अरे दीदी आपकी टेक्निक ही गलत है,
ये आवाज उठाना, सवाल पूछना, छात्र हितैषी होना, आंदोलन करना, फंडिंग करना ये सब तब होता है जब राज्य में बीजेपी की सरकार हो।
बूझे.....
जो हाल दिल्ली का छोड़कर गए थे, वैसा ही हाल केजरीवाल जी और उनकी पार्टी ने पंजाब का भी बना दिया है।
लुधियाना पंजाब की आर्थिक रीढ़ है। बड़ी बड़ी इंडस्ट्री यहाँ हैं। पूरे शहर को इन लोगों ने कूड़ा-कूड़ा कर दिया है। 🤢
सफ़ाई करवाने के लिए सरकार के पास पैसे नहीं हैं, लेकिन केजरीवाल जी के प्राइवेट जेट-हेलीकॉप्टर, गोवा-गुजरात-दिल्ली में भगवंत मान की फोटो लगाने के पैसे हैं…
पीएम आज फिर अपने इंस्टाग्राम वीडियो के साथ आए और उन्होंने ऐसी बातें कहीं, जिसकी उम्मीद प्रधानमंत्री की गरिमामयी कुर्सी पर बैठे एक राजनेता और एक अभिभावक से ही की जा सकती है।
आज भी बहुत से लोग उनके चेहरे नहीं पहचानते, लेकिन उनकी किताबों ने पीढ़ियों के छात्रों को पढ़ाया है। वास्तविक शिक्षक अपनी पहचान शोर से नहीं, बल्कि अपने ज्ञान, चरित्र और योगदान से बनाता है। 3/3
हमारे दौर के शिक्षक...
H.C. Verma (Physics)
R.D. Sharma (Mathematics)
O.P. Tandon (Chemistry)
M.L. Khanna (Mathematics)
D.C. Pandey (Physics)
• लाखों छात्रों के लिए मार्गदर्शक बनीं पुस्तकें लिखीं।
• अपने विषय में असाधारण योगदान दिया।
• शिक्षा और ज्ञान को अपनी पहचान बनाया।1/2
अगर वोट चोरी हुई होती तो अब तक बिहार की जनता चुनाव नतीजों के बाद लाठी डंडों के साथ सड़कों पर होती , किसी भी नेता के आवाहन की जरूरत नहीं पड़ती और मिलिट्री पुलिस अमित शाह और मोदी उनको नहीं रोक पाते ,
भारत देश की जनता इस मामले में बहुत समझदार है,जैसे ही उसको लगेगा कि धांधली हो रही है, उनके संवैधानिक अधिकारों के साथ खिलवाड़ हो रहा है तो कितना बड़ा भी तानाशाह हो ,उसको उखाड़ फेकेंगी , ये हमने जेपी मूवमेंट और 2011 के अन्ना आंदोलन के वक्त बखूबी देखा है ,
पूरे देश में कई लोगों के दो जगह वोट होते हैं, अनपढ़ पढ़े लिखे मजदूर सबको ये वाला मामला पता है, तमाम विपक्षी पार्टियों के नेताओं के भी होंगे , ये इलेक्टोरल रोल की समस्या है और हमेशा से थी क्योंकि देश में देश के भीतर पुल और पुश पलायन की समस्या बहुत ज्यादा है ,लोग गांव से शहर , शहर के भीतर एक कांस्टीट्यूएंसी से दूसरी में और एक शहर से दूसरे शहर में बहुत फ्रिक्वेंटली पलायन करते हैं ,इसको ठीक करना बहुत जरूरी है ,लेकिन इसको वोट चोरी बता देना और इसी पर चुनाव लड़ना और अपनी पार्टी के अंदर खुद की काबिलियत सिद्ध करना ,खुद के साथ पार्टी समर्थकों और कैडर के साथ नाइंसाफी है , आप खुद के अहम के चक्कर में कांग्रेस को कई चुनाव हरवा चुके हैं और कई रीजनल पार्टीज को ले डूबे हैं,
