प्राइवेट अस्पतालों में इलाज के नाम पर लूट तो हो ही रही है, ऊपर से सही और स्पष्ट मेडिकल ओपिनियन भी नहीं मिलता। छोटी-सी बीमारी के लिए चार डॉक्टरों को दिखाओ तो चारों की अलग राय- कोई अलग जाँच लिखेगा, कोई अलग बीमारी बताएगा और कोई अलग इलाज।
सरकार को सभी अस्पतालों के लिए पारदर्शी और एकसमान मानक बना देने चाहिए! किस बीमारी में कौन-सी जाँच जरूरी है, इलाज का उचित खर्च कितना है और मरीज को पूरी जानकारी देना अनिवार्य हो। चिकित्सा सेवा है, मरीज की मजबूरी का कारोबार नहीं।
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ये वही लोग है जो कहते हैं कि, विधायकों के लड़के विदेश में पढ़ते हैं, और हमारे बच्चे घटिया सरकारी स्कूलों में,
आज जब कोई आवाज उठा रहा है तो उनको ही पीट रहे हैं। सरकार के दलाल हर जगह हैं।
देश का Health System भ्रष्टाचार, Commissionखोरी और धांधलेबाजी की भेंट चढ़ चुका है।
और यह आज की बात नहीं है।
कई सालों से यही समस्या है, हर सरकार के सामने है, हर बड़े सरकारी Hospital के सामने है और देश के लगभग हर हिस्से में आम आदमी इसे भुगत रहा है।
#AIIMS जैसे बड़े सरकारी #Hospitals के बाहर मरीजों की कतारें कभी खत्म नहीं होतीं। महीनों तक Appointment का इंतजार, इलाज के लिए लंबी लाइन और कई बार एक Specialist को दिखाने के लिए भी मरीज को लगातार चक्कर लगाने पड़ते हैं।
दूसरी तरफ Private Hospitals का खर्च इतना बढ़ चुका है कि एक बीमारी पूरे Middle Class परिवार की वर्षों की Saving खत्म कर देती है। Consultation, Test, Pathology, Medicine और Hospital Charges की एक लंबी Chain बनती जाती है और मरीज को समझ ही नहीं आता कि इलाज करा रहा है या अपनी पूरी जिंदगी की कमाई खत्म कर रहा है।
जो Test ₹500 में हो सकता है, वही अलग-अलग जांच और Charges जुड़ते-जुड़ते ₹5,000 कब हो जाता है, आम आदमी को पता तक नहीं चलता।
और सबसे बड़ा सवाल Commission का है।
Test की जरूरत है या नहीं?
किस Pathology में जाना है?
कौन-सी Medicine लिखी जाएगी?
कितने Tests होंगे?
इन फैसलों के पीछे अगर मरीज का हित नहीं बल्कि Commission काम करने लगे, तो फिर Health System Commissionखोरी और धांधलेबाजी की भेंट चढ़ चुका है।
सरकारी Hospital में कई जगह दवाई बाहर की Medical Shop से हीं खरीदनी पड़ती है। Test बाहर की Pathology से करवाना पड़ता है।
क्यों?
जिस मरीज के पास Private Hospital का खर्च उठाने की क्षमता नहीं है, उसे सरकारी Hospital में भी पूरा इलाज क्यों नहीं मिल सकता?
दूर-दराज से आए परिवार महीनों अस्पतालों के चक्कर लगाते रहते हैं। जानकारी के अभाव में एक जगह से दूसरी जगह भेजे जाते हैं। कई बार सही समय पर सही इलाज नहीं मिलता और तब तक बीमारी गंभीर हो जाती है।
यह किसी एक Hospital की कहानी नहीं है।
यह पूरे #Health System की कहानी है।
जानिए हमारे देश के मुद्दे—
👥 जनता के मुद्दे :-
1. शिक्षा
2. स्वास्थ्य
3. रोजगार
4. महंगाई
5. गरीबी
6. पेपर लीक और भर्ती में भ्रष्टाचार
7. किसान की आय
8. महिला सुरक्षा
9. साफ पानी और हवा
10. सड़क, बिजली और बुनियादी सुविधाएँ
🏛️ सरकार के मुद्दे :-
1. वंदे मातरम्
2. पाकिस्तान
3. हिंदू राष्ट्र
4. नेहरू को कम दिखाना
5. विपक्ष ने 70 साल में क्या किया?
6. राष्ट्रवादी कौन, देशद्रोही कौन ?
7. सवाल पूछने वाला कहीं “दिमागी नक्सल” तो नहीं
🗳️ विपक्ष के मुद्दे :-
1. EVM
2. वोट चोरी
3. जातिगत जनगणना
4. संविधान खतरे में है
5. सरकार गिराओ-बचाओ
6. कौन किस पार्टी में चला गया
7. संसद में किसने क्या बोल दिया
📺 मीडिया के मुद्दे :-
1. सीमा हैदर का छठा बच्चा
2. मोदी जी के reel का रिकॉर्ड बना
3. हिंदू-मुस्लिम डिबेट
4. पाकिस्तान में क्या चल रहा है
5. नेता की रैली में कितनी भीड़ आई
6. सोशल मीडिया पर कौन-सा बयान , बन्दा वायरल है उसको जल्दी बुलाओ ।
राजनीति के मुद्दे बहुत हैं साहब…
बस जनता के मुद्दे ही राजनीति के मुद्दे नहीं बन पा रहे।
ये दोनों भारत की सबसे बेकार संस्थाएं हैं..!!
FSSAI का हाल देखकर तो लगता है हमें अपने फ़ूड प्रोडक्ट्स की टेस्टिंग के लिए दूसरे देशों से लोगों/कंपनियों को बुलाना चाहिए।
और TRAI शायद बढ़ते प्रीपैड प्लान को इसलिए इग्नोर करता है ताकि स्टारलिंक को भारत में एंट्री दिलाई जा सके?
आज #Aadhaar Verification, Bank OTP, UPI, सरकारी योजनाएँ, Pension, KYC और लगभग हर ज़रूरी सेवा के लिए SMS OTP एक अभिन्न हिस्सा बन चुका है। इसलिए Voice + SMS एक बुनियादी आवश्यकता है, इंटरनेट नहीं।
हर किसी को रोज़ इंटरनेट डेटा की ज़रूरत नहीं होती।
देश में लाखों senior citizen , आम नागरिक, कम आय वाले परिवार और Keypad Phone उपयोगकर्ता ऐसे हैं जिन्हें सिर्फ़ Voice Calling और SMS की आवश्यकता होती है।
@airtelindia और @reliancejio ₹51 या ₹99 जैसी किफायती कीमत में Voice + SMS Only Monthly Recharge Plan भी शुरू करें, ताकि हर वर्ग के लोगों को उनकी ज़रूरत के अनुसार विकल्प मिल सके।
Comment & Repost if You are agreee with this.
#Airtel #Jio #Recharge #Trai #India
TRAI आखिर कर क्या रही है?
कभी Connecting People जैसे campaigns थेआज सवाल यह है कि consumer के पास switch करने के लिए कितने मजबूत विकल्प बचे हैं?
Smart Phone अब सुविधा नहीं, हर महीने का अनिवार्य खर्च बनता जा रहा है। घर में 6 लोग हैं तो 6 अलग recharge… Wi-Fi होने के बावजूद।
#TRAI के पास tariff और consumer protection की जिम्मेदारी है, तो फिर आम आदमी की जेब और विकल्पों पर इतना दबाव क्यों?
क्या consumers को सिर्फ recharge करते रहना है और regulator को सिर्फ देखते रहना है?
आखिर आम आदमी के हित में TRAI की जवाबदेही कब दिखाई देगी? @TRAI
कांग्रेस सरकार में जिन नेताओं ने देश को लूटा अब वही नेतागण BJP में शामिल होकर फिर से देश को लूट रहे हैं।
कांग्रेस ने नहीं उसके नेताओं ने देश को लूटा था— कांग्रेस ने लूटा होता तो उसके अकाउंट में भी 20,000 करोड़ होते।
~ अभिनय सर 🔥🔥
उत्तर प्रदेश सरकार ने विज्ञापन पर खर्च करने के मामले में केंद्र की मोदी सरकार को भी पीछे छोड़ दिया है।
योगी सरकार पिछले 8 साल के कार्यकाल में 👇
कुल विज्ञापन पर खर्च— 6811.94Cr
प्रतिदिन खर्च— 2.32Cr
मोदी सरकार पिछले 11 साल के कार्यकाल में👇
कुल विज्ञापन पर— 5800Cr+
प्रतिदिन खर्च— 1.5Cr+
ये उस देश का हाल है जहां आज भी 80Cr लोग मुफ्त के राशन के लिए लाइन में लगते हैं— और ये उस राज्य का हाल है जहां स्कूल में "मिड डे मील" में बच्चों सब्जी में कच्चा आलू और पानी परोसा जाता है।
सोर्स— Newslaundry & The Lucknow Post
काम वगैरह कौन करवाए जब सारा काम प्रचार से हो जाना है।
देश को प्रचारजीवी लोग खा गए।
2.32 करोड़ रुपए उस राज्य का विज्ञापन खर्च है, जिस राज्य में मिड डे मील की सब्जी में सिर्फ पानी मिलता है।
दुर्भाग्य
यूपी में सबसे महंगा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे उद्घाटन के 18 दिन में 84 जगह धंसा: NHAI ने एक्सप्रेस-वे बनाने वाली कंपनी PNC इंफ्राटेक को नॉन-परफॉर्मर घोषित किया, परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने अमेरिका के जैसा बताया था; BJP सांसद के भाई की कंपनी को ठेका मिला, देखें पूरी रिपोर्ट...
