Alag hi level ka fraud chal rha, what are you guys doing since last more than one month, why is this still pending without any further notification ??@officialepfo@MCA21India
माननीय न्यायालय ने एक केश की सुनवाई के दौरान थानों पर आम जनमानस के द्वारा वीडियो बनाने फोटो खींचने को विधिक न मानने और पुलिस कर्मियों द्वारा आपत्ति जताने के बाद इस मामले को सुनवाई के दौरान भरी अदालत में पुलिस विभाग के अधिवक्ता के द्वारा दिए गए तर्कों पर माननीय न्यायाधीश ने सख्त प्रश्न वार्ता के दौरान किए तीखे सवाल
जिसमें विद्वान महिला अधिवक्ता से कई बार यह सवाल माननीय न्यायाधीश ने पूछा।।
की किस कानून के तहत किसी भी थाने पर वीडियो ग्राफी और फोटोग्राफी करना कानून अपराध है।
पुलिस अगर विधिक काम कर रही है। तो उसको किस बात की आपत्ति यहां तक की माननीय न्यायालय ने कहा सरकार के द्वारा लगाए गए 80% सी.सी.टी.वी. कैमरे काम नहीं करते हैं। इस दिशा में अधिवक्ता के द्वारा दिया गए तर्क को माननीय न्यायाधीश ने कई बार डिक्लाइन किया की थानों पर कैमरे लगे हुए हैं।
इसलिए रिकॉर्डिंग की क्या आवश्यकता है। माननीय न्यायालय ने साफ तौर पर स्पष्ट किया कि वीडियो ग्राफी फोटो ग्राफी करना किसी भी तरह का अपराध नहीं है। और ऐसा करने से कोई भी पुलिस कर्मी या सार्वजनिक स्थान पर कार्यरत जन सेवक किसी भी जनमानस के सामान्य से सामान्य व्यक्ति को सबूत के तौर पर वीडियो बनाने और फोटो खींचने से कोई रोक नहीं सकता।।
देश में ऐसा कानून बनना चाहिए कि चुनाव जीतने के बाद अगर कोई नेता अपने वादे पूरे ना करे ,
तो उसे पांच साल की सजा , 50 लाख का जुर्माना और जीवन भर चुनाव ना लड़ने पर प्रतिबंध लगे ,
अगर आप सहमत हैं तो एक रीट्वीट करके कमेंट में अपनी राय दें।
ये कैसा नारी सशक्तिकरण है जिसमें शराब खरीदने के तो पैसे होते हैं पर ग़रीब टैक्सी वालों को देने के लिए नहीं..
- स्त्री ने टैक्सी बुक की
- लेकिन टैक्सी वाले को बिना पैसा दिए चली गई
ड्राइवर ने पैसे मांगे तो स्त्री बोली- अबे चल निकल
इसके बाद अकड़ और एट्टीट्यूड देखिए
पैसे मांगते ही मुझे टच किया है वाला ब्रह्माअस्त्र भी चला दिया
अगर ड्राइव ज़्यादा कुछ बोले तो हेरैसमेंट का आरोप लगता और बेचारा जेल में होता..!!