*तमन्नाएं भी उम्र भर कम नहीं होंगी,*
*समस्याएं भी कभी हल नहीं होंगी ।*
*फिर भी हम जी रहे हैं वर्षों से इस तमन्ना में,*
*कि मुश्किलें जो आज हैं, शायद कल नहीं होंगी ।*
_*"बड़प्पन" वह गुण है*_
_*जो पद से नहीं "संस्कारों"*_
_*से प्राप्त होता है।*_
_*पराय��ं को अपना बनाना उतना*_
_*मुश्किल नही*_
_*जितना अपनों को अपना बनाए रखना है*_