भजन लाल शर्मा- ब्राह्मण, पहली बार के एमएलए, राजस्थान रा नया मुख्यमंत्री नियुक्त, संघ से जुड़े रहे हैं
दिया कुमारी- राजपूत, विद्याधर नगर से MLA, उप मुख्यमंत्री
प्रेमचंद बैरवा- एससी, दूदू से MLA, उप मुख्यमंत्री
वासुदेव देवनानी- सिंधी, अजमेर से MLA, स्पीकर
हरसिंगार साईटिका व जोड़ों के दर्द के लिए अमृत दवाई सफल चमत्कारी इलाज....
जब सभी दवाइयां काम करना बंद कर दे तब यह अमृत की तरह असर दिखाती है पूरी रात सुगंधी बिखेरता पारिजात,भोर होते ही अपने सभी फूल पृथ्वी पर बिखेर देता है अलौकिक सुगंध से सराबोर इसका पुष्प केवल मन को ही प्रसन्न नहीं करता,अपितु तन को भी शक्ति देता है एक कप गर्म पानी में इसका फूल डालकर पियें,अद्भूत ताजगी मिलेगी...यह पश्चिम बंगाल का राजकीय पुष्प है स्वर्ग में इसको छूने से देव नर्तकी उर्वषी की थकान मिट जाती थी,पारिजात नाम के इस वृक्ष के फूलों को देव मुनि नारद ने श्रीकृष्ण की पत्नी सत्यभामा को दिया था,इ��� अदभूत फूलों को पाकर सत्यभामा भगवान श्री कृष्ण से जिद कर बैठी कि पारिजात वृक्ष को स्वर्ग से लाकर उनकी वाटिका में रोपित किया जाए सत्यभामा की जिद पूरी करने के लिए जब श्री कृष्ण ने पारिजात वृक्ष लाने के लिए नारद मुनि को स्वर्ग लोक भेजा तो इन्द्र ने श्री कृष्ण के प्रस्ताव को ठुकरा दिया और पारिजात देने से मना ��र दिया,जिस पर भगवान श्री कृष्ण ने गरूड पर सवार होकर स्वर्ग लोक पर आक्रमण कर दिया और परिजात को प्राप्त कर लिया,श्री कृष्ण ने यह पारिजात लाकर सत्यभामा की वाटिका में रोपित कर दिया भगवान श्री कृष्ण ने पारिजात को लगाया तो था सत्यभामा की वाटिका में,परन्तु उसके फूल उनकी दूसरी पत्नी रूकमणी की वाटिका में गिरते थे,एक मान्यता के अनुसार परिजात वृक्ष की उत्पत्ति समुन्द्र मंथन से हुई थी, जिसे इन्द्र ने अ��नी वाटिका में रोप दिया था यह वृक्ष एक हजार से पांच हजार वर्ष तक जीवित रह सकता है,पारिजात वृक्ष के वे ही फूल उपयोग में लाए जाते है,जो वृक्ष से टूटकर गिर जाते है,यानि वृक्ष से फूल तोड़ने की पूरी तरह मनाही है यह वृक्ष आसपास लगा हो खुशबू तो प्रदान करता ही है,साथ ही नकारात्मक उर्जा को भी भगाता है,इस उपयोगी वृक्ष को अवश्य ही घर के आसपास लगाना चाहिए पारिजात एक पुष्प देने वाला वृक्ष है, इसे हरसिंगार, शेफ��ली, शिउली आदि नामो से भी जाना जाता है इसका वृक्ष 10 से 15 फीट ऊँचा होता है ��ारिजात पर सुन्दर व सुगन्धित फूल लगते हैं....इसकी सबसे बड़ी पहचान है सफ़ेद फूल और केसरिया डंडी होती है...इसके फूल रात में खिलते है और सुबह सब झड जाते है..पारिजात अत्यंत लाभकारी ओषधि हैं.... जो अनेक रोगों को दूर करने में सहायक है
◾ साईटिका का सफल इलाज ◾
