Anthropic: we are reducing your weekly rates by 17%.
OpenAI: We are resetting usage for all paid Codex and ChatGPT Work users and fixed several bugs that wasted usage, so the same allowance should now last 10–50% longer.
At this point its crystal clear who does better community work.
अंदर बिखरा है,
बाहर मुसकुरा रहा है,
अंदर बिखरा है,
बाहर मुसकुरा रहा है,
पिता है साहब फ़र्ज़ निभा रहा है,
घर चला रहा है,
खर्चा उठा रहा है,
अंदर टूट रहा है,
हमे बना रहा है,
पिता है साहब फ़र्ज़ निभा रहा है ।।।
Well said! 💯
याद रखना की,
कभी अफसोस के लम्हे,
तो कभी सुकून के पल देगा,
इस वक्त की ज़िंदगी को जी भर के जी लो,
क्योंकि कुछ ही देर मे,
वक्त सब बदल देगा ।।।
Well said! 💯
मेरे पापा जैसा आलीशान और कौन होगा,
जो शर्ट की फटी हुई जेब में हाथ डालकर कहे,
मेरे बेटे को जो चाहिए वो मिलेगा,
उससे बड़ा धनवान और कौन होगा ।।।
Well said! 💯
कि कुछ रीत जगत की ऐसी है,
हर एक सुबह की शाम हुई,
तू कौन है, तेरा नाम है क्या,
सीता भी यहां बदनाम हुई,
फिर क्यूँ संसार की बातों से
भीग गए तेरे नैना,
कुछ तो लोग कहेंगे,
लोगो का काम है कहना ।।।
Well said! 💯
पापा के होने से हर दिन है खास,
उनके बिना जीवन है बेधड़क, है उदास।
जन्मदिन के दिन आपको ये कहना है,
हमारे जीवन की सबसे बड़ी खुशियों की वजह हैं आप, ये बात है सच!
Happy birthday papa ❤️!