निशु, घबराने की जरूरत नहीं है। मैं तुम्हें जेल पहुँचाने में तुम्हारे साथ हूँ।
अब बारी त���म्हारी और तुम्हारे पिताजी की है।
हिंदू देवी देवताओ के ख़िलाफ़ जो बयानबाजी तुमने और तुम्हारे बाप ने की है अब उसका भुगतान भुगतने का समय आ गया है।🧐
#arrestsanjayazad
यह जब लड़की बेशर्मी कर रही थी तो इसके बाप को भी यह ख्याल नहीं आया की देश के प्रधानमंत्री को क्या-क्या बोल रही है।
और आज देश में विक्टिम कार्ड खेला जा रहा है।
राहुल गांधी जी जिस निशु आज़ाद को कह रहे है तुम घबराओ मत हम तुम्हारे साथ है,
उन्हें अब ये बताना चाहिए क्या वो उस भाषा के भी साथ है जो वो भारत के प्रधानमंत्री के लिए इस्तेमाल करती है?
जो वो हिंदू देवी देवताओं के लिए इस्तेमाल करती है?
देखो कितना बड़ा दुर्भाग्य है आज इसके बारे में
बात करनी पड़ रही है ये है Nishu मैडम जी
कुछ बोला तो SC ST Act लग जायेगा जैसा
स्वतंत्र भारद्वाज पे लगा इसको NEET पता नहीं
पर CJP प्रोटेस्ट में हिट क्यों गाली देने में माहिर
हिंदू देवी देवताओं को गाली देना इसकी
विशेषता यही वजह की राहुल गांधी सौरव दास
इसका समर्थन करते हैं इसके पिता
संजय आजाद भी फूल एक्टिव वीडि���ो के आधर
पर तो ये भी दोषी हैं तो दिल्ली पुलिस
#ArrestSanjayAzad
Gen Z तो हाथ धो कर अभिजीत दीपके के पीछे पड़ गया 😂😂
झूठी की पोल पट्टी खोलने लगा
अब यही देखो सुभाष चंद्रा के 22 हज़ार करोड़ के
लोन पर ये झूठ परोस रहा है सोशल मीडिया पे
बहन के इस कॉकरोच के धागे खोल दिए
Dear Hindus, Boycott Kriti Sanon's Brand 'Hyphen' Immediately.
It is time for Hindus to stand united, hold public figures accountable, and hit back against those who disrespect our community and values.
Do not give a single rupee of your hard-earned money to Kriti Sanon's skincare venture.
Use your purchasing power as a force zero support, zero sales. Shut down the hype and reject Hyphen completely!
@kritisanon
नई फिल्म आई है नाम है ढोंग का मौलाना...
शर्म आनी चाहिए अखिलेश जी... रक्षाबंधन के नाम पर इस तरह पैसे बांटकर ढोंग करते हुये...
बाकी याद रखना.. ये लिफाफे जो vote खरीदने की नीयत से दिये जा रहे... वो काम नहीं आएंगे ✍️
GIVA ने Kriti Sanon वाले रक्षाबंधन को लेकर जारी किए अपने Add को वापस ले लिया है।
इसके बाद भी सवाल उठता है कि क्या कृति सैनन और एड लिखने वालों ने हिंदुओं को ये बताने के लिए एड बनाया था कि वे अपने त्योहार पर क्या पहनें?
भले ही GIVA की तरफ से माफ़ी मांग ली गई है। लेकिन हिंदू त्योहारों पर ऐसी controversies का एक पैटर्न दिखाई देता है।
देखिए @himanshi__bisht की रिपोर्ट।
इस एबीपी न्यूज रिपोर्टर ने चंद्रशेखर रावण को बुरी तरह से पेल दिया और लाइव टीवी पर सबक सिखा दिया। 🚨
चंद्रशेखर: मंदिर रोजगार नहीं देगा।
रिपोर्टर: मंद��र रोजगार क्यों नहीं देगा?
चंद्रशेखर: कैसे?
रिपोर्टर: मंदिर बनेगा तो इंजीनियरों को काम मिलेगा, सामग्री सप्लाई होगी, मजदूरों को रोजगार मिलेगा।
उसके बाद पूरा आर्थिक इकोसिस्टम बनेगा। लोग दर्शन के लिए आएंगे, फूल-माला खरीदेंगे, प्रसाद लेंगे, होटल में रुकेंगे, बस, कार, ट्रेन और हवाई जहाज से यात्रा करेंगे।
पूरी अर्थव्यवस्था श्री राम के इर्द-गिर्द घूमती है।
इस आदमी के पास कोई जवाब नहीं था, पूरी तरह से ब्लैंक हो गया।
बस उसका चेहरा देखो, शायद इस इंटरव्यू को देने का पछतावा ही रह गया होगा।
🚨🚨 ANNOUNCEMENT 🚨🚨
SBJP has announced infinite hunger strike against Saurav Das.
