सीएम डैशबोर्ड व आईजीआरएस की समीक्षा की। खराब रैंकिंग वाले विभागों को प्रदर्शन सुधारने के निर्देश दिए। योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार, समयबद्ध परियोजना पूर्णता व शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर विशेष जोर दिया।
कब तक बचेगा अमित शाह का बेटा जेल तो तुझे जाना पड़ेगा !!
उत्तर प्रदेश के चुनाव से पहले तुझे जेल ना भेजा तो मेरा नाम भी रोहिणी नहीं !!!
तुने जितना ग़लत किया है दलित बेटियों के साथ उसकी सज़ा तो तुझे मिलेगी !!
जाति प्रमाण पत्र के नाम पर ₹50 हजार मांगने के आरोप में तहसील सदर के क्षेत्रीय लेखपाल संदीप सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच के निर्देश दिए गए हैं। भ्रष्टाचार व अवैध वसूली किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं होगी।
अब लोग बोल रहे हैं कि सामान्य वर्ग के छात्रों को भी स्कॉलरशिप मिली है!
तो कोई ये बताए कि मुख्यमंत्री के हैंडल से की गई इस पोस्ट में सिर्फ SC/ST/OBC और अल्पसंख्यक का ज़िक्र क्यों है?? और सामान्य वर्ग के छात्रों का जिक्र क्यों नहीं है??
क्या सामान्य वर्ग के छात्रों का जिक्र करना मुनासिब नहीं लगा?
और अब लोग जब ये पूछें कि सामान्य वर्ग किधर है तो बोलो की गूगल सर्च करो?? या फेक न्यूज़ फैला रहे हो??
मतलब अपनी गलती दूसरे पर थोपने का ये अंदाज तो पहली बार देखा है!!
आदरणीय @myogiadityanath जी, क्या सामान्य वर्ग में निर्धन परिवार नहीं हैं? उनके लिए कोई कोचिंग, हॉस्टल, स्कॉलरशिप आदि क्यों नहीं है? मुसलमान तक के लिए आपका कोष खुला हुआ है, ब्राह्मणों के लिए नहीं?
ब्राह्मण-ठाकुरों के घर मिट्टी के हैं, सर पर छत नहीं, भिक्षा माँग कर खाने को विवश हैं, हर दिन ऐसे रिपोर्ट दिखता सुनता हूँ। आपको वो बच्चे नहीं दिखते?
चंद्रशेखर रावण अरेस्ट वारंट निकलने के बाद भी बाहर है!
और पंकज धवरैय्या को गिरफ्तार कर लिया गया क्योंकि वो शांतिपूर्ण यात्रा निकाल रहे थे!
ऐसा दोगलापन क्यों??
#ReleasePankajDhavaraiyya
विपक्ष के कई नेताओं से अधिक रीढ़ और करेजा वाला ये व्यक्ति निकला
ओवैसी ने कैप्टन स्मित मच्छार के बहादुरी की तारीफ की और जल्द स्वस्थ होने की कामना
विपक्ष के बहुत नेताओं को ओवैसी से :- राजनीति का:- क, ख, ग, घ……सीखना चाहिए।
सोचिए, मात्र 22 साल का लड़का था देवा द्विवेदी। 22 साल क्या age होती है? कॉलेज का लड़का, पढ़ने-लिखने वाला और ब्राह्मण था और मोदी एक्ट, जिसे SC-ST Act भी कहा जाता है कुछ लोगों के द्वारा, उसमें उसे फँसाया गया और अंत में उसने आत्महत्या कर ली।
अब एक और नाम याद आता है, विष्णु तिवारी का। विष्णु तिवारी वो भी 22 ही वर्ष के थे। जब वो आगरा सेंट्रल जेल से बाहर निकले तो 45 के हो चुके थे।
माता-पिता, दो भाई की मृत्यु हो चुकी थी, परिवार की ज़मीन बिक गई और रिहाई के बाद उनके सामने फिर से जीवन आरंभ करने का प्रश्न खड़ा हो गया।
सरकार को समझना चाहिए कि सबके सहने की एक सीमा होती है, और उसके बाद आम नागरिक क़ानून अपने हाथ में लेने लगता है।
जाति और गोत्र पर उनका लिखा पढ़ लीजिएगा। राष्ट्रवाद पर भी। और हाँ, ‘उतरा कहाँ स्वराज? बोल दिल्ली तू क्या कहती है’ भी अच्छी है।
आप एक गोबर नेता बन चुके हैं जिसे न राष्ट्र से मतलब है, न धर्म से, न समाज से। कॉपी-पेस्ट बकलोली होती रहनी चाहिए बस!
