त्रिपुरा में लेनिन,तमिलनाडु में पेरियार, उप्र में अंबेडकर की गिरती प्रतिमाओं देखकर मुझे बामियान याद आ रहा है, वहाँ भी घरों को जलाने तोङने से शुरू हुआ अभियान गले रेतने तक पहुंच चुका है,तालिबान बनने की शुरुआत हो चुकी है,लङिये या गला रेते जाने तक इंतजार करिये @BJP4India@MaithilAnup
20 जुलाई की सुबह कॉकरोच जनता पार्टी ने एक Video जारी करके सवाल उठाये कि पत्थर से भरा ट्रक जंतर मंतर के पास क्या कर रहा है? आशंका जताई कि पुलिस खुद पथराव करके छात्रों को फंसा सकती है।
ट्रक कहां से आया? न्यूज़लॉन्ड्री रिपोर्टर अवधेश कुमार (@ImAvdheshkumar) ने इसकी पड़ताल की। पता चला कि 16 जुलाई को ट्रक और मारुति ईको वैन में टक्कर हुई थी। जिसके बाद दोनों वाहन संसद मार्ग थाने के पास खड़े कर दिए गए थे।
(यह घटना पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज है)
शुरुआत में पुलिस ने न्यूज़लॉन्ड्री रिपोर्टर को बताया कि यह वैन प्रदर्शनकारियों ने तोड़ी है। जब रिपोर्टर ने प्रूफ सहित एक्सीडेंट वाली बात बताई तो पुलिस चुप हो गई।
इसके बाद पुलिस ने ट्रक की लोकेशन बदल दी। एक दिन यही ट्रक यूथ कांग्रेस दफ्तर के बाहर खड़ा मिला। सवाल यह है कि पुलिस बार बार पत्थर भरे ट्रक की लोकेशन क्यों बदल रही थी? और क्यों ट्रक के बारे में क्लियर नहीं बता रही थी? हालांकि न्यूज़लॉन्ड्री की रिपोर्ट प्रकाशित होने के बाद दिल्ली पुलिस ने इसका खंडन कर दिया है।
We are relieved and grateful that Sonam sir has ended his hunger strike after 26 days.
Thank you, sir, for your extraordinary courage and sacrifice. By putting your own life on the line, you awakened the conscience of an entire nation. Your life is far too precious to this country.
The Cockroach Janta Party’s peaceful protest at Jantar Mantar will continue until Dharmendra Pradhan resigns.
प्रदर्शन स्थल(जंतर मंतर) पर देर रात एक ज़ोमैटो डिलीवरी एजेंट खाना लेकर पहुंचा.
ऑर्डर देने वाले व्यक्ति ने निर्देश दिया था कि यह खाना वहां मौजूद किसी भी भूखे व्यक्ति को दे दिया जाए.
20 जुलाई, 2026 | रात 1:30 बजे | जंतर-मंतर, नई दिल्ली
#indianexpresshindi#cockroachjantaparty
ज़ुल्म जब भी हद से आगे बढ़ने लगता है,
वहीं से बदलाव का सूरज निकलने लगता है।
आज जंतर-मंतर पर बच्चों और बच्चियों के साथ जिस प्रकार का बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया गया, उसने मन को गहराई तक झकझोर दिया। मैंने जलियांवाला बाग का वह दौर नहीं देखा, लेकिन आज जो दृश्य सामने आए, उन्होंने इतिहास के उस काले अध्याय की याद अवश्य दिला दी।
लोकतंत्र में अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। यदि उस अधिकार का उत्तर बल प्रयोग से दिया जाए, तो यह केवल कुछ लोगों पर नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी आघात है।
इसी पीड़ा और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के संकल्प के साथ, आज से मैं संसद भवन परिसर में परम पूज्य बाबा साहेब की प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठ रहा हूँ। जब तक न्याय सुनिश्चित नहीं होता और इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध उचित कार्रवाई नहीं होती, मेरा यह शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा।
🚨#ALERT: GEETANJALI JI’S HAIR PULLED BY DELHI POLICE, ASSAULTED.
A 12 YEAR OLD GIRL’S HEAD HAS BEEN BROKEN. 40-50 OTHER HEADS BROKEN!
@DelhiPolice WHAT IS GOING ON!?
🚨#JustIn: DIPKE HAS BEEN PICKED UP BY THE POLICE!
WE REQUEST ALL MPs TO IMMEDIATELY STAND IN SUPPORT OF THE STUDENTS ON THE STREETS!
THE POLICE IS BRUTALLY CRACKING DOWN AND BEATING UP PEACEFUL PROTESTERS.
सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ रही थी । हाई कोर्ट के आदेश पर पुलिस वांगचुक को अस्पताल लेकर गई। सफेद चादरों का पर्दा कर के स्ट्रेचर पर उन्हें लेटाया गया । प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के काम में बाधा पहुँचाने की कोशिश की । थोड़ी धक्कामुक्की हुई लेकिन एम्बुलेंस के ज़रिए सोनम वांगचुक अस्पताल पहुँचाये गए ।
मुझे सिर्फ़ इतना कहना है - यह ज़रूरी था । सोनम वांगचुक की तबीयत ख़राब थी । अभिजीत दीपके के प्रदर्शन के लिए तो वांगचुक ऑक्सीजन थे अब वो मेडिकल केयर में हैं । प्रदर्शन का असली टेस्ट अब होगा ।
‼️फिर झूठ फैलाते पकड़े गए आपिए 👇
आपियों को शर्म है कि आती नहीं, झूठ बोले बिना एक दिन यह लोग नहीं रह सकते। नए नए अध्यक्ष बने हारे हुए विधायक @Saurabh_MLAgk जी चुनावों में AAP की हार देखते हुए बौखला उठे। महाठग साहब के कहने पर एक स्क्रीनशॉट लिया और सोशल मीडिया पर शोर करने लगे, इससे भी काम नहीं बना तो झूठी प्रेस कॉन्फ्रेंस तक कर डाली।
इनके पीछे सभी आपिए भी बिना सच्चाई देखे और जानें सोशल मीडिया पर कूदने लगे। इन पढ़े लिखे अनपढ़ को कोई बताए कि इलेक्शन कमीशन की वेबसाइट और ऐप पर दो अलग चीजें थी। जब स्क्रीनशॉट लिया तब मतगणना जारी थी और इनकी पार्टी आगे चल रही थी साफ साफ Lead Party लिखा हुआ भी है वहीं जब फाइनल नतीजे आए तो Winner Party के सामने भाजपा लिखा हुआ है लेकिन इन्हें इससे कोई लेना देना नहीं झूठ फैलाने चल पड़े।
AAP ने दिल्ली में पिछले 10 वर्षों में कोई काम नहीं किया, यही वजह है कि दिल्ली के साथ साथ अपनी विधानसभा और वार्ड भी हारे कहीं यह झूठ उसी की खीझ तो नहीं है? 🤔
प्रिय @PMOIndia@narendramodi,
पंजाब के मुख्यमंत्री ने कई जिलों में, सैकड़ों सोशल मीडिया हैंडल्स पर, ग़ैरज़मानती धाराओं में FIR करवाई है। इस FIR का इन सारे हैंडलों पर जो भी प्रभाव पड़े, परंतु यह आप याद रखिएगा कि इस कानून को हथियार बनाने में आपकी सबसे बड़ी भूमिका रही है।
यदि CJI पर किसी ने टिप्पणी की भी है, तो पंजाब सरकार का लोकस क्या है? क्या मैं पंजाब में हूँ? क्या गवई या सुप्रीम कोर्ट पंजाब में है? या केवल यह कि पंजाब सरकार के पास पंजाब पुलिस है?
इस कानून की आड़ में ब्राह्मणों और सवर्णों के नरसंहार की खुली धमकियाँ दी जा रही हैं, सुप्रीम कोर्ट परिसर से वकील सवर्णों के चमड़ी के जूते बनवाने की बात कर रहा है। और साथ ही वह अपने दलित होने की भी चर्चा करता है।
राजनैतिक विवशताओं की चक्की में यदि आपको इस तरह से पिसते लोग नहीं दिख रहे क्योंकि उनकी संख्या से आपको या आपकी पार्टी को असर नहीं पड़ता, तो एक बार बोल दीजिए।
यदि आप CJI पर बोल सकते हैं, तो सवर्णों के नरसंहार की बात पर आपकी पूरी पार्टी से कोई भी बोलने वाला क्यों नहीं? क्या सारे सवर्ण आत्मदाह कर लें या लिखना-बोलना छोड़ दें?