एक पैर मे पंजे से लेकर कमर तक दर्द होना साइटिका या रिंगण बाय कहलाता है..प्रायः पैर के पंजे से लेकर कूल्हे तक दर्द होता है जो लगातार होता रहता है... मुख्��� लक्षण यह है कि दर्द केवल एक पैर मे होता है...दर्द इतना अधिक होता है कि रोगी सो भी नहीं पाता हारसिंगार के 10-15 कोमल पत्ते को कटे फटे न हों तोड़ लाएँ....पत्ते को धो कर थोड़ा सा कूट ले या पीस ले.....बहुत अधिक बारीक पीसने कि जरूरत नहीं है। लगभग 200-300 ग्राम पानी (2 कप) मे धीमी आंच पर उबालें.....तेज आग पर मत पकाए....चाय की तरह पकाए,चाय कि ��रह छान कर गरम गरम पानी (काढ़ा) पी ले...पहली बार मे ही 10% फायदा होगा...प्रतिदिन 2 बार पिए ... इस हरसिंगार के पत्तों के काढ़े से 15 मिनट पहले और 1 घंटा बाद तक ठंडा पानी न पीए,दही लस्सी और आचार न खाएं।
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याद रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें : जो आपको हमेशा स्वस्थ और सेहतमंद रखेंगी :-
1- 90 प्रतिशत रोग केवल पेट से होते हैं। पेट में कब्ज नहीं रहना चाहिए। अन्यथा रोगों की कभी कमी नहीं रहेगी।
2- कुल 13 अधारणीय वेग हैं
3-160 रोग केवल मांसाहार से होते है
4- 103 रोग भोजन के बाद जल पीने से होते हैं। भोजन के 1 घंटे बाद ही जल पीना चाहिये।
5- 80 रोग चाय पीने से होते हैं।
6- 48 रोग ऐलुमिनियम के बर्तन या कुकर के खाने से होते हैं।
7- शराब, कोल्डड्रिंक और चाय के सेवन से हृदय रोग होता है।
8- अण्डा खाने से हृदयरोग, पथरी और गुर्दे खराब होते हैं।
9- ठंडेजल (फ्रिज)और आइसक्रीम से बड़ी आंत सिकुड़ जाती है।
10- मैगी, गुटका, शराब, सूअर का माँस, पिज्जा, बर्गर, बीड़ी, सिगरेट, पेप्सी, कोक से बड़ी आंत सड़ती है।
11- भोजन के पश्चात् स्नान करने से पाचनशक्ति मन्द हो जाती है और शरीर कमजोर हो जाता है।
12- बाल रंगने वाले द्रव्यों(हेयरकलर) से आँखों को हानि (अंधापन भी) होती है।
13- दूध(चाय) के साथ नमक (नमकीन पदार्थ) खाने से चर्म रोग हो जाता है।
14- शैम्पू, कंडीशनर और विभिन्न प्रकार के तेलों से बाल पकने, झड़ने और दोमुहें होने लगते हैं।
15- गर्म जल से स्नान से शरीर की प्रतिरोधक शक्ति कम हो जाती है और शरीर कमजोर हो जाता है। गर्म जल सिर पर डालने से आँखें कमजोर हो जाती हैं।
16- टाई बांधने से आँखों और मस्तिष्क हो हानि पहुँचती है।
17- खड़े होकर जल पीने से घुटनों(जोड़ों) में पीड़ा होती है।
18- खड़े होकर मूत्रत्याग करने से रीढ़ की हड्डी को हानि होती है।
19- भोजन पकाने के बाद उसमें नमक डालने से रक्तचाप (ब्लडप्रेशर) बढ़ता है।
20- जोर लगाकर छींकने से कानों को क्षति पहुँचती है।
21- मुँह स��� साँस लेने पर आयु कम होती है।
22- पुस्तक पर अधिक झुकने से फेफड़े खराब हो जाते हैं और क्षय(टीबी) होने का डर रहता है।
23- चैत्र माह में नीम के पत्ते खाने से रक्त शुद्ध हो जाता है मलेरिया नहीं होता है।
24- तुलसी के सेवन से मलेरिया नहीं होता है।
25- मूली प्रतिदिन खाने से व्यक्ति अनेक रोगों से मुक्त रहता है।