नाम: भरत तिवारी- ब्राह्मण
गलती: गाँव की स्थिति सुधारने की कोशिश।
सज़ा- फर्जी पुलिस एनकाउंटर में मौत।
नाम: नंदन यादव- ग्वाला/अहीर
आरोप: नाबालिग लड़की से दुष्कर्म।
सज़ा- पुलिस मुठभेड़ में पैर में गोली लगी।
क्या भरत तिवारी का अपराध ज्यादा बड़ा था?
🚨 IIT बॉम्बे के प्रोफेसर सूर्यनारायण डूल्ला से मिलिए:
शिक्षा और महत्वपूर्ण भूमिकाएँ
कक्षा 10वीं में 93.4% अंक
कक्षा 12वीं में 97.8% अंक
नागार्जुन विश्वविद्यालय से बी.टेक
IIT बॉम्बे से एम.टेक
IIT दिल्ली से पीएचडी
JEE Advanced 2022 के आयोजन अध्यक्ष
JEE Advanced 2020 और 2019 के उपाध्यक्ष
बताया जा रहा है कि उनकी एकमात्र गलती परीक्षा के दौरान एक छात्र को नकल करते हुए पकड़ना थी। इसके बाद उस छात्र के पिता ने उनके खिलाफ एससी/एसटी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया, और उन्हें इस्तीफा देना पड़ा।
अब कुछ लोग उनके लिए 10 साल की जेल की मांग भी कर रहे हैं। ऐसी चिंताएँ व्यक्त की जा रही हैं कि यदि ऐसी घटनाएँ बढ़ती हैं, तो भविष्य में शिक्षक और प्रोफेसर परीक्षा में नकल पकड़ने से पहले कई बार सोच सकते हैं। ✍️
राहुल गांधी जी को शर्म आनी चाहिए;
वे कह रहे हैं कि NSA अजीत डोभाल जी सभी भारतीयों की जासूसी कर रहे हैं।
डोभाल साहब जैसे राष्ट्रवादी ने विभिन्न सरकारों के तहत सेवा की है और कई बार अपनी जान जोखिम में डालकर देश की सेवा की है।
राहुल गांधी एक बार दावा कर चुके हैं कि उनके फोन की जासूसी पेगासस से की गई थी।
लेकिन जब उनसे अपना फोन जमा करने को कहा गया, तो उन्होंने इनकार कर दिया। 🙄🙄
ओडिसा का CM हो या किसी अन्य राज्य का
अपने फायदे के लिए हिंदुओं की लाशो पर राजनीति करते है,
झूठे वादे और हिंदुत्व की बड़ी बड़ी बातें करके हिंदुओं से वोट लेते है
तथा मुल्ला, मार्क्सिस्ट और मिशनरी के आगे बिछे रहते है
इनकी कथनी और करनी में अंतर है,
दुष्टों को शर्म भी नहीं आती।
भीम आर्मी के गुंडों ने अलीगढ़ में सचिन राघव को पीटा, हत्या का प्रयास किया, अपमानित किया। और अब पुलिस स्टेशन भी घेर कर बैठ गए हैं। क्या सवर्णों की यही स्थिति बनी रहेगी? क्या सवर्ण होना और सड़क पर निकलना भी अपराध हो गया है?
हमारी बहन-बेटियों पर हर दिन टिप्पणी होती है, सरकार सोई रहती है। अब भीड़ बना कर घेरा और पीटा जा रहा है। ध्यान रहे, जिस दिन सवर्ण ने इन्हीं गुंडों की तरह कानून से डरना बंद कर दिया, वह दिन बहुत विकट होगा समाज के लिए।
मैं जिस अपार्टमेंट में रहता हूं , उसमें ज़्यादातर लोग बीजेपी समर्थक हैं . मोदी की अपील पर जमकर पहले ताली और थाली बजा चुके हैं . इस बार किसी फ्लैट की बालकनी में कोई दीया जलता नहीं दिखा .
कल देर रात तक बीजेपी नेताओं ने देश भर में लाखों दीये जलाए या जलवाए लेकिन लोग अपने घरों की देहरी पर दीये जला रहे हैं , ऐसी तस्वीरें न के बराबर दिखी . आपको दिखी हो तो कॉमेंट बॉक्स में बताएं .