@AKSharmaOffice जी शेरपुर फिटर , kundesr पावरहाउस जिला गाजीपुर से हमारे गांव शेरपुर कलां की सप्लाई आती है, शाम के पांच बजे से बिजली गुल है, पहले 9.30 का मैसेज आता है फिर 10.55 पर , 11 बजे लाइट आई फिर 11.40 पर गायब हो गई, अब 1.40am पर आने का मैसेज दिया है।
क्या इस समय प्रदेश में कोई ऊर्जा संकट है ?
@UPPCLLKO
वाह शर्मा चाचा लाइट बचा के जेब में रखबा का, आवा कभी हमने के यहाँ भी एक दुई दिन रह ला समझ में आ जाई की लाइट के बिना कैसे रहल जालa ज���करे घर में छोटे बच्चा है उ सब कैसे रहेल ग़ाज़ीपुर जिला में लाइट की बहुत दैनीय हाल बा कुछ विचार करा चाचा
@aksharmabharat
@myogioffice @AKSharmaOffice
पिछले 1 महीने में देश ने अनेक सिद्धियां प्राप्त की हैं।
दे���वासी गर्व से भर जाएं, इस प्रकार की सिद्धियों का सिलसिला चला है।
चाहे राष्ट्रीय हो, अंतरराष्ट्रीय हो और अब तो अंतरिक्ष भी… एक प्रकार से भारत के लिए गर्व के पल रहे हैं।
पिछ्ले वर्ष मानसून सत्र से ठीक पहले भारतीय नागरिक International Space Station पर पहुंचा था और परसो ही भारत के एक युवा startup ने बहुत बड़ी सिद्धि प्राप्त की है।
ये संयोग नहीं, बल्कि एक बड़ा मजबूत संदेश है कि हमारे देश के युवाओं की क्षमता और उन��ी आकांक्षा अंतरिक्ष जितनी असीम है।
- पीएम श्री @narendramodi
पूरा वीडियो देखें: https://t.co/F9ehJnNWox
सपा-कांग्रेस के समय कब्रिस्तान की बाउंड्री वाल बनाना और कांवड़ यात्रा, रामनवमी की शोभा यात्रा व जन्माष्टमी पर प्रतिबंध ही 'धर्मनिरपेक्षता' का मानक था...
हमें ऐसी धर्मनिरपेक्षता को उखाड़-���ेंककर सनातन की सुदृढ़ भूमि पर एक सुरक्षित भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ना पड़ेगा...
@UPPCLLKO@AKSharmaOffice Azamgarh jile ke ramgarh me bijli ki bahut samasya hai puri raat light ka aana jana hota h bss 10minute ke liye aaegi to 2ghante ke liye chali jaegi ghar me chhote bachche hain bahut samasya ho rhi h aur bijli ki halat ekdam kharab h
@AKSharmaOffice
अरे शर्मा चाचा बड़ी गर्मी बा कुल हवा चाची के देत हवा का तनी आम जनता पर भी ध्यान दा ना त नैया डूब जाई। बिजली सबके खातिर बा खाली तुहरे और चाची खातिर ना।शाम 3 बजे से light कटी हुई है अब तक नहीं आई। आम जनता को गर्मी नहीं होती है क्या।
@AKSharmaOffice@myogiadityanath@myogioffice
गांव पर रहने के दौरान, रात में लाइट का चले जाना उतना नहीं अखरता, क्योंकि गांव में गर्मी के समय प्लान बी हमेशा तैयार रहता है। छत पर सोने वाला।
हमलोग जब छोटे थे और गर्मियों में गांव आते थे , उस समय लाइट का मतलब बस टीवी होता था। जब तक है, कुछ देख लिया जाए।
शाम को छत को पानी से तर कर देना, और लाइट की फिक्र किए बिना , बिछौ��ा बिछाकर सभी लोग लोट जाते थे, मोबाइल था नहीं उस समय तो अंताक्षरी से काम चल जाता था, आपसी संवाद था, मनोरंजन था।
अब तो बस मोबाइल है और उसी में मनोरंजन है।