Hunger Strike will continue till @SauravDassss doesn't disclose his father's and his own real identity.
@SauravDassss is giving threats to those Twitter accounts who are exposing him and tweeting against him.
SBJP won't tolerate this anymore.
Saurav Das maun hai, iska Baap kaun hai?
#Day1HungerStrike
#SauravDassKaBaapKaunHai
Who ever is the father and mother of this Cockroach please mention in comment. We are unable to find the names of father and mother of this @SauravDassss who has been involved in questionable activities. He refuses to divulge names. Why, we don’t know.
न्यूज़24 के PR टाउनहॉल में अभिजीत दिपके की हालत खराब हो गई!! 😂
मनाक: अगर आपको बेस्ट सीएम चुनना हो तो किसे चुनेंगे?
दिपके: मुझे लगता है स्टालिन ने तमिलनाडु की इकॉनॉमी के लिए अच्छा काम किया है।
मनाक: अगर इकॉनॉमी इतनी अच्छी थी तो DMK 5 साल में क्यों हार गई? खुद अपनी सीट क्यों हारे?
दिपके: मुझे लगता है पिनराई विजयन भी अच्छे थे, ��नकी सरकार ने कोविड में अच्छा काम किया।
मनाक: अगर कोविड में इतना अच्छा काम किया तो केरल के हेल्थ मिनिस्टर को कोविड के बाद क्यों हटाया?
दिपके: असल में मुझे लगता है केजरीवाल अच्छे थे, उन्होंने अच्छे स्कूल और अस्पताल बनाए।
मनाक: लेकिन सौरव दास पिछले हफ्ते दिल्ली के एक स्कूल गए थे और देखा कि बिल्डिंग की हालत खराब है!! 4 साल में सारा कंक्रीट गिर गया और बिल्डिंग अनफिट घोषित हो गई!!
दिपके: मनाक जी, मुझ�� लगता है हम लेट हो गए हैं… मुझे घर जाकर सोना है, मुझे टाइफॉइड है!! 🤣
*जेन G* को पता ही नहीं है, और शायद ना ही उनके पेरेंट्स ने उन्हें कभी बताया होगा कि पहले भारत में कई ऐसी सेवाएँ थीं, जिनके लिए लोगों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता था।
*परिवार का एक सदस्य तो इन लाइनों में खड़ा रहने में ही व्यस्त रहता था। जैसे कि :-*
🤫🤫🤫🤫🤫
1. बिजली का बिल - बिजली कार्यालय में जाकर जमा करना पड़ता था।
🤔
2. टेलीफोन बिल - डाकघर या टेलीफोन एक्सचेंज में लाइन लगती थी।🤔
3. पानी का बिल - नगर निगम या जल विभाग के दफ्तर जाना पड़ता था।🤔
4. रेलवे टिकट - रेलवे आरक्षण काउंटर पर लंबी कतारें लगती थीं।
🤔
5. बस टिकट - बस स्टैंड के टिकट काउंटर पर लाइन लगती थी।
😄
6. एलपीजी गैस बुकिंग - एजेंसी में जाकर बुकिंग करनी पड़ती थी, फिर सिलेंडर के लिए इंतजार रहता था। बाद मे भी लम्बी लाईन मे लग कर सिलेंडर मिलता था
🤔🙁
7. बैंक का काम - पैसे जमा करना, निकालना, पासबुक अपडेट कराना या ड्र���फ्ट बनवाने के लिए लंबी लाइनें लगती थीं।
🥱🤔
8. डाकघर - मनी ऑर्डर, रजिस्ट्री, स्पीड पोस्ट और बचत खाते के काम के लिए कतारें लगती थीं।
9. सरकारी फॉर्म जमा करना - कॉलेज प्रवेश, नौकरी, राशन कार्ड, पेंशन आदि के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे।
🤫🙁
10. पासपोर्ट आवेदन - फॉर्म लेने, जमा करने और सत्यापन के लिए अलग-अलग कतारें ��ोती थीं।
🤫🤫
11. ड्राइविंग लाइसेंस और आरटीओ के काम - आवेदन और दस्तावेज़ जमा करने के लिए लाइन लगती थी।
🤫🙁
12. राशन की दुकान - राशन लेने के लिए लंबी कतारें आम बात थीं।
13. सिनेमा टिकट - लोकप्रिय फिल्मों के लिए टिकट खिड़की पर भीड़ लगती थी ओर कभी कभी टिकट ब्लैक में लेना पड़ती थी।
🧐🙁🤭
14. हवाई टिकट - ट्रैवल एजेंट या एयरलाइन कार्यालय जाकर टिकट बुक करानी पड़ती थी।
15. आयकर और अन्य सरकारी शुल्क - ब��ंक या सरकारी दफ्तरों में चालान जमा करना पड़ता था।
🤔🙁
इसके अलावा भी बहुत से कामों के लिए लम्बी लम्बी कतारे लगती थी (बिना लम्बी कतारों में लगे कोई काम होता ही नही था)।
*और आज यह सब काम घर बैठे सिर्फ एक क्लिक में हो जाते हैं।*
सच ही कहा जाता है कि...