26- अनार आंव, संग्रहणी, पुरानी खांसी व हृदय रोगों के लिए सर्वश्रेश्ठ है।
27- हृदयरोगी के लिए अर्जुनकी छ��ल, लौकी का रस, तुलसी, पुदीना, मौसमी,
सेंधा नमक, गुड़, चोकरयुक्त आटा, छिलकेयुक्त अनाज औषधियां हैं।
28- भोजन के पश्चात् पान, गुड़ या सौंफ खाने से पाचन अच्छा होता है। अपच नहीं होता है।
29- अपक्व भोजन (जो आग पर न पकाया गया हो) से शरीर स्वस्थ रहता है और आयु दीर्घ होती है।
30- मुलहठी चूसने से कफ बाहर आता है और आवाज मधुर होती है।
31- जल सदैव ताजा(चापाकल, कुएंआदि का) पीना चाहिये, बोतलबंद (फ्रिज) पानी बासी और अनेक रोगों के कारण होते हैं।
32- नीबू गंदे पानी के रोग (���कृत, टाइफाइड, दस्त, पेट के रोग) तथा हैजा से बचाता है।
33- चोकर खाने से शरीर की प्रतिरोधक शक्ति बढ़ती है। इसलिए सदैव गेहूं मोटा ही पिसवाना चाहिए।
34- फल, मीठा और घी या तेल से बने पदार्थ खाकर तुरन्त जल नहीं पीना चाहिए।
35- भोजन पकने के 48 मिनट के
अन्दर खा लेना चाहिए। उसके पश्चात् उसकी पोषकता कम होने लगती है। 12 घण्टे के बाद पशुओं के खाने लायक भी नहीं रहता है।।
36- मिट्टी के बर्तन में भोजन पकाने से पोषकता 100%, ��ांसे के बर्तन में 97%, पीतल के बर्तन में 93%, अल्युमिनियम के बर्तन और प्रेशर कुकर में 7-13% ही बचते हैं।
37- गेहूँ का आटा 15 दिनों पुराना और चना, ज्वार, बाजरा, मक्का का आटा 7 दिनों से अधिक पुराना नहीं प्रयोग करना चाहिए।
38- 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को मैदा (बिस्कुट, ब्रेड , समोसा आदि) कभी भी नहीं खिलाना चाहिए।
39- खाने के लिए सेंधा नमक सर्वश्रेष्ठ होता है उसके बाद काला नमक का स्थान आता है। सफेद नमक जहर के समान होता है।
40- जल जाने प�� आलू का रस, हल्दी, शहद, घृतकुमारी में से कुछ भी लगाने पर जलन ठीक हो जाती है और फफोले नहीं पड़ते।
41- सरसों, तिल,मूंगफली , सुरजमुखी या नारियल का कच्ची घानी का तेल और देशी घी ही खाना चाहिए है। रिफाइंड तेल और
वनस्पति घी (डालडा) जहर होता है।
42- पैर के अंगूठे के नाखूनों को सरसों तेल से भिगोने से आँखों की खुजली लाली और जलन ठीक हो जाती है।
43- खाने का चूना 70 रोगों को ठीक करता है।
44- चोट, सूजन, दर्द, घाव, फोड़ा होने पर उस पर 5-20 मिनट तक चुम्बक रखने से जल्दी ठीक होता है। हड्डी टूटने पर चुम्बक का प्रयोग करने से आधे से भी कम समय में ठीक होती है।
45- मीठे में मिश्री, गुड़, शहद, देशी(कच्ची) चीनी का प्रयोग करना चाहिए सफेद चीनी जहर होता है।
46- कुत्ता काटने पर हल्दी लगाना चाहिए।
47-बर्तन मिटटी के ही प्रयोग करने चाहिए।
हिंदुओं ने जितना दुःख विश्वकप ट्रॉफी को खोने का मनाया है यदि उसका 1% दुःख भी गांधार, तक्षशिला, सिंध, पंजाब, बलूचिस्तान, पूर्वी बंगाल और त्रिविष्��प को खोने का मनाया होता तो आज नहीं तो कल इसके परिणाम बहुत सुखद होते...🥲
