दिल्ली में कई प्रदर्शनकारी कनॉट प्लेस के पास पहुंचकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया. इस बीच कुछ प्रदर्शनकारी पुलिस हिरासत से निकलने में भी कामयाब रहे. देखिए यह ग्राउंड रिपोर्ट.
वीडियोः राघवेंद्र राव और प्रभात कुमार
ये दिल्ली की तस्वीरें है,
संघ के गुंडे कुछ युवाओं को पीट रहे है,
एक बेटी को घसीट-घसीट कर मार रहे है,
दिल्ली पुलिस के जवान उन्हें रोकने की जगह,
तमाशा देख रहे है।
आज दिल्ली में किलेबंदी है,
फिर इन Gundo को Police Protection
और मारपीट का License किसने दिया?
अंकल को सब पता है कि आजादी
केसे ली जाती है☺️
सच्चे सैनिक की यही पहचान है जो इस उम्र में भी देश के खड़े हैं
इसे कहते हैं देश के प्रति जज़्बा 80 साल की उम्र में
बार्डर पर 71 की लड़ाई के हीरो देश के अंदर लोकतंत्र संविधान बचाने की लड़ाई लड़ने आ गए सिस्टम के अंदर के गद्दारों से।
दिल्ली पुलिस ने जंतर -मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति क्यों नहीं दी ?
बस ये मासूम सा सवाल मैं नई दिल्ली के DCP सचिन शर्मा से पूछने की कोशिश करता रहा और वो दाएं - बाएं होकर बचते रहे .
अगर पांच दिन पहले थाने जाकर प्रदर्शन की सूचना देने के बाद भी आप ऐसी किलेबंदी करके सबको डिटेन करते हैं तो इतना बताने में क्या दिक्कत है ?
पूरी रिपोर्ट मेरे यूट्यूब चैनल पर
तिहाड़ जेल से अमेरिका गया 'भाड़े का सैनिक' मैथ्यू; आतंकी साजिश के आरोप थे, फिर कैसे छूटा, क्या अब भारत लौटेगा
पूरा वीडियो देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें-
https://t.co/AGnY2IaWig
#MatthewCase#UAPA#UAPAAct#HindiNews Anchor @Adityaiimc
खबर यह नहीं कि चुनाव आयोग के तीनों आयुक्तों में समझौता हो गया। खबर यह है कि अब तक उठ रहे गंभीर सवालों की पुष्टि खुद आयोग के दस्तावेज़ में हो गई है।
इस प्रेस रिलीज़ के बाद स्पष्ट है कि एक नहीं, तीनों मुख्य चुनाव ‘अभियुक्त’ हैं। तीनों का इस्तीफ़ा होना चाहिए।
#ElectionCommission #PressRelease
न्यूज 24 से दबाव में इस्तीफा देने वाली ईमानदार पत्रकार गरिमा सिंह ने वोट चोरी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर ज़बरदस्त रिपोर्टिंग करते हुए आइना दिखाया ,
गरिमा सिंह तुम भारत क़ी गरिमा हो , सलाम है आप को ऐसी पत्रकारिता के लिये ,