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Welcome to Bhedetar @nepal
Tourism, it is located in Bhedetar near dharan. It is most amazing place in Nepal . It attracts tourists from all over the world. It is hill station apart from this Namaste Fall is near to this also Dhankuta is famous for its natural beauty
1993 में लालू जी ने सर पर मैला ढोने वाली अमानुषिक प्रथा के ख़िलाफ़ कड़ाई से कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया।
22 अक्टूबर 1999 को राबड़ी जी ने अपनी सरकार के दौरान सती प्रथा के बाद अंधविश्वास के ख़िलाफ़ सबसे कड़ा क़ानून “डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम” बना कर लाया। इससे डायन बता कर महिलाओं पर होने वाले अत्याचार से निबटने में सहूलियत मिली।
स्त्रियों के अस्तित्व से आसपास की दुनिया के और सुंदर व सार्थक होने तथा उनकी गरिमा के महत्व को समझने की लालू जी के अंदर अनूठी संवेदनशीलता रही है जिससे उन्होंने कामकाजी महिलाओं के लिए माहवारी के दिनों में दो दिन के विशेषावकाश का प्रावधान 1992 में किया जो दुनिया के बड़े-बड़े मुल्क उस समय नहीं कर सके थे।
राबड़ी जी @RabriDeviRJD ने शिक्षा की वंचना को भोगा था, इसलिए उन्होंने हर कमिश्नरी में अतिपिछड़े-पिछड़े समाज की लड़कियों के लिए आवासीय विद्यालय खोला जिसकी हालत विभागीय मंत्री रहते हुए तेजस्वी जी ने दुरुस्त की, और पिछली सरकार में बतौर विभागीय मंत्री अनिता चौधरी जी ने हर ज़िले में उसे खोलने का फ़ैसला लिया। राबड़ी जी ने अकलियत समाज के बच्चों के लिए आवासीय प्रबंध किया तो संघी पृष्ठभूमि वाले भारत सरकार के कुछेक मंत्रियों ने घृणास्पद बयान दिया कि वहां आईएसआई के एजेंट पलते हैं। पर, राबड़ी जी ने अडिग, अविचल रहते हुए इल्म-ओ-तालीम की लौ को बचाए रखा। 1996 में लालू जी ने 1300 और 2003 में राबड़ी जी ने 1050 असिस्टेंट प्रफ़ेसर की बहाली की और गुणवत्ता का भरपूर ख़याल रखा।
गाँधीजी ने कहा था, "करो या मरो"। तो लालू जी ने बहुजन समाज के बच्चों का आह्वान करते हुए कहा था, "पढ़ो या मरो"। समाज के सबसे उपेक्षित-तिरस्कृत डोम व मुसहर समाज के बच्चों को प्रोत्साहनस्वरूप स्कूल जाने पर प्रतिदिन एक रुपया देने की शुरुआत की, जो बाद में सभी बच्चों के लिए कर दिया। आज जबकि देश के तमाम लब्धप्रतिष्ठ संस्थानों को बेचा, नोचा, खसोटा व उजाड़ा जा रहा है; वैसे में बिहार में शिक्षा के विकास के लिए लालू जी ने सदा उन्मुख रह के 6 विश्वविद्यालय (जेपी युनिवर्सिटी छपरा, वीर कुँवर सिंह युनिवर्सिटी आरा, बीएन मंडल युनिवर्सिटी मधेपुरा, सिधू-कान्हो-मुर्मू युनिवर्सिटी दुमका, विनोबा भावे युनिवर्सिटी, हज़ारीबाग़, और एक्ट द्वारा नालंदा ओपन युनिवर्सिटी) हमें देने का काम किया, और एक युनिवर्सिटी - मौलाना मज़हरूल हक़ अरबी-फारसी विश्वविद्यालय, पटना को स्थापित करने का श्रेय मातृसमा राबड़ी देवी जी को जाता है।
जब 24 सांसदों के साथ सरकार में शामिल सबसे बड़ी पार्टी के मुखिया की हैसियत से लालू जी को केंद्र में काम करने का मौक़ा मिला, तो उन्होंने 5 वर्षों में लगभग दो लाख करोड़ की सहायता राशि बिहार को मुहैया कराई। उनके समर्थन से चल रही यूपीए सरकार के दौरान उन्होंने बिहार में तीन केंद्रीय विश्वविद्यालय को मंजूरी दिलाई और दो केंद्रीय विश्वविद्यालय के परिसर बिहार में खुलवाए। साथ ही, मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री के रूप में उनके सहकर्मी अली अशरफ़ फ़ातमी जी ने सीबीएसई का रीजनल ऑफ़िस भी पटना में खुलवाया, उस कार्यकाल में सर्वाधिक केंद्रीय विद्यालय की मंजूरी बिहार के लिए दिलवाई। उनके सत्प्रयासों से यूपीए 1 की सरकार में मंडल II लगा, शिक्षा मंत्री अर्जुन सिंह जी ने उच्च शैक्षणिक संस्थानों में दाखिले हेतु पिछड़ों के लिए 27 फ़ीसदी आरक्षण लागू करने की घोषणा की। इससे वंचित समाज को प्राथमिक, माध्यमिक व उच्च शिक्षा से जोड़ने की उनकी वसी सोच का पता चलता है।
लालू जी और राबड़ी जी ने सबसे ज़्यादा प्राइमरी स्कूल खोले, सबसे ज़्यादा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोले, सर्वाधिक ज़िले [16 ज़िले व दो पुलिस ज़िला - मौजूदा बिहार का लगभग एक चौथाई ज़िला (9) एवं वर्तमान झारखंड का एक चौथाई से अधिक ज़िला (7)], सबडिवीज़न व डिवलपमेंटल ब्लॉक बनाये। उनके और राबड़ी जी के कार्यकाल के बाद बिहार में एक भी नया ज़िला नहीं बना।