अभी उम्र ही क्या थी. लेकिन देश की सेवा, सीमाओं की रक्षा के लिए जुनून सवार था. संजय बिष्ट राजौरी में आतंकियों से लड़ते हुए शहीद. संजय की उम्र मात्र 17 साल थी. शहादत को शत-शत नमन🙏
शतरंज ग्रैंडमास्टर अन्ना मुज़िकुक ने सऊदी अरब में खेलने से इनकार कर दिया।
उन्होंने कहा"कुछ ही दिनों में, मैं एक के बाद एक दो विश्व खि��ाब हार जाऊंगी , क्योंकि मैंने सऊदी अरब न जाने का फैसला किया है।
" मैं विशेष नियमों के अनुसार खेलने, अबाया पहनने या किसी पुरुष के साथ रहने से इनकार करती हूं , मुझे होटल से निकलने से लिये किसी पुरुष की मदर्द नही चाहिए,
मैं दोयम दर्जे का खुद को महसूस करना नही चाहती।
"मैं अपने सिद्धांतों का पालन करूंगी और फास्ट शतरंज और ब्लिट्ज विश्व चैंपियनशिप में प्रतिस्पर्धा नहीं करूंगी,
जहां केवल 5 दिनों में मैं दर्जनों अन्य संय��क्त टूर्नामेंटों की तुलना में अधिक पैसा कमा सकती थी।
यह सब मुझे अच्छा नही लग रहा , लेकिन ऐसी जगह में नही खेल सकती जो हमास का समर्थन कर रहा है । ~अन्ना मुज्यचुक
मालगाड़ी का खोया रेक 43 साल बाद मिला।
जब ट्रेन मिली तो सभी हैरान हो गए। ढूंढा भी था नासा के सैटेलाइट ने।
16 जून 1976 की बात है। तिनसुकिया रेलवे स्टेशन पर जगह न होने के कारण ट्रेन के ड्राइवर ने 4 किलोमीटर दूर एक निर्जन पड़े स्टेशन के पास रैक को खड़ा कर इंजन को वापस तिनसुकि��ा मैन स्टेशन पर ले आया था।
कुछ ही देर में वहां इतनी बारिश हुई कि सब कुछ थम गया। 6 दिन की लगा��ार बारिश में पूरा इलाका बाढ़ में डूब गया। ट्रेन की पटरी वगैरह उखड़ कर बह गया था। बाढ़ खत्म होने के बाद रेलवे कर्मी मरम्मत के काम में जुटे लेकिन 4 km दूर खड़े रैक को भूल गए। जंगली घास और झाड़ियों ने रैक को अपने अंदर छिपा लिया। रैक जंगली जानवरों और सांपो का घर बन गया।
ऑस्ट्रेलियन ड्राइवर भी रिटायर होकर सितंबर 1976 में वापस अपने देश चला गया। संभवतः बाढ़ में सारे रिकॉर्ड बह गए थे इसलिए रैक की तरफ किसी का ध्यान नहीं गया। सैटेलाइट मैपिंग के काम में जुटे नासा को 5 दिसंबर 2019 को एक अजीब सा अस्पष्ट आकृति दिखाईं दी और उसने पेंटागन को अलर्ट कर दिया। तब तक भारत को कुछ भी जानकारी नहीं थी। पेंटागन ने निष्कर्ष निकाला कि भारत ने इस जगह पर मोबाइल ICBM तैनात कर रखी है।
पेंटागन के डबल एजेंटों ने चीन और रूस को भी ख़बर कर दिया। साथ ही नासा में काम कर रहे रॉ के एजेंटों ने भारत को ख़बर कर दिया।
भारत की एजेंसियां सक्रिय हुईं और आनन फानन में सर्च टीम भेजा गया।
अंततः खोया ट्रेन का रैक मिल गया।
अविश्वसनीय लेकिन कहानी सच्ची है।
दीपावली पर एक छोटी सी अपील : कृप्या पटाखे खूब फोडें क्योंकि ये त्यौहार ही पटाखों का है
रही बात पर्यावरण की एक दीपावली की रात बारूद की महक से सारे मच्छरो और कई कीड़ों का सफाया हो जाता है
जम के पटाखे चलाईये, दिवाली है,बाकि के 364दिन है पर्यावरण के लिए...