जब भी ऐसे मौक़े आए तो तारों को नेत्र सर्जन की भांति निहार लिया कीजिए।
तेल के दाम आज फिर बढ़े, सरकार ने रोकने का भरपूर प्रयास किया लेकिन रोक नहीं पाए, जनता भी उग्र इसलिए नहीं हो रही क्योंकि उनको कारण पता है।
पहले सप्ताह भर का रिजर्व भी नहीं होता था आज नब्बे दिनों तक का स्टॉक रहता है, ये छोटी उपलब्धि नहीं है।
आने समय में America Iran Israel और मुस्लिम देशों के बीच चल रहे विवाद का निपटान नहीं हुआ तो मंहगाई और बढ़ेगी , मंदी भी आने ही वाली है।
कमर कस लेना है।
सरकार से निवेदन है कि अगर मंदी आती है तो आपलोग भी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी के वित्तीय फैसलों की समीक्षा जरूर कीजियेगा।
शायद कुछ अच्छा मिल जाए।
कटरिया प्रकरण गाजीपुर
इस समय उत्तर प्रदेश में गाजीपुर जिले का कटरिया गांव राजनैतिक गिद्धों का केंद्रबिंदु बना हुआ है।
गा���ीपुर मेरा अपना जिला भी है, उस गांव के कई लोगों से बातचीत करने के बाद इस पूरी घटना की जानकारी एकत्रित कर उसको क्रमबद्ध करने का मैने प्रयास किया है।
पूरा मामला ये है कि करंडा थाना के कटरिया गांव निवासी निशा विश्वकर्मा और गांव के ही हरिओम पांडे के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था, जिसकी जानकारी परिजनों को भी थी।
घटना वाले दिन निशा और हरिओम पांडे एक दूसरे से मिले थे, लड़की तनाव में थी ।
लड़की को रात में 2 बजे अकेले ही गंगा किनारे सीसीटीवी कैमरा में जाते देखा गया है ।
लड़की ने सुबह 5:30 बजे अपने पिताजी से मोबाइल पर बात की है, और खुद को समाप्त कर लेने की बात करके फोन रख दिया।
लड़की के पिता ने ही 112 पर कॉल करके पुलिस ���ो आत्महत्या की जानकारी दी।
लड़की का मोबाइल, चप्पल और दुपट्टा गंगा पुल पर था जिसको पुलिस ने बरामद किया।
अब कोई हत्या करेगा तो साक्ष्य क्यों छोड़ेगा, ये सोचने वाली बात है।
इस घटना के बाद राजनैतिक दल वहां पहुंचने लगे, तहरीरें लगातार बदलती रहीं।
पहले हत्या फिर गैंगरेप का आरोप लगाया जाने लगा।
समाजवादी पार्टी के डेलिगेशन ने व��ां जाने का ऐलान किया।
गांव के प्रधान आशुतोष सिंह आशु ने कहा कि भीड़ लेकर गांव में नहीं आना है, 15 लोग का प्रतिनिधिमंडल मिल ले, लड़की के पिता भी इसी बात पर सहमत थे।
लेकिन समाजवादी पार्टी अपने स्वभाव के अनुसार 300 लोगों की भीड़ लेकर गांव में गई, नतीजतन गांव वालों ने इसका विरोध कर दिया।
सबसे पहले सपा के लोगों ने ज़बरदस्ती जाने के लिए धक्कामुक्की शुरू की और एक राजपूत लड़के का सिर फोड़ दिया।
उसके बाद ��्रामीणों ने भी अपनी तरफ से पथराव शुरू किया।
इस पूरे मामले में 6 ग्रामीणों और 42 सपा नेताओं कार्यकर्ताओं पर मुकदमा दर्ज किया है।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आने का ऐलान किया है।
उनके आने से पहले ही मंत्री ओम प्रकाश राजभर और राज्यसभा सांसद संगीता बलवंत बिंद, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य और अन्य नेता पीड़िता के पिता से मिले और ढाई बीघा जमीन, आवास योजना से एक मकान और 5 लाख का चेक सौंपा है।