आदरणीय प्रधानमंत्री @narendramodi
क्या आपको भी लगता है कि @Wangchuk66 मनी लॉड्रिंग के किसी मामले में शामिल होंगे?
मैं सीधा आपको टैग कर इसलिए पूछ रहा हूँ क्योंकि मैं जानता हूँ कि आप नहीं तो आपके सोशल मीडिया को मैनेज करने वाली टीम इसे ज़रूर पढ़ेगी और ज़िम्मेदारी के साथ आप तक ये सवाल पहुँचाएगी।
ग़ौरतलब है कि लेह/लद्दाख के लोग पूर्ण राज्य का दर्जा माँगते हुए आंदोलन कर रहे हैं। उनकी इस माँग के गुण दोष के आधार पर उनसे बात की जा सकती है। समझाया बुझाया जा सकता है। और माँग पूरी तरह ठुकराई भी जा सकती है।
लेकिन उनके आंदोलन को discredit करने का क्या मतलब हुआ? जबकि वे भारत के अभिन्न अंग लद्दाख के ही लोग हैं। और ध्यान रहे कि वे राह भटके या बाहरी ताक़तों के हाथों बरगलाए तत्वों की तरह ‘आज़ादी’ नहीं माँग रहे। वे statehood माँग रहे हैं। जैसे झारखंड और छत्तीसगढ़ ने भी माँगा और लिया। तेलंगाना ने भी माँगा और लिया।
हो सकता है कि लद्दाख के लिए ये माँग कतिपय कारणों से मुफ़ीद न हो। पर इस माँग को करने वालों की
लानत मलामत करना कहाँ तक मुनासिब है? उनके ख़िलाफ़ source based ख़बरें देने का क्या
औचित्य है? इनके पीछे पैबंद मीडिया हाउसेस/पत्रकारों को छोड़ देने से क्या हासिल होगा?
आप तो खुद जम्मू और कश्मीर जैसे भारत के अभिन्न हिस्से की राजनीतिक संवेदनशीलता से परिचित रहे हैं। एक पत्रकार के तौर पर मेरी समझ कमज़ोर या कथित तौर पर !एक पक्षीय’ हो सकती है। लेकिन देश के प्रमुख होने के तौर पर आपकी सोच तो समग्र है! आप इसे बेहतर समझ सकते हैं।
लद्दाख के लिए स्टेटहुड हो सकता है कि राजनीतिक या कतिपय तौर पर मु़फ़ीद न हो। लेकिन अपने सोनम वांचुक की अपने देश के प्रति निष्ठा पर सवाल उठवाना क्या शोभा देता है?
मैं ग़लत हो तो बताइएगा। सार्वजनिक तौर पर नहीं तो मेरा DM भी खुला है। व्हाट्सएप पर तो मैं हूँ ही।
भारत का एक नागरिक
उमाशंकर सिंह
मेरे भतीजे के जन्मोत्सव का गोरखपुर में कार्यक्रम था. गोरखपुर के सांसद और अभिनेता @ravikishann अपनी पत्नी के साथ इस कार्यक्रम का हिस्सा बनें. इस वीडियो में मेरे परिवार की बाक़ी महिलायें नज़र आ रही हैं जो सोशल मीडिया पर नहीं हैं, ना ही वो चाहती हैं कि बिना उनकी इजाज़त के उनका वीडियो शेयर किया जाये.
घटिया मानसिकता से ग्रस्त कुछ लोगों का जब तक पूरा इलाज ना हो वो बाज नहीं आते.
@Nargis_Bano78 इस वीडियो को तुरंत हटायें वरना लीगल एक्शन के लिये तैयार रहें.
मुझ पर टिप्पणी करते हुए मेरे घर की बाक़ी महिलाओं का वीडियो किस हैसियत से शेयर किया है?