हजारों किलोमीटर दूर आकर गुवाहाटी, असम में ���ूर्वांचल जाट समाज द्वारा मिले आत्मीय प्रेम, स्नेह और सम्मान के लिए हृदय से आभार एवं धन्यवाद।
पूर्वांचल जाट समाज के अध्यक्ष श्री गणेश चौधरी जी सहित समाज के सभी सम्मानित पदाधिकारियों, वरिष्ठजनों एवं हमारे ऊर्जावान युवाओं ने जिस अपनत्व और भाईचारे के साथ स्वागत एवं सम्मान किया, वह मेरे लिए सदैव अविस्मरणीय रहेगा।
#NirmalChoudhary
जय हिंद साथियों🇮🇳
राजस्थान में अपने घरों के AC कमरों में बैठकर मेरे लिए उल्टा सीधा बोलने और आलोचना करने वाले लोगों से बस इतना कहना चाहता हूँ—राजस्थान से हजारों किलोमीटर दूर मैं यहाँ किसी से वोट लेने नहीं आया हूँ, न ही किसी राजनीतिक मकसद से आया हूँ।
मैं यहाँ आया हूँ इंसानियत और मानवता के नाते। संकट की इस घड़ी में जब हजारों परिवार बाढ़ की मार झेल रहे हैं, तब मेरी अंतरात्मा मुझ�� चुप बैठने की इजाज़त नहीं दे पाई। इसलिए इनके बीच पहुँचा हूँ।
दूर बैठकर बोलना बहुत आसान है, लेकिन इन बाढ़ प्रभावित परिवारों के घरों तक पहुँचने के लिए किन मुश्किलों से गुजरना पड़ता है, यह यहाँ आकर ही समझ में आएगा।
मैं आलोचनाओं से न कभी डरा हूँ, न डरूँगा।
मेरी राजनीति से पहले मेरी इंसानियत है और मेरे लिए पद से पहले मेरा कर्तव्य है।
जब तक सांस है, मैं संकट में खड़े अपने देशवासियों के ��ाथ खड़ा रहूँगा।
अपनी पूरी ज़िंदगी इसी ईमानदारी और इंसानियत के साथ अपने देश और देशवासियों की सेवा के लिए समर्पित रखूँगा।
#AssamFloods #Humanity
#NirmalChoudhary
दिनभर बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच राहत पहुँचाते हुए गुज़रा, और अंत में माताओं के हाथों से मिले प्यार व अपनेपन के निवालों ने सारी थकान भुला दी।❤️
#AssamFloods#Humanity#NirmalChoudhary
@SunilTarar6@NirmlChoudhary Tere ratti bhar tax se kisi ka bhi ghar nhi chale mera tho kya or rahi baat pension ki tho mere ghar wale tax bharte hai tho unhe pension ki jarurat nhi hai or kaha ki baat kaha leke ja rha hai meri itni chinta hai tho face revel krke baat kr le
असम में बाढ़ पीड़ित परिवारों की मदद के लिए एक कदम।
संकट की इस घड़ी में उनके साथ खड़े होने का प्रयास किया।
मुश्किल वक्त में मदद करना ही इंसानियत का सब��े बड़ा धर्म है।
#assamfloods #humanity
#NirmalChoudhary
असम में बाढ़ पीड़ित परिवारों की मदद के लिए एक कदम।
संकट की इस घड़ी में उनके साथ खड़े होने का प्रयास किया।
मुश्किल वक्त में मदद करना ही इंसानियत का सबसे बड़ा धर्म है।
#assamfloods#humanity#NirmalChoudhary
बाढ़ का दर्द झेल रहे असमवासियों के लिए दुख-दर्द बाँटने का प्रयास।
असम में बाढ़ से प्रभावित परिवारों के बीच राहत पैकेज वितरित कर संकट की इस घड़ी में उनका दर्द साझा किया।
#assamfloods#Humanity#NirmalChoudhary
बाढ़ का दर्द झेल रहे असमवास��यों के लिए दुख-दर्द बाँटने का प्रयास।
असम में बाढ़ से प्रभावित परिवारों के बीच राहत पैकेज वितरित कर संकट की इस घड़ी में उनका दर्द साझा किया।
#assamfloods #Humanity
#NirmalChoudhary
क्या अब प्रकृति को भी सरकारी पैमाने से तौला जाएगा?
क्या धरती की आत्मा को भी फुट-रूलर से नापा जाएगा?
अरावली कोई साधारण पहाड़ नहीं है।
यह भारत की सबसे प्राचीन जीवन-रेखा है।
यही वह ढाल है जिसने
रेगिस्तान को आगे बढ़ने से रोका,
ज़हर को हवा में घुलने से रोका,
और धरती को ज़िंदा रखा।
लेकिन आज— एक आदेश से
अरावली का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा
काग़ज़ों में मार दिया गया।
याद रखिए—
जो काग़ज़ों में मिटता है,
वह ज़मीन पर भी मिटा दिया जाता है।
यह फैसला पर्यावरण का नहीं है।
यह फैसला है— खनन माफ़िया, बिल्डर लॉबी और सत्ता की आपराधिक साँठगांठ का।
यह विकास नहीं है,
यह आने वाली पीढ़ियों के खिलाफ़ रची गई स��ज़िश है।
अगर अरावली कटेगी—
तो दिल्ली का दम घुटेगा,
राजस्थान और ज़्यादा प्यासा होगा,
कुएँ सूखेंगे,
हैंडपंप खामोश हो जाएंगे,
खेती उजड़ जाएगी,
और भीषण गर्मी इंसानों की जान लेने लगेगी।
सरकार कान खोलकर सुन ले—
पहाड़ की पहचान उसकी ऊँचाई से नहीं,
बल्कि जीवन बचाने वाले उसके काम से होती है।
अरावली कोई फ़ाइल नहीं है
जिसे एक आदेश से रद्द कर दिया जाए।
हम साफ़ और स्पष्ट माँग करते हैं—
• 100 मीटर की अमानवीय परिभाषा तुरंत वापस ली जाए
• अरावली के हर पहाड़ को कानूनी संरक्षण दिया जाए
• खनन और तोड़-फोड़ पर पूरी तरह रोक लगाई जाए
वरना—
जनता चुप नहीं बैठेगी।
यह लड़ाई सड़कों से संसद तक जाएगी।
क्योंकि—
अरावली बचेगी, तभी ��ेश बचेगा।
अरावली बचाओ — भविष्य बचाओ!
#SaveAravali #SaveAravaliHills #अरावली_बचाओ
@narendramodi @PMOIndia
#NirmalChoudhary