Dear @Toyota_India,
Since you’ve publicly attributed vehicle breakdowns to contaminated EBMS supplied through fuel stations, I invite you to an open, evidence-based technical discussion.
I challenge you to choose any Retail Outlet, anywhere in India, and demonstrate—using scientific evidence and established fuel handling protocols—how such alleged adulteration is carried out and sustained within the existing supply chain.
Let’s move the conversation from assumptions to verifiable facts. The industry and consumers deserve transparency backed by data, not generalised allegations.
@ToyotaMotorCorp@Secretary_MoPNG@siamindia
तेल कंपनियों की नीतियों पर डीलरों में आक्रोश, 1 जून को बुलाई गई AGM,एकतरफा नीतियां, अव्यवहारिक बिक्री लक्ष्य, तेल के बढ़ते कीमतों के बाद भी डीलर कमीशन का ना बढ़ना, अनुचित डेबिट/पेनल्टी, मांग के अनुरूप स्टॉक व सप्लाई न मिलना, मनमाने निरीक्षण एवं व्यापार की स्वतंत्रता पर अंकुश।
कहते हैं कि मंदिर मनुष्य बनाता है, लेकिन उसमें उतरना ईश्वर की अपनी मर्जी होती है। आख़िरकार वह घड़ी आ ही गई, जब रांची के आकाश ने मंत्रों की गूंज सुनी और बाबा गणिनाथ जी अपने भव्य विग्रह में 'प्राण' बनकर समाहित हो गए।
यह केवल एक मूर्ति की स्थापना नहीं, बल्कि चेतना का विस्फोट है।
शून्य से अनंत तक: बाबा का विस्तार
बाबा गणिनाथ केवल इतिहास के एक पन्ने नहीं, बल्कि वह 'अनाहत नाद' हैं जो आज भी न्याय और सत्य की रक्षा के लिए गूँजता है। गुरु गोरखनाथ की योग-अग्नि में तपकर उन्होंने सिद्ध किया कि एक सच्चा योगी वही है, जो समाज के आंसुओं को पोंछने के लिए 'शस्त्र' और 'शास्त्र' दोनों उठा सके। मगध की धरती पर अधर्म का अंत करने वाले उस महायोगी का आज अपने नए धाम में आगमन, धर्म की पुनर्स्थापना का उद्घोष है।
'आध्यात्मिक पावर हाउस' की गर्जना
अक्सर लोग पूछते हैं कि पत्थर की मूरत में क्या रखा है? उन्हें आज इस नव-प्रतिष्ठित मंदिर की ऊर्जा देखनी चाहिए।
यह मंदिर एक 'ऊर्जा पुंज' है, जो आधुनिकता की अंधी दौड़ में भटकते मन को 'स्व' से जोड़ेगा।
यह उन संस्कारों का 'सुरक्षा कवच' है, जो आने वाली पीढ़ियों को उनकी जड़ों से कटने नहीं देगा।
यहाँ की हवा में अब बाबा का वह अनुशासन और करुणा घुली होगी, जो हर अशांत मन को मौन कर देगी।
मेरा सौभाग्य: चेतन सानिध्य में चातुर्मास
मेरे लिए यह क्षण शब्दों से परे है। एक संन्यासी के जीवन में तीर्थों का महत्व तो है ही, लेकिन साक्षात जाग्रत चेतना के सानिध्य में बैठने का अवसर विरले ही मिलता है।
"यह बाबा की ही अहैतुकी कृपा है कि मुझे उनके इस नूतन और जाग्रत 'चेतन सानिध्य' में आगामी 'चातुर्मास' व्यतीत करने की दुर्लभ आज्ञा प्राप्त हुई है।"
एक साधक के लिए इससे बड़ी निधि और क्या होगी? जहाँ बाहर उत्सव का शोर है, वहीं भीतर बाबा की ऊर्जा मुझे उस 'शून्य' की ओर ले जा रही है, जहाँ सिर्फ गुरु-तत्व शेष रहता है। यह मेरा पुरुषार्थ नहीं, उनकी पुकार है।
आइए, इस नूतन मंदिर के प्रांगण में केवल मस्तक न झुकाएं, बल्कि अपने भीतर के 'अधर्म' को बाबा के चरणों में त्यागने का संकल्प लें।
"अधर्म के तिमिर में, गणिनाथ सूर्य का प्रकाश हैं,
