>नाम जस्टिस यशवंत वर्मा
>पहले दिल्ली हाईकोर्ट ,अब यूपी हाई कोर्ट में
>घर से जले हुए नोटों की गड्डियां मिली
>पहले मामले को दबाने की कोशिश हुई
>लेकिन सोश�� मीडिया ने उसे नाकाम कर दिया
>फिर कार्यवाही हुई , इंपीचमेंट होने वाला था
>लेकिन उससे पहले जज साहब ने इस्तीफा दे दिया
>इंपीचमेंट से पहले इस्तीफा देने से उनके पोस्ट रिटायरमेंट बेनिफिट्स चालू रहेंगे
>इससे पहल भी दो जजों ने इसी रास्ते का इस्तेमाल किया
>अब देश की जनता एक भ्रष्टाचारी के पोस्ट रिटायरमेंट बेनिफिट्स के लिए टैक्स देगी
>इसके खिलाफ हम सबको आवाज उठानी चाहिए।
हमारे देश में भगवान भी भेदभाव करते हैं, VIP's , इंस्टा और यूट्यूब के इन्फ्लूएंसर को अलग से दर्शन देते हैं,
बाकी आम आदमी तो है ही मार और धक्के खाने के लिए
@IndianOilcl It is to inform you that it is very disappointing that no cng station is available in kathara area ,Bokaro Jharkhand-829116. The nearest petrol pump where cng is available is 20 km away from kathara. So we are facing problem in fuelling of cng in our vehicle.
अभी सचिन और सीमा हैदर का सातवां बच्चा हो जाएगा तो हर चैनल इसे प्राइम टाइम में चलाएगा,
सवाल पूछने पर एक सांसद डिफेमेशन नोटिस भेज रहा लेकिन पूरे मीडिया जगत के पेन की रिफिल खत्म हो गई है ।
@TheOfficialSBI my online banking got deactivated while transferring money stating security reasons. Pl guide how to reactivate without visiting home branch. As I am out of station and I am in urgent need of internet banking
@OfficialSBICare my online banking got deactivated while transferring money stating security reasons. Pl guide how to reactivate without visiting home branch. As I am out of station and I am in urgent need of internet banking.
देश भर में लोग डिजिटल अरेस्ट हो रहे और करोड़ों लूटे जा रहे लेकिन ओडिशा पुलिस को साइबर पेट्रोल के टाइम पर ये ट्वीट दिखा ,
ओडिशा पुलिस का कहना है कि मोदी जी की फर्जी AI वीडियो बना कर डाली जा रही है लेकिन इस वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी जी का कहीं भी जिक्र नहीं है ,
इससे पहले जब कुंभ टाइम पर दिल्ली रेलवे स्��ेशन पर भगदड़ हुई थी तब भी ये नोटिस भेजे गए थे ,
हमसे कहा गया है कि अगर 36 घंटे के अंदर ये ट्वीट डिलीट नहीं हुआ तो कार्यवाही की जाएगी , ओडिशा पुलिस आप प्रूफ कर दो ये ट्वीट फर्जी है मै माफी मांग लूंगा वरना ट्वीट डिलीट नहीं करूंगा ,
मेरा ओडिशा पुलिस से कहना है कि मुझे पता है कि ये नोटिस कौन भिजवा रहा , उससे हमारा कहना है कि काम तुम नहीं कर रहे , बदनाम मोदी जी को कर रहे हो ।
रील मंत्री जी (@AshwiniVaishnaw)
जनता की तरफ से सीधे और कड़े सवाल 👇
• आपका IRCTC ऐप बस घूमता रहता है, OTP जनरेट नहीं होता और उतने में टिकट खत्म हो जाता है। इसे सिस्टम कहें या खुली लूट?
• जब Tatkal में OTP ही समय पर ��हीं आता, तो बुकिंग चालू क्यों रखते हो?
• एंडलेस रीलोड, पेमेंट कटना, टिकट न मिलना गलती किसकी है?
• सिस्टम फेल होने से कन्फर्म टिकट का मौका गया, उसकी भरपