12 वर्ष पहले आज के ही दिन मेरे नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा हुई थी।
उस दिन मैं अपने ऑफिस में कंप्यूटर पर अलग अलग वेबसाइटों पर जर्मनी के लिए सबसे सस्ता टिकट ढूँढ रहा था।
तभी दिल्ली के एक पत्रकार का फ़ोन आया। वह ख़ुशी के मारे लगभग चीखते हुए बोले ,'कैलाश जी, नोबेल प्राइज, नाबेल प्राइज।' अति उत्साह और जल्दबाज़ी में वे यह नहीं बोल पाए कि प्राइस किसे मिला है।
मैंने सोचा कि जिस किसी के पुरस्कार की घोषणा हुई है, उनके बारे में वे मुझसे कोई बाईट चाहते हैं। मैंने उनका फ़ोन होल्ड करके गूगल पर वह नाम ढूँढना शुरू किया, ताकि ठीक से अपना बाईट दे सकूँ। लेकिन तब तक वहाँ कोई जानकारी नहीं आई थी।
कुछ ही क्षणों में ऑफिस के कई साथी ख़ुशी के मारे पागल हुए मुझसे आकर लिपट गए। तब मैंने जाना कि वह हादसा तो मेरे साथ हुआ है। हालांकि मुझे तब भी विश्वास नहीं हो रहा था।
आख़िर नोबेल शांति पुरस्कार के इतिहास में पहली बार दुनिया के सबसे शोषित और पीड़ित बच्चों को सम्मानित किया गया था, भले ही मेरे माध्यम से सही।
मैं आज भी अपने सभी साथियों ,सहयोगियों, अनगिनत बच्चों और उनके माता पिताओं के प्रति बेहद कृतज्ञ महसूस करता हूँ।
"राहुल (सरेंडर) गांधी ऐलान मस्क की सिफारिश में लगे हुए हैं, आखिर क्यों?" - भाजपा उपाध्यक्ष राम माधव
वाजिब सवाल है! जो व्यक्ति भारत के उद्योगपतियों का विरोध करता है, उसका मस्क प्रेम स्वाभाविक तो नहीं है!
भारत रत्न लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी की पुण्यतिथि पर उन्हें सादर नमन।
स्वतंत्रता संग्राम से लेकर कांग्रेस के विरुद्ध लोकतंत्र की रक्षा के लिए किए गए उनके संघर्ष और ‘संपूर्ण क्रांति’ के आह्वान ने देश में लोकतांत्रिक चेतना को नई दिशा दी।
जयप्रकाश नारायण जी का जीवन हमें सदैव जनहित को सर्वोपरि रखते हुए राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने की प्रेरणा देता रहेगा।
अपनेपन की सेल्फी... 📸
राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @NitinNabin की सहजता, सरलता और आत्मीयता कार्यकर्ताओं के बीच नई ऊर्जा का संचार करती है। कार्यकर्ता संगठन की शक्ति हैं और जब नेतृत्व का साथ मिले तो यही शक्ति संकल्पों को नई गति देती है।
जब भी देशहित में कोई बड़ा सुधार, परिवर्तन और व्यवस्था को मजबूत करने वाला कदम आगे बढ़ता है, कांग्रेस का विरोध सामने आ जाता है। मुद्दा कोई भी हो, कांग्रेस का रवैया अक्सर एक जैसा दिखाई देता है सुधार का विरोध, भ्रम की राजनीति और जनता को गुमराह करने का प्रयास।
चुनाव व्यवस्था में सुधार की बात हो, One Nation, One Election का विषय हो, मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और शुद्ध बनाने के लिए SIR हो, वक्फ व्यवस्था में सुधार हो या देश की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय कांग्रेस ने इन कदमों पर सवाल उठाए और विरोध किया।
CAA जैसे कानून का भी कांग्रेस ने विरोध किया, जिसका उद्देश्य पड़ोसी देशों में धार्मिक उत्पीड़न का सामना कर भारत आए पात्र शरणार्थियों को नागरिकता का रास्ता देना था। इसी तरह देश में घुसपैठ पर रोक लगाने और माओवादी-नक्सली हिंसा को समाप्त करने के प्रयासों पर भी राजनीतिक विरोध देखने को मिला।
लेकिन आज देश बदलाव चाहता है। भारत की जनता चाहती है कि व्यवस्था में सुधार हो, चुनाव प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बने, देश की सुरक्षा मजबूत हो और हर क्षेत्र में विकास की गति तेज हो।
#BJP #ViksitBharat #Reforms #SIR #OneNationOneElection