कभी आप EVM को दोषी कहते हो कभी वोट चोरी का नया ढिंढोरा पीटते हो , 2014 से लेकर अब तक आप हर चुनाव के पहले नया कुछ फॉर्मूला लेकर आते हो और जनता के साथ दो चार दिन उछल कूद करके सोचते हो कि जनता भरोसा कर लेगी , आपको लगता है कि बज क्रिएट करने से आप जीत जाएंगे , लेकिन जनता आपको हर बार नकारती है , जनता को मजबूत विपक्ष , मजबूत और मैच्योर नेता चाहिए ,जनता नेता खुद बनाती है उसके ऊपर कोई थोपा नहीं जा सकता ,जिसको वो सिंहासन दे सके , शायद आपका लक्ष्य भाजपा को हराने का है ही नहीं बल्कि कांग्रेस के अंदर आपसे ज्यादा काबिल नेताओं की बलि देने का है ,
हर दूसरे दिन आप सुतली बॉम्ब , सीको , अनार , मेहताब, छुरछुरिया , रॉकेट वाली पीडीएफ लेकर आते हो और जनता , यूथ और Gen z को सिर्फ भड़काने का काम करते है , जब पत्रकार पूछते है कि आप सुप्रीम कोर्ट क्यों नहीं जाते ?तब आप कहते है कि सुप्रीम कोर्ट खुद देख रहा है और ये हमारी जिम्मेदारी नहीं है, अरे राहुलजी आप विपक्ष के नेता हैं ,लोग आपको देखते हैं आपसे उम्मीदें हैं,आपको सैलरी टैक्स से मिलती है , अगर आप इस मुद्दे को लेकर इतना सीरियस हैं तो कोर्ट जाइए पूरा देश आपका साथ देगा ,धांधली समझ आएगी सड़कों पर आयेगा, देश के सबसे बड़े वकील आपकी पार्टी में हैं , लेकिन मुद्दा तो सही पकड़िए ,लोगों की आवाज तो बनिए ,आप हर बार कोर्ट गए लेकिन इस बार क्यों नहीं ? क्या आप इस मुद्दे को लेकर सीरियस नहीं हैं? सिर्फ लोगों को भड़का कर संवैधानिक संस्था पर कीचड़ उछाल कर चुनाव जीतना चाहते हैं?
जब इलेक्टोरल रोल में गलती थी तब आपका कैडर कहां था ? कहां थे आपके बूथ अध्यक्ष ? कहां थी लोकल लीडरशिप ? जब इलेक्शन कमीशन बिहार में SIR कर रहा था तब आपकी पार्टी ने या किसी भी विपक्षी पार्टी ने कोई रिटेन ऑब्जेक्शन क्यों नहीं किया ?चुनाव आयोग ने तो विंडो ओपन रखी थी ?
चुनाव वाले दिन आप Sec 58 & 58A, RPA 1951; Conduct of Elections Rules 1961 के अंतर्गत RO/DEO/CEO/ECI से पोलिंग संबंधित शिकायत कर सकते थे लेकिन नहीं की, क्यों ?
वोट गिनती वाले दिन आप Rule 63, Conduct of Elections Rules 1961; Result declared under Sec 66, RPA 1951 के अंतर्गत अगर आपको कुछ भी गलत लगता है तब भी आप लिखित में शिकायत दे सकते हैं,
रिजल्ट डिक्लेरेशन के बाद भी आप तमाम रेमेडीज अपना सकते हैं, और चुनावी रिजल्ट को चैलेंज कर सकते हैं, जैसे आपकी दादी के खिलाफ हुआ था फिर पूरे देश ने देखा था क्या हुआ था ,सत्ता से काफी दिन बाहर बिठा दिया गया था ,
मुद्दा है हार मानने का सही समीक्षा करने का और शीशे के बजाए चश्मे से धूल साफ करने का , अपने कैडर को सही दिशा और दशा में काम करने में लगाइए , सबसे महत्वपूर्ण है उनको डिसिप्लिन सिखाने का , जहां आप चुनाव जीत जाते हैं वहां संविधान जीत जाता है , जहां आप हारते हैं वहां वोट चोरी और EVM हैक हो जाती है , कर्नाटक , झारखंड , पंजाब , केरल , तमिलनाडु , तेलंगाना और भी राज्य प्राइम एग्जांपल है , देश को आपकी और मजबूत नेताओं की जरूरत है , लेकिन जन नेता असल में बनिए सोशल मीडिया पर नहीं ।