पूरा वीडियो देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें-https://t.co/iK1cXZtVxX
#LucknowKanpurExpressway #NHAI #BJP #NitinGadkari #TransportMinister
In Parliament today, I spoke on the “cut money” arrangement between some doctors and diagnostic centres/ pathology labs.
Diagnostic centres call it "marketing expense." Doctors call it "referral commission." All gets added to Patient's hospital bill.
A silent transaction that isn't about your treatment. It's about who referred you.
Watch this before your next medical test.
महाराष्ट्र के FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने Analog Paneer पर पूरे राज्य में पाबंदी लगा दी
आज कल युवा ठेले पर या रेस्टोरेंट में सैंडविच, फ्रैंकी और पिज़्ज़ा में मिला पनीर खाते वो Analog Paneer होता है.
30 रुपए के फ्रैंकी में पनीर
60 रुपए के पिज्जा में पनीर
50 रुपए के सैंडविच में पनीर
250 की सब्जी में पनीर
इतने कम कीमत पर पनीर आइटम कैसे मुमकिन है. असल में भारत के 90% लोग जो पनीर खा रहे हैं वो ओरिजिनल पनीर नही, Analog Paneer है. इसे पाम ऑइल, स्टार्च, स्टेबलाइजर, इम्लसिफायर, फ्लोवर और अन्य केमिकल मिलाकर बनाया जाता है.
Analog Paneer एक तरह का जहर है. इससे कैंसर या अन्य गंभीर बीमारी होने का खतरा होता है. भारतीय को पता नही पनीर खाने की आदत कब पड़ गयी ?
राजकीय फतेहपुरिया अस्पताल सुजानगढ़ चुरू.!!
छत के प्लास्टर में मजबूती का बिलकुल ख्याल नही रखा गया.!
क्योंकि ठेकेदार सरकार और अधिकारियो को पता था मजबूत बना दी जाती..!!
तो आज इस महिला का सिर नही बचता.!!
कोटि कोटि धन्यवाद..🙏🙏
आज झारखंड, रांची आया। इतने छात्रों का दर्द सुना।
मैं कहूँगा कि आज exam system इतना खोखला हो चुका है कि भर्तियों का इतना बुरा हाल है।
पहले भर्ती आए- इसके लिए लड़ो।
फिर exam के लिए सालों इंतज़ार करते रहो।
5 साल में एक मौका मिल भी गया तो paper leak हो जाएगा, या setting और cheating का खेल शुरू हो जाएगा।
इन सब से भी ऊपर निकलकर आप 300 में 299 भी ले आए, तो भी result में नाम आएगा इसकी कोई गारंटी नहीं।
आख़िर हर कदम पर इस देश के छात्रों के साथ क्यों छल किया जा रहा है?
और जो छात्र 100-200 रुपये की form fees जैसे-तैसे जमा करता है, वो बार-बार आंदोलन कैसे करे?
क्या करे?
असहाय महसूस करता है। जैसे-तैसे लड़ने की हिम्मत जुटाता है, सालों के अत्याचार के बाद…
कोई भी सरकार भर्ती प्रक्रियाओं को ठीक नहीं कर रही। इसकी एक बड़ी वजह मुझे यह लगती है कि सरकारों की प्राथमिकताएँ में ये है नहीं और उनके funds का बड़ा हिस्सा freebies में indirectly वोट ख़रीदने में जा रहा है
जनता जिस विचारधारा के ख़िलाफ़ वोट देती है, कल को वही नेता पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में चला जाता है। हर मोड़ पे बिस्वासघात ।
आज देश के सभी शिक्षकों को छात्रों के हितों के लिए आगे आना होगा। इनकी लड़ाई का हिस्सा बनना होगा।
तभी सबके पढ़ाने की सार्थकता है।
वरना आप भी सरकार की तरह ही है जिसका ध्यान बस पैसे आने से है,बस पढ़ाओ। Selection हो या न हो, उससे क्या मतलब?
जितनी भर्ती cancel होगी, जितनी delay होगी, उतना ज़्यादा coaching का पैसा आएगा।
इसलिए मैं सभी शिक्षकों से हाथ जोड़कर आग्रह करता हूँ 🙏🏻
please छात्रों के साथ हो रहे इस अन्याय में, जैसे भी संभव हो, वीडियो बनाकर उनकी आवाज़ उठायें या यहाँ की व्यवस्था के लिए आर्थिक मदद दे।
अगर शिक्षा से जुड़े लोग भी छात्रों के साथ खड़े नहीं होंगे, तो फिर उनके साथ खड़ा कौन होगा?
"एलन मस्क (Elon Musk) अपनी टेस्ला में चाहे जितने फीचर्स डाल लें, लेकिन वो 'चतुर्थ श्रेणी अधिकारी' वाली हरी प्लेट का भौकाल कभी कॉपी नहीं कर पाएंगे।
साले साहब ने नौकरी जॉइन करने से पहले ही इंटरनेट का सिस्टम क्रैश कर दिया है!
#चतुर्थ_श्रेणी_अधिकारी (RJ)