फर्क देखिए ऐसा भी h
भारत से गद्दारी करने वाली बच जाती है,
भारत का साथ देने वाली गिरफ़्तार हो जाती है।
अगर आज #Sharmistha को नहीं बचाया गया, तो कल कोई बेटी राष्ट्र के लिए आवाज़ उठाने से पहले डरेगी।
#ReleaseSharmistha
निशिकांत दुबे के बयान से जेपी नड्डा का किनारा
JP Nadda ने कहा- BJP सांसद Nishikant Dubey ने देश के चीफ जस्टिस पर दिए गए बयान से भाजपा का कोई लेना देना नही
#नड्डा_की_मोटी_बुद्धि BJP President नूपुर शर्मा Nupur Sharma #PBKSvsRCB
जब भी कोई बीजेपी नेता सच्चा बयान देता है बीजेपी उनका साथ छोड़ देती हैं।
नूपुर शर्मा को बीजेपी ने अकेला छोड़ दिया था
और अब निशिकांत दुबे और दिनेश शर्मा के दिए
बयानों से किनारा कर दिया।
भले भाजपा इनका साथ छोड़े मगर हिंदुओं को
इन पर गर्व है।
❗आप भाजपा अध्यक्ष के रूप में जे.पी. नड्डा के कार्यकाल को 0 से 10 के पैमाने पर कैसे आंके��गे?
कुछ महत्वपूर्ण बात
खुद की औकात एक चुनाव जीतने की नहीं
अपने राज्य हिमाचल में बीजेपी को नहीं जीता सके
ऐसे परजीवी पार्टी को परजीवी की तरह चाट रहे हैं
BIG ZERO would still be too generous. for @JPNadda
•No leadership
•No ideology
•Only butterlogy चमचागिरी, optics, and damage control
•Ground workers ignored
•Real voices silenced
•Leaders who speak truth are disowned
This isn’t leadership, this is spineless management. @BJP4India didn’t rise on such values. It rose on vision, courage, and backbone. Sadly, all three are missing now.
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष @JPNadda जी का यह बयान भाजपा की कायरता और दोगलेपन का जीता-जागता सबूत है।
@nishikant_dubey जी और @drdineshbjp ���ी ने जब न्यायपालिका और देश के मुख्य न्यायाधीश पर सवाल उठाए, तो भाजपा को ��ाहिए था कि वह अपने नेताओं के साथ खड़ी होकर उनकी बात को तार्किक रूप से आगे बढ़ाए।
यह सवाल संवैधानिक शक्ति संतुलन और लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों से जुड़ा है। लेकिन इसके बजाय, नड्डा जी ने तुरंत अपने ही सांसदों को बस के नीचे फेंक दिया, यह कहकर कि यह उनका "व्यक्तिगत बयान" है और पार्टी इससे सहमत नहीं है।
यह कितना हास्यास्पद है! क्या भाजपा के सांसद इतने बेलगाम हैं कि वे पार्टी की लाइन से हटकर कुछ भी ���ोल सकते हैं? या फिर यह नड्डा जी की कमजोर नेतृत्व शैली का नमूना है, जो हर विवाद से भागने में ही अपनी भलाई समझता है?