चरवाहा विद्यालय मनुष्यता के इतिहास में एक नायाब प्रयोग था। अफ़सोस कि प्राथमिक शिक्षा जो व्यक्तित्व-विकास की बुनियाद है, उसका "डिग्री लाओ, नौकरी पाओ" की नीति अपना कर अदूरदर्शी नीतीश की सरकार ने कचूमर निकाल दिया है।
जब तेजस्वी जी के नेतृत्व में नये बिहार के निर्माण की शुरुआत हो तो मुख्यमंत्री के रूप में पहला काम बिहार में जेएनयू जैसा शानदार विश्वविद्यालय खोलने की दिशा में क़दम हो जो सभी सामाजिक पृष्ठभूमि के बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा सुनिश्चित करेगा।
लालू प्रसाद जी @laluprasadrjd के पांच दशकों के लोकजीवन, राजनैतिक दर्शन, लोकराज में उनकी और राबड़ी देवी जी की प्राथमिकता एवं तेजस्वी प्रसाद जी तक उनकी समाजवादी वैचारिकी की निरंतरता की एक झलक:
https://t.co/d5TZlZ0cvw…
कोल्हापुर रियासत के प्रशासनिक नौकरियों में 71 उच्च पदों में से 60 पर ब्राह्मणों का कब्ज़ा था. 500 क्लर्कों में से 490 ब्राह्मण थे.
छत्रपति शाहूजी महाराज ने साल 1902 में पिछड़े वर्ग के लिए 50% आरक्षण लागू कर नौकरियों में ब्राह्मण ओवर रिप्रेजेंटेशन को ध्वस्त कर दिया.
ब्राह्मण, क्षत्रिय, कायस्थ, बनिया और खत्री जातियों का सरकारी और प्राइवेट नौकरियों में ओवर रिप्रेजेंटेशन हमेशा एक गंभीर मुद्दा रहा है.
OBC SC ST समाज हमेशा सरकारी नौकरी, ब्यूरोक्रेसी, न्यायपालिका, मीडिया, शिक्षा संस्थानों में विशेषजातियों के ओवर रिप्रेजेंटेशन को हमेशा उठता रहा है.
अब सामने वालों को बदला लेना था. Retaliate करना था. कभी Candidates not Available नाम से किया. फिर Not Found Suitable करने लगे.
OBC आरक्षण में क्रीमी लेयर लागू कर किया. और अब SC-ST आरक्षण में वर्गीकरण कर के Retaliate करना चाहते हैं.
मुद्दा सवर्ण जातियों के ओवर रिप्रेजेंटेशन का था. लेकिन सवर्णों ने न्यायपालिका के जरिये SC की बड़ी आबादी वाली जातियों के ओवर रिप्रजेंटेशन का मुद्दा बना दिया.
ये सवर्णों का Retaliation हैं.
Photo : Untouchable People (British India)
Applications are invited for Full-time Internship positions at Indian Council of Social Science Research, New Delhi
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#Internship
Dear @rblbank
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जानें, e-Shikshakosh मोबाइल ऐप पर सरकारी विद्यालय के प्रधानाध्यापक एवं शिक्षकों की हाजिरी दर्ज के संबंध में विस्तृत जानकारी।
#eShikshakosh#BiharEducationDept
कमाल का डरपोक है! @RJDforIndia के डर से नीतीश जी के चरणों में पगड़ी तो रख दिया लेकिन गीदड़भभकी देने से बाज नहीं आ रहा है। राजद से जदयू और फिर भाजपा के हाथ का ये खिलौना कैसे दंभ भर रहा है। अब पगड़ी खोल दो, फिर देखो @yadavtejashwi जी के नेतृत्व का कमाल देखो। भाग! भाजपा!! भाग!!!
कल पूर्णिया में जवाहर नवोदय विद्यालय जाकर पापा की याद आ गई। नवोदय विद्यालय विकसित भारत के उनके विज़न का एक अहम हिस्सा था।
नवोदय विद्यालय ने 1986 से ग्रामीण भारत को नाम मात्र फीस में सिर्फ उच्च गुणवत्ता की प्राथमिक शिक्षा ही नहीं उपलब्ध कराई, बल्कि एक लाख से भी कम वार्षिक आय वाले परिवारों के लाखों बच्चों को एक ‘लेवल प्लेइंग फील्ड’ दिया।
नवोदय विद्यालयों ने गरीब और वंचित परिवार के बच्चों के लिए IIT जैसे उच्च शैक्षणिक संस्थानों के दरवाज़े खोले, छोटे छोटे गांव से आने वाले बच्चों की आंखों को बड़े सपने दिए।
आज जब देश के उपेक्षित और पिछड़े क्षेत्रों में ‘जवाहर नवोदय विद्यालय’ को ज्ञान का केंद्र बन शिक्षा की रौशनी फैलाते देखता हूं तो गर्व होता है।
‘आधुनिक शिक्षा’ ही न्याय की लड़ाई की सबसे बड़ी शक्ति है।
#BharatJodoNyayYatra
@atulpmail
Some university are not listed in the list , which is provided by BPSC during counciling . There for candidate are facing Problem
One of the university of utter pradesh
Babasaheb bhimrao ambedkar university (A central university), Lucknow
Dear sir Please do needful