*मोदीजी* को *सरकार चलाना* तो आता है,
लेकिन उन्हें *राज करना* नहीं आता है।
*राष्ट्र प्रथम* के चक्कर में उपरोक्त सुविधा विकसित करने ��े अब लोगों को सरकार को *गालियाँ बकने* के लिए खूब समय मिलता है।
वरना पहले *कांग्रेस* के शासन में व्यक्ति का पुरा पुरा दिन इन लम्बी लम्बी कतारों में ही पूरा हो जाता था।
ना उसके पास सरकार को कोसने के लिए और ना ही किसी प्रकार के *आंदोलन* के लिए समय बचता था।
*प्रत्येक काम, प्रत्येक सरकारी सुविधा के लिए लम्बी लम्बी कतारों में लगाकर उसे इतना थका दिया जाता था कि उसे और कुछ फितूर सूझता ही नही था।*
और अब तो सब काम आसान, सिर्फ एक क्लिक पर कुछ ही सेकंड में - मतलब फुरसत ही फ़ुरसत।
*तो फुरसत में करें क्या -?*
चलो *काकरोच* ही बन जाते हैं।
खुलेआम *सेना* को, *पुलिस* को, *सरकार* को या मन पड़े उसको मां बहन की गलियाँ बको, खुले आम *नंगई* करो।
सब बात की आजादी है, आपको कोई ना रोकेगा ना टोकेगा।
वरना एक समय तो....
*गोवंश के वध पर रोक लगे*
कहने संसद के पास इक्कठे हुए निशस्त्र, निर्दोष साधु संतों को गोलियों से भून दिया जाता था
(वो किसी को गाली भी नहीं दे रहे थे)।
*गलती जेन G की नहीं*
*उनके पेरेंट्स की ही है कि ...*
*उन्होंने उन्हें इस सच्चाई से महरुम रखा,,,*
🙏🌹🇮🇳🚩
🥱🤫🧐🤭🤔🙁
*जय जय श्री राम*
*हर हर महादेव*
*जय श्री महाकाल*
*जय श्री कृष्णा*
*वंदे मातरम्*
🚩🚩🇮🇳🙏🙏
सौरव दास और CJP ने @Pamphlet_in के ख़िलाफ़ कोर्ट केस तो किया ही था तो उसी पर टिके रहते। जो होना है वो कोर्ट में हो जाता। पर ये X पर चैनल के हैंडल को मास रिपोर्��� करने की क्या जरूरत थी? जूडिशीएरी पर विश्वास है तो हैंडल लॉक करवाने की जरूरत क्यों पड़ी और विश्वास नहीं है तो दिल्ली हाईकोर्ट गए ही क्यों?
ये इस इकोसिस्टम को जो दोगलापन है, वो असीम है। ये चाहते हैं कि इनसे सवाल न पूछा जाये और सवाल पूछने का अधिकार केवल इनका है। ये लोग संविधान और क़ानून की कसमें खाते हैं। ये लोग ढोल पीटकर दुनिया को बताते हैं कि भारत में इन्हें बोलने से रोका जा रहा है और यह लोकतंत्र के ख़िलाफ़ है।
मास रिपोर्ट करके हैंडल लॉक करवाना कायरता है। निपट तो हम तुमसे लेंगे ही, और सही से निपटेंगे भी और निपटायेंगे भी।