कल तक जो ट्विटर हैंडल्स और नेता लेह और उत्तराखंड के मूवमेंट्स को Gen Z मूवमेंट बताकर खुशियां मना रहे थे और छात्र हितैषी बने बैठे थे ,
आज वो कर्नाटक के छात्र मूवमेंट पर फेवीक्विक पीकर सो जायेंगे और ज्यादा हुआ तो पॉलिटिकल मोटिवेटेड बोलकर पल्ला झाड़ लेंगे।
आज राहुल गांधी जी की प्रेस कॉन्फ्रेंस फिर से वोट चोरी को लेकर हुई ,
इन सब बातों को देखकर ये लगता है कि देश को एक स्वस्थ लोकतंत्र की जरूरत है,
अगर राहुल गांधी जी सच बोल रहे हैं तो इलेक्शन कमीशन के खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिए,
लेकिन राहुल गांधी जी सिर्फ सरकार बनाने के लिए प्रोपेगंडा कर रहे तो सुप्रीम कोर्ट को स्वतः संज्ञान लेकर इनके ऊपर केस चलाना चाहिए।
कहीं ऐसा न हो कि जनता को धोखे में रखकर नई सरकार का गठन हो, और ऐसा भी न हो कि जनता जिसको लाना चाहती है वो आ न पाए।
#RahulGandhiPressConference
आज राहुल गांधी जी की प्रेस कॉन्फ्रेंस फिर से वोट चोरी को लेकर हुई ,
इन सब बातों को देखकर ये लगता है कि देश को एक स्वस्थ लोकतंत्र की जरूरत है,
अगर राहुल गांधी जी सच बोल रहे हैं तो इलेक्शन कमीशन के खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिए,
लेकिन राहुल गांधी जी सिर्फ सरकार बनाने के लिए प्रोपेगंडा कर रहे तो सुप्रीम कोर्ट को स्वतः संज्ञान लेकर इनके ऊपर केस चलाना चाहिए।
कहीं ऐसा न हो कि जनता को धोखे में रखकर नई सरकार का गठन हो, और ऐसा भी न हो कि जनता जिसको लाना चाहती है वो आ न पाए।
#RahulGandhiPressConference
हो सकता है मुझे आपके सिखाए हर पाठ याद न हों, लेकिन आपका सहयोग मुझे हमेशा याद रहेगा । आपका समर्पण, आपका जुनून और आपका धैर्य मुझे हर दिन प्रेरित करता है। आपने हमें सिर्फ़ शिक्षित ही नहीं किया, बल्कि हमें सशक्त भी बनाया। धन्यवाद और शिक्षक दिवस की शुभकामनाएँ!
पंजाब अभूतपूर्व बाढ़ की त्रासदी का सामना कर रहा है।
पंजाब और वहाँ के लोगो की जीवट स्पिरिट रही है। पंजाब और वहाँ के लोग देश में हर विपदा के समय खड़े रहे हैं ।
आज जब पंजाब संकट में है तो देश को उनके लिए एकजुट होकर साथ दिखना चाहिए!
@kaankit saiyaara पिच्चर नहीं बवासीर बना दिया है.. गंध मचा दिए हें ये
जेनजी के .. थिएटर में रो रहे हैं.. बेहोश हो रहे.. भाई कोरोना
वायरस ही ठीक था.. ये सैयारा वायरस झेला नहीं जाएगा..ये निब्बा
निब्बी ने एकदम से नरक मचा दिए है.!
सच में एकदम बेवकूफ जेनरेशन हैं यार..!
@kaankit saiyaara पिच्चर नहीं बवासीर बना दिया है.. गंध मचा दिए हें ये
जेनजी के .. थिएटर में रो रहे हैं.. बेहोश हो रहे.. भाई कोरोना
वायरस ही ठीक था.. ये सैयारा वायरस झेला नहीं जाएगा..ये निब्बा
निब्बी ने एकदम से नरक मचा दिए है.!
सच में एकदम बेवकूफ जेनरेशन हैं यार..!