साथ ही सांसद संगीता बलवंत बिंद जी ने मुख्यमंत्री से अनुरोध करते हुए एक लेटर लिखा है कि अखिलेश यादव कटरिया गांव ना आएं।
ये मुद्दा केवल इसलिए हाईलाइट है क्योंकि मुकदमें में आरोपी हरिओम पांडे एक ब्राह्मण है।
azamgarh jile ke ramgarh ganv me puri raat bijli ni rah rhi h kya yogi ji bina light ke rah sakte h lekin unko aam aadmi ki samsya se koi matlb ni h kripya light ki dhang se vyasthsa ki jae. #aksharma#Yogi_Adityanath#lightningstrikes
आप सभी सनातन धर्मावलंबियों को परशुराम जन्मोत्सव और अक्षय तृतीया की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई।
"ॐ जामदग्न्याय विद्महे
महावीराय धीमहि
तन्नो परशुराम: प्रचोदयात्।।"
#जय_श्री_परशुराम
हर हर महादेव 🚩👏
सेवा में,
माननीय श्री नितिन अग्रवाल जी,
आबकारी एवं मद्य निषेध मंत्री,
उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ।
विषय: शहीदों की नगरी ग्राम शेरपुर (गाजीपुर) में प्रस्तावित देसी शराब की दुकान के निरस्तीकरण के संबंध में।
आदरणीय महोदय,
सविनय निवेदन है कि गाजीपुर जनपद का ग्राम शेरपुर पूरे देश में अपनी देशभक्ति और बलिदान के लिए जाना जाता है। यह गाँव 'अष्ट शहीदों' और 99 स्वतंत्रता सेनानियों की वह पावन भूमि है, जिसने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया है।
हमें ज्ञात हुआ है कि शासन द्वारा इस ऐतिहासिक गाँव में सरकारी देसी शराब का ठेका खोलने की स्वीकृति दी जा रही है। इ��� निर्णय से समस्त ग्रामवासियों और क्षेत्र के लोगों में भारी क्षोभ है, जिसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
ऐतिहासिक गरिमा: शेरपुर गांव "बॉलीबॉल" खेल का गढ़ है, ना केवल गांव बल्कि अन्य जिलों के लड़के भी यहां रिश्तेदारी में रहकर बॉलीबॉल सीखते हैं, सैकड़ों लोग इस खेल के बदौलत स्पोर्ट्स कोटा ��े नौकरी करते हैं।
यह गाँव युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र है। यहाँ शराब की दुकान खुलने से गाँव की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पवित्रता धूमिल होगी।
सामाजिक प्रभाव: दुकान खुलने से गाँव के शांत वातावरण में व्यवधान उत्पन्न होगा और युवा पीढ़ी पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
जनभावना: ग्रामवासी सामूहिक रूप से इस प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं ताकि इस 'शहीद ग्राम' की मर्यादा अक्षुण्ण बनी रहे।
अतः आपसे विनम्र प्रार्थना है कि:
जनहित और इस ऐतिहासिक गाँव के गौरवशाली इतिहास को सम्मान देते हुए, यहाँ प्रस्तावित शराब की दुकान के लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने का निर्देश देने की कृपा करें।
हम आपके इस निर्णय के लिए सदैव आभारी रहेंगे।
भवदीय,
रत्नेश राय सांकृत
(सामाजिक कार्यकर्ता)
निवासी: ग्राम शेरपुर पोस्ट कलां, जिला गाजीपुर(उ.प्र.)
दिनांक: 09 अप्रैल, 2026
@myogiadityanath