श्री राजपूत करणी सेना के नेतृत्व में अपनी जायज मांगों को लेकर जयपुर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर प्रशासन द्वारा लाठीचार्ज किया जाना अत्यंत निंदनीय है। असहमति की आवाज़ का समाधान बल प्रयोग से नहीं, बल्कि संवाद और संवेदनशीलता से होना चाहिए।
लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है।
@PMOIndia@RajCMO
#ओरण_हमारी_विरासत
विविधता को बचाने के लिए कई प्रकार के अंतर्राष्ट्रीय प्रयास किए जा रहे है इसे बचाने के लिए भारत में भी जैव विविधता अधिनियम 2002 संसद में पारित हुआ था इसके बाद कई क्षेत्र चिन्हित हुए और संरक्षित हुए बाघ परियोजनाएं बन रही,रामसर साईट बन रही,चीतों को विदेशों से लाकर बचाया जा रहा तो रेगिस्तान के ओरण क्षेत्रों को क्यो नहीं बचाया जा रहा? इसलिए यह सरकार का कर्तव्य है कि #बईया गाँव की ओरण ही नहीं अपितु राजस्थान की सम्पूर्ण ओरण भूमि को संरक्षित करें
सरकार मुंह बोली ओरण को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज कराने के लिए स्वयं पहल करे। ग्रामीणों की जिम्मेदारी केवल प्रशासन को सही जानकारी देने तक सीमित होनी चाहिए।क्योंकि अधिकतर ग्रामीण कानूनी प्रक्रियाओं से अनभिज्ञ होते है
जो पार्टी गाय के नाम पर वोट मांगती है, वही आज कंपनियों के साथ खड़ी होकर चरागाह उजाड़ रही है।
बीजेपी के एजेंडे में सनातन आस्था और गाय माता पर दिखावटी प्रेम और चरागाह उजाड़ने का काम विरोधाभासी है। यह #पूंजीवाद को बढ़ावा देकर अंधाधुंध #निजीकरण करके कुछ लोगों को मालिक बनाने पर तुली है, जबकि आमजन और पर्यावरण पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। सरकार को ओरण संरक्षित कर संतुलित विकास सुनिश्चित करना चाहिए।
यह दुनिया का एकमात्र रेगिस्तान है जहां आबादी रहती है, और यहां का पशुधन और वनस्पति ही लोगों का जीवन आधार है।
सरकार को सभी ओरण चिन्हित कर राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज कराना चाहिए, ताकि विकास कार्य संतुलित और टिकाऊ हो सके।
पर्ची सरकार ध्यान दे @BhajanlalBjp@RajCMO@narendramodi
दम है कितना दमन में तेरे, देख लिया है देखेंगे, जगह है कितनी जेले हैं तेरे में देख लिया है देखेंगे...
जननेता भाई @RavindraBhati__ जी के हौसले को सलाम। 🫡#ओरण_हमारी_विरासत
सर्द रात्रि में जो अकेला आपके लिए रात भर लड़ रहा हो कैसे अकेला छोड़े उस इंसान को जिसका अपनापन के सिवा कोई वास्ता नहीं हमसे...
सुबह की चाय शिव विधायक रविन्द्रसिंह भाटी के साथ बईया ओरण भूमि पर @RavindraBhati__#ओरण_हमारी_विरासत#ओरण_बचाओ_आंदोलन
ओरण हमारी सांस्कृतिक धरोहर और पूर्वजों की दूरदर्शिता का प्रतीक हैं। उन्होंने उस पवित्र भूमि पर मंदिरों का निर्माण करवाकर वन्यजीवों के संरक्षण, गौमाता के चारागाह और पर्यावरण की रक्षा के लिए यह भूमि समर्पित की थी। आज हम सबकी जिम्मेदारी है कि हम इस धरोहर की रक्षा करें और इसे संरक्षित रखकर अपने पूर्वजों के सपनों को साकार करें।
#ओरण_हमारी_विरासत
ओरण हमारी सांस्कृतिक धरोहर और पूर्वजों की दूरदर्शिता का प्रतीक हैं। उन्होंने उस पवित्र भूमि पर मंदिरों का निर्माण करवाकर वन्यजीवों के संरक्षण, गौमाता के चारागाह और पर्यावरण की रक्षा के लिए यह भूमि समर्पित की थी। आज हम सबकी जिम्मेदारी है कि हम इस धरोहर की रक्षा करें और इसे संरक्षित रखकर अपने पूर्वजों के सपनों को साकार करें।
#ओरण_हमारी_विरासत