दीपावली की अग्रिम बधाई
टीन-टप्पण से छाया हुआ घर, छोटी सी 3 हजार रुपये वाली TV, पुराने बक्से, बक्से के ऊपर एक बैग, कुछ साड़ियाँ वहां खड़े पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश जी. बक्से के अंदर मृतक माँ ने कुछ साड़ियाँ, बच्चों के कुछ कपड़े, कौड़ी, कुछ पैसे रखे रहे होंगे. यह घर देवरिया में दुबे परिवार का है. जिसके 5 सदस्यों की निर्मम हत्या कर दी ��ई थी. इस घर को देखकर आंखों में आंसू आ जाएंगे. कितना ��रीब था परिवार, कितना लाचार था. मात्र दो कमरों में रहकर परिवार का पालन-पोषण कर रहा था. दो बच्चों को छोड़कर ससबकी हत्या. न्याय के नाम पर अभी तक सिर्फ सांत्वना. भगवान किसी को ऐसा समय ना दें.
खेल में जीत-हार तो लगी रहती है, पर बजरंग पुनिया ने तो घुटने ही टेक दिए: नेटिजन्स बोले- ईरान के रेसलर ने 'नए-नवेले नेता' को निचोड़ दिया
#BajrangPunia#AsianGames
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‘कर्नल बेटा चला गया’: अनंतनाग मे�� बलिदान हुए मनप्रीत सिंह ने ही किया था बुरहान वानी को ढेर; 2021 में मिला वीरता पदक; सेना से जुड़ा है पूरा परिवार
#ColonelManpreetSingh #BurhanWaniEncounter
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'हम बड़ी तैयारी के साथ शामिल होंगे': जानिए क्यों राम मंदिर उद्घाटन की प्रतीक्षा कर रहा दक्षिण कोरिया, अयोध्या में खुदाई के दौरान मिली प्राचीन मूर्तियाँ
#Ayodhya#RamMandir#Korea#SouthKorea
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अल्लूरी सीताराम राजू को पकड़ने के लिए अंग्रेजों ने पैसा पानी की तरह बहाया। वो माँ काली की उपासना करते थे। क्रांति का ज्ञान उन्हें तीर्थाटन के दौरान मिला। वो धर्मांतरण कराने वाले मिशनरियों के खिलाफ थे।
#AlluriSitaramaRaju#Tribals
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पहली बार मैंने देखा कि कोई शंकराचार्य अपने चांदी के सिंहासन को छोड़कर महीनों तक आदिवासी क्षेत्र में पैदल भ्रमण कर रहा है धर्मांतरण के कुचक्र को तोड़ रहा है आदिवासी बंधुओं को उनके मूल धर्म में वापस ला रहा है
गुजरात के आदिवासी जिले डांग में जिस पर धर्मांतरण गैंग की बुरी नजर थी जहां लालच देकर बड़े पैमाने पर धर्म परिवर्तन का काम हो रहा था वहां अब बड़े पैमाने पर ईसाइयों को मूल धर्म में वापस लाया जा रहा है हिंदू संस्कृति का प्रचार किया जा रहा है
इस इलाके में द्वारिका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती महीनों से जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं
शंकराचार्य भोजन के लिए ऐसे ही चलते चलते किसी भी आदिवासी के घर में जाकर खाना मांग कर खा लेते हैं वहां शबरी पीठ को और बड़ा बनाया जा रहा है और आदिवासियों की आर्थिक उन्नति के लिए शैक्षणिक उन्नति के लिए भी द्वारिका पीठ द्वारा बड़े पैमाने पर काम किए जा रहे हैं
कितने वर्षों में पहली बार मैंने देखा कि कोई शंकराचार्य महीनों से गुजरात के ईसाई मिशनरियों के सबसे ज्यादा प्रभाव वाले क्षेत्र डांग में बटा हुआ है वहां कई मंदिरों का पुनर्निर्माण करवा रहे हैं 🚩🙏
सैफ के अलावा आदिपुरुष की पूरी टीम तिरुपति दर्शन करने गई
यदि सैफ अजमेर शरीफ जाता तो पूरी टीम जाती,
यह��� तो भाईचारा है, यही तो सेक्युलरटी है।
और सैफ को आदिपुरुष में रावण की भूमिका दी गई है
गेटअप तो तालीबानी है।
खैर हमें क्या,
हमें तो अपने मनोरंजन से मतलब है।