गडकरी जी कहते हैं, हमारे देश में स्पेस टेक्नोलॉजी है। सैटेलाइट आसमान से गड्ढे देख लेते हैं। ऑफिस में AC में बैठे-बैठे स्क्रीन पर सारे गड्ढे, खुले मैनहोल, टूटी सड़कें नक्शे पर चमक जाती हैं।
फिर भी ये आदमी सड़क पर जा-जाकर हाथ हिला-हिलाकर, रंगोली बना-बनाकर, कैमरा घुमा-घुमाकर दिखा रहा है कि “द��खो भाई, ये ��ड्ढा है!”
भई, जब टेक्नोलॉजी इतनी उन्नत है तो तुम्हें क्यों परेशान होना पड़ रहा है? सरकार के अफसरों को क्यों तंग कर रहे हो?
वो तो शायद स्पेस से ही देख रहे होंगे। तुम बार-बार सड़क पर खड़े होकर उनकी “डेटा कलेक्शन” में बाधा डाल रहे हो। उन्नत टेक्नोलॉजी के होते हुए भी तुम पुराने जमाने की तरह रोड पर जाकर प्रदर्शन कर रहे हो, ये तो टेक्नोलॉजी का अपमान है!
संतोष पंडित को जेल भेज दिया। अब कम से कम स्पेस स��� गड्ढे देखने वाले अफसरों को सड़क पर खड़े आदमी का शोर नहीं सुनाई देगा। टेक्नोलॉजी अपना काम करेगी।
और नागरिक… नागरिक तो वैसे भी चुप रहकर गड्ढे में गिरते रहें।
राम वनगमन मार्ग(NH-731A) उद्घाटन से हल्का सा धँस क्या गया ,
कि लगे पहुँच के रिपोर्टिंग करने…
इनको पकड़ के रासुका लगानी चाहिए।
सिर्फ़ 4400 करोड़ का ही तो है इतना क्या बवाल करना??
यही होता है जब आदमी नया नया पत्रकार बनता है।
असल में इस पुल का नाम भी इसीलिए राम वन गमन रखा गया है, क्योंकि इस पुल से श्रीराम जी वन को जा चुके हैं।
अब जिस जगह को छोड़कर श्रीराम जी चले जाएं, वो भला कैसे टिका रहेगा।
इसीलिए धंस गया - ठेकेदार की डायरी में लिखा था।
🚨 रावण का तर्क ध्वस्त 🚨
रिपोर्टर: निशु खुलेआम प्रेमानंद महाराज और हिंदू देवताओं का अपमान करती है। आपका जवाब क्या है?
रावण: “आपकी भावनाएं बहुत जल्दी आहत हो जात�� हैं।”
तो फिर आपकी अपनी “आहत भावनाएं” कथित झूठे SC/ST केस क्यों बनवाती हैं?
और अगर निशु को सच में रेप की धमकियां आ रही हैं, तो अकाउंट पब्लिश करो।
पीड़ित बनने से बेहतर सबूत दो।
देश में SC ST एक्ट लगाने का तरीका...👇
1. किसी दुकानदार ने उधार देने से मना किया तो लगा दो SC ST एक्ट
2. कोई लड़की संबंध बनाने से मना करदे तो लगा दो SC ST एक्ट
3. कोई उधार दिए पैसे वापस मांगे तो लगा दो SC ST एक्ट
4. किसी का घर पसंद आजाए और वो अपना घर आपको देने से मना करदे तो लगा दो SC ST एक्ट
5. आप जीभर के किसी को गा "ली" दे और वो बदले में कुछ बोले तो लगा दो SC ST एक्ट।
बस अब यही हो रहा है देश में इस बवासीर एक्ट को वजह से।
अजीत भारती की जाति से इस मिया का क्या लेना देना ?
ये मिया जिनसे नूपुर शर्मा के विरुद्ध झूठा क्लिप काट कर मज़हबी उन्माद फैलाया , ग़ाज़ीपुर में एक मुस्लिम बुजुर्ग का वीडियो म्यूट करके बोला के जय श्री राम बुलवाया गया है ?
असल में ये आदमी विशुद्ध दंगाई चरित्र का आदमी है।
ये तो मिया इस देश में इतना प्रिविलेज क्लास का आदमी है के कुछ भी कर सकता है ��र माइनॉरिटी अत्याचार का विक्टिम कार्ड खेल सकता है ।
कोई पूछे अजीत की जाति से इस मिया के क्या लेना देना है ?
कल ये हुआ है
ब्रो ने थाने जाते ही हर बार की तरह पुलिस को धमकाया
ब्रो ने @DCPNewDelhi से कहा स्वतंत्र पर Sc/St लगाओ डीसीपी ने मना किया तो
ब्रो ने कहा लगाता है या मैं त��झ पर लगाऊ Sc/St
इतना सुनते ही डीसीपी ने सौरव दास से पूछा सर ये स्थिति है सौरव ने कहा कर दो FIR
जनता बे मतलब चीख रही है मुकदमा नहीं ��नता
क्यों @samrat4bjp कुशवाहा जी, सजातीय है तो क्या ब्राह्मणों पर ऐसे आक्षेप सुनते रहोगे? @bihar_police के प्रिंटर में यदि इंक समाप्त हो गया हो, और उनके अधिकारी निर्वीर्य हो गए हों, तो बता दें। आपको जातिगत संघर्ष चाहिए तो नब्बे का दशक याद कर लीजिए।
ऐसे जातिवादी गुंडे खुले समाज में कैसे विचर��� कर रहे हैं, सम्राट चौधरी? ये मोदी जी के लाडले हैं, इनको कोई छू नहीं सकता। पर याद रहे मोदी जी, जो आपके उत्थान के सहायक हैं, वही हट जाएँगे तो आपके पास बहुत विकल्प नहीं होंगे।
ब्रेकिंग प्वाइंट पर आने से पूर्व इन बकचोदियों को बंद करवाइए।
स्वतंत्र भारद्वाज को एक दिन की पुलिस कस्टडी
स्वतंत्र भारद्वाज को एक दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। उन्हें कड़कड़डूमा कोर्ट कॉम्प्लेक्स में संबंधित जज के आवास पर पेश किया गया था।
यह मामला मारपीट की उस घटना से जुड़ा है, जिसमें भारद्वाज पर 14 वर्षीय CJP कार्यकर्ता के पिता संजय आज़ाद के साथ मारपीट करने का आरोप है।