यह पहली बार नहीं है जब भाजपा ने अपने लोगों को इस तरह त्यागा है।
@NupurSharmaBJP जी के मामले में भी यही हुआ था, जब ��ार्टी ने उन्हें अकेला छोड़ दिया और विवाद से किनारा कर लिया। अब निशिकांत दुबे की बारी है।
नड्डा जी, आपकी यह रणनीति न केवल पार्टी के कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ती है, बल्कि आपके समर्थकों को भी निराश करती है। जो लोग भाजपा को एक मजबूत, सिद्धांतवादी पार्टी के रूप में देखते थे, वे अब इसे "भारतीय डरपोक पार्टी" कहने लगे हैं, और इसमें कोई आश्चर्य नहीं है।
न्यायपालिका का सम्मान करना एक बात है, लेकिन उसकी हर बात को बिना सवाल किए स्वीकार करना गुलामी है। निशिकांत दुबे जी ने जो सवाल उठाया कि अगर सुप्रीम कोर्ट ही कानून बनाएगा तो संसद भवन बंद क्यों नहीं कर देते यह एक गंभीर संवैधानिक बहस का मुद्दा है। लेकिन नड्डा जी ने इस बहस को आगे बढ़ाने के बजाय, अपने ही सांसद को अपमानित करने का रास्ता चुना। यह न केवल कमजोरी है, बल्कि पार्टी के भीतर वैचारिक दिशाहीनता का प्रतीक है।
नड्डा जी, अगर आप में हिम्मत नही��� है तो अध्यक्ष पद छोड़ दीजिए।
300 से 240 सीटों पर सिमटने के बाद भी अगर अक्ल नहीं आई, तो अब पार्टी को गड्ढे में धकेलने की जिम्मेदारी आपकी ही होगी।
भाजपा को ऐसे नेतृत्व की जरूरत है जो अपने लोगों के साथ खड़ा हो, न कि हर मुश्किल में उन्हें अकेला छोड़ दे। यह रवैया न हिंदुओं के हित में है, न ही देश के, और न ही उस लोकतंत्र के, जिसके लिए आप बड़े-बड़े दावे करते हैं। शर्मनाक!
इस देश में इंदिरा गांधी जैसी साहसी प्रधानमंत्री हुई, जिसने सुप्रीम कोर्ट को उसकी औकात बता दी थी और एक हमारा 56 इंच का प्रधानमंत्री है, जो अपनी ही सांसद के सही बयान से किनारा कर रहा है।
BJP समर्थकों को भी सोचना चाहिए कि उनके साथ कभी सरकार खड़ी नहीं होगी और उनको अपना बचाव अपने आप ही करना पड़ेगा।
अपने ही समर्थकों से इतना कुछ सुनने के बाद भी कैसे इस प्रकार की हरकते कर लेते जनाब?
र���जनीति में आप लोग 50 हज़ार लोगो की भीड़ नहीं जुटा सकते ।
निशिकांत दुबे जी मोदी लहर के प्रोडक्ट नहीं है 2009 में भी अपना चुनाव जीते है ।
अपने लोगो के लिए गड्ढा मत खोदिए उनके साथ खड़े रहना सीखिए ।
नूपुर शर्मा जी का ज़ख़्म अभी भरा नहीं है ।
@JPNadda ��िशिकांत दुबे ने कुछ भी गलत नही कहा है। जो कुछ भी कहा है वह शत प्रतिशत सत्य है। अगर जे पी नड्डा जी को निशिकांत दुबे की बात गलत लग रही है तो भाजपा से इस्तीफ़ा देकर कांग्रेस या TMC जैसी किसी पार्टी में शामिल हो जाएं क्योंकि नड्डा जी इन्ही निर्लज्ज पार्टियों की भाषा बोल रहे हैं।
@JPNadda 400 की जगह 240 पर आपके बयानों से अटके हैं ना की @nishikant_dubey जी के और आगे भी आपके बयान भारी पड़ने वाले हैं। बेहतर होग��� कि जल्दी से जल्दी नये अध्यक्ष का चुनाव हो जाए और आपको पद्मुक्त किया जाये।
J.P.Nadda जी
नाम है आपका नड्डा, और खोद रहे हो भाजपा के लिए गड्ढा ।
खुदा तो आपकी औकात ना एक चुनाव जीतने की है ना जीताने की है
थक गए हो अध्यक्ष पद से, तो छोड़ क्यों नहीं देते ?
पहले नूपुर शर्मा, अब निशिकांत दुबे की बारी ।
क्या गलत कहा है दोनों ने ?
अगर यही रवैया रहा अपने कार्यकर्ताओं के प्रति तो बंगाल, बिहार,तमिलनाडु जीतना दूर की बात है, जिन राज्यों में सत्ता है, वो भी चले जाएंगे ।