निर्भय है हर वो हृदय, जिनके बाबा ही आधार हैं।"
|| जय बाबा गणिनाथ ||
|| ॐ नमो नारायण ||
@NipoonMrinal@Pnisha5
रातु (रांची) में गणिनाथ गोविंद ट्रस्ट द्वारा आयोजित बाबा गणिनाथ जी महाराज का तीन दिवसीय प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन की समाप्ति नहीं, बल्कि एक वैचारिक विजय का प्रारंभ है।
समाचार पत्रों की सुर्खियाँ गवाह हैं कि हज़ारों की भीड़ और जयकारों ने इस क्षेत्र की चेतना को झकझोर दिया है। लेकिन इस स्थापना का वास्तविक महत्व इसके भूगोल और जनसांख्यिकी में छिपा है।
अक्सर मंदिर वहाँ बनाए जाते हैं जहाँ श्रद्धा का बाहुल्य होता है, जहाँ हम बहुसंख्यक होते हैं। वहाँ मंदिर बनाना सहज है, सरल है। किंतु, साहस और संकल्प की असली परीक्षा तो वहाँ होती है जहाँ हिंदू अल्पसंख्यक हैं।
जहाँ हमारी संख्या कम है, वहीं धर्मध्वजा को सर्वोच्च शिखर पर स्थापित करना सबसे अनिवार्य है। यह मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं, बल्कि इस क्षेत्र में हमारी जड़ों, हमारी संस्कृति और हमारे अस्तित्व का जीवंत प्रमाण है।
अल्पमत के बीच खड़ा यह भव्य मंदिर एक 'शक्ति पुंज' की तरह कार्य करेगा, जो बिखरते हुए समाज को एकजुट करने और उनमें आत्मविश्वास भरने का कार्य करेगा।
वैदिक मंत्रोच्चार और आचार्यों के सानिध्य में संपन्न यह अनुष्ठान इस क्षेत्र की ऊर्जा को बदल कर रख देगा।
बाबा गणिनाथ के साथ-साथ शिव परिवार, राम दरबार और हनुमान जी की मूर्तियों की प्रतिष्ठा उस क्षेत्र के लिए एक आध्यात्मिक सुरक्षा कवच है।
यह स्थान उन चुनौतियों का उत्तर है जो सांस्कृतिक पहचान खोने के डर से पैदा होती हैं। यह मंदिर आने वाली पीढ़ियों को उनकी पहचान पर गर्व करना सिखाएगा।
गुजरात से इस पावन धरा तक की मेरी यात्रा का उद्देश्य ही यही है-जहाँ धर्म को आपकी आवश्यकता है, वहाँ खड़े होना। इस महोत्सव में मिला सम्मान और भक्तों का उत्साह यह बताता है कि संख्या बल से बड़ा 'संकल्प बल' होता है।
"भीड़ में जयघोष तो सब करते हैं, पर दुर्गम राहों पर ध्वज वही गाड़ते हैं जिनके भीतर बाबा गणिनाथ जैसा शौर्य और महादेव जैसी अडिगता होती है।"
आइए, इस नूतन मंदिर को साक्षी मानकर संकल्प लें कि जहाँ भी धर्म को रक्षण की आवश्यकता होगी, हम वहाँ एक अडिग प्रहरी बनकर खड़े रहेंगे।
|| जय बाबा गणिनाथ ||
|| जयतु सनातन धर्मः ||
|| ॐ नमो नारायण ||
@MohiniWealth बुद्धिं हींन व्यक्ति आज के दिन में सभी पेट्रोल पंप automation पर चलता है। वीडियो बनाने में पहले अपने किसी पास के पेट्रोल पंप से पूरी जानकारी ले लेते तो ज्यादा अच्छा होता।
@HardeepSPuri@narendramodi प्रिय प्रधानमंत्री जी @narendramodi और पेट्रोलियम मिनिस्टर @HardeepSPuri श्री प्रदीप सिंह पुरी जी, विगत 2017 से पेट्रोलियम डीलर्स का डीलर कमीशन का इजाफा नहीं हुआ है, सभी पेट्रोलियम डीलर्स की माली हालत ठीक नहीं है, कृपया कर पेट्रोलियम डीलर्स के बारे में सोचें ।
Traveling with PNR no. 6736586758
Train no. 12041 Shatabdi Exp. Coach no. C6 with NO AC and without proper cleaning of the whole Train. Time 3:15 PM Very painful Journey.
@IRCTCofficial@irctcwestzone@RailMinIndia@PMOIndia