा था
झारखंड के छात्रों की सिर्फ एक मांग है कि पूरे घोटाले की जो झारखंड में पिछले 5 साल से नौकरी की सेल लगी है उसकी जांच सीबीआई करें
लेकिन फिर भी छात्रों पर बुरी तरह से पत्थरबाजी की लाठी चार्ज किया गया लेकिन यह दोगला अब हेमंत सोरेन से जवाब नहीं मांग रहा
शर्मनाक!
जैसे ही राहुल गांधी का बयान आया, उसके तुरंत बाद नाराज़ हेमंत सोरेन सरकार ने अंधेरे का फायदा उठाकर एक बार फिर छात्रों पर बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज किया।
यह सरकार अब जनभावनाओं से नहीं, दमन और तानाशाही से शासन करना चाहती है।
युवा डरने वाला नहीं है, और सरकार की हर दमनकारी कार्रवाई का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगा।
#HemantMustResign
झारखंड में छात्रों पर एक बार फिर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज की तस्वीरें सामने आ रही हैं।
न छात्रों की ओर से हिंसा हुई, न पथराव हुआ और न ही वे किसी अराजकता के लिए सड़कों पर उतरे हैं। वे केवल अपने अधिकारों, रोजगार और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज़ उठा रहे थे।
फिर उनके साथ यह दमन क्यों?
राहुल गांधी समर्थित हेमंत सोरेन सरकार को छात्रों की आवाज़ सुननी चाहिए, उन्हें दबाना नहीं चाहिए।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं के साथ की गई यह बर्बरता अत्यंत शर्मनाक है।
झारखंड के छात्र कोई राजनीतिक मांग नहीं कर रहे हैं। वे केवल राज्य की परीक्षा व्यवस्था में सुधार और भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं एवं घोटाले के दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
लेकिन राहुल गांधी समर्थित हेमंत सोरेन सरकार छात्रों की जायज़ मांगों पर विचार करने के बजाय उन पर लाठीचार्ज करवा रही है और आँसू गैस के गोले दाग रही है।
अपने अधिकारों और भविष्य के लिए आवाज़ उठा रहे छात्रों के साथ यह दमन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
अंधेरा होते ही फिर से लाठीचार्ज। हेमंत सोरेन सरकार डरपोक है।
पुलिस कार्रवाई पर राहुल गांधी के पोस्ट के बाद झारखंड सरकार ने बर्बरता की सारी हदें पार कर दीं। ट्वीट के बाद फिर लाठीचार्ज, यह बताता है कि सरकार छात्रों की आवाज़ से कितनी डरी हुई है।
#Jharkhand#StudentProtest