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देश का प्रतिष्ठित चैनल लोकमत में मेरा साक्षात्कार। वर्तमान परिदृश्य में जब शिक्षा का बजट लगातार कम किया जा रहा है। जरूर से शेयर करें और प्रतिक्रिया दें।
किसान सम्मान निधि से संबल, किसान क्रेडिट कार्ड से सशक्तिकरण और फसल बीमा से सुरक्षा।
मोदी सरकार ने इन 12 वर्षों में अन्नदाता को मजबूत बनाने और किसान कल्याण से किसान समृद्धि तक की यात्रा को नई गति देने का काम किया है।
#12YearsOfKisanSamriddhi
पूर्वpm अटल बिहारी वाजपेई जी के जन्मदिन पर शत-शत नमन, देश के 1करोड़ शिक्षक कर्मचारी जो उनकी वजह से एनपीएस के दायरे में आ गये pm मोदी जी के द्वारा राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल के उद्घाटन के मौके पर सीतापुर के अटेवा साथियों द्वारा उनके कार्यक्रम में भी ops की मांग की सभी का साधुवाद
इतनी भरी संख्या में भीड़ होने के बाद भी नेशनल मिडिया की उदासीनता देख सकते हैं,
1 दिन का विधायक को पेंशन है, बॉडर पर देश की रक्षा में खड़ा जवान को #ops नहीं है
नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम #NMOPS
के बैनर तले Delhi #जंतर_मंतर पर #ओपीएस बहाली की मांग।अध्यक्ष विजय बंधु बोले, 1 करोड़ कर्मचारी न तो #NPS से खुश हैं और न ही #UPS से।सिर्फ़ 3% कर्मचारियों ने ही UPS का फॉर्म भरा है। 97% कर्मचारियों ने UPS को सिरे से नकार दिया है।
#Pension
#ops
#NoNPS_NoUPS_OnlyOPS
ऐतिहासिक आंदोलन..आज दिल्ली में OPS और TET के मुद्दे पर NMOPS के आंदोलन में जुटे लाखों कर्मचारी..💥🚩✌🏻👊🏻 जंतर मंतर पर आज जगह कम पड गई,पुलीस प्रशासन को बंद करना पडे एन्ट्री गेट..जितनी भीड #JantarMantar के अंदर थी,उससे दस गुना बाहर सडको पर थी।#Delhi#Protest#OldPensionScheme#UPS
मतदाता जागरूकता अभियान एवं संवाद कार्यक्रम के तहत लखनऊ और बाराबंकी में जनसंपर्क किया गया
इस बार स्नातक वोटर बनने के लिए लोगों में काफी उत्सुकता है और ऑनलाइन भरने की व्यवस्था से काफी उत्साहित है l
आपका वोट- आपकी ताकत है
अधिक से अधिक मतदाता बने
#25नवंबरदिल्लीचले
मारिया कोरीना माचाड़ो को बहुत-बहुत बधाई
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एक स्त्री जिसने तानाशाही के अंधेरे में लोकतंत्र की मशाल जलाई🔥
वो जेल गईं। वो छुपीं। वो अपनों से बिछड़ीं। लेकिन झुकी नहीं।
नाम है — मारिया कोरीना माचाडो।
देश — वेनेज़ुएला।
और आज पूरी दुनिया उन्हें जान रही है… क्योंकि उन्हें मिला है 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार।
जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ट्रम्प तक ये सम्मान पाने की उम्मीद में थे, तब नॉर्वे की नोबेल कमेटी ने एक संदेश दिया —
“सच्ची शांति ताकत से नहीं, साहस से जन्म लेती है।”
मारिया वही ‘आयरन लेडी’ हैं जिन्होंने तानाशाह निकोलस मादुरो के सामने लोकतंत्र का झंडा थामे रखा।
उनके देश में चुनाव लूटे गए, आवाज़ें कुचली गईं, पत्रकार जेल में ठूंसे गए।
लेकिन माचाडो ने कहा — “लोकतंत्र कोई उपहार नहीं, ये संघर्ष से कमाया जाता है।”
वो छिपकर भी लड़ीं। वो टूटकर भी संभलीं।
और आज... दुनिया उनकी जिद को सलाम कर रही है।
मारिया कोरीना माचाडो, एक नाम जो याद दिलाता है —
तानाशाह चाहे जितना शक्तिशाली हो, एक सच्ची औरत का साहस हमेशा उससे बड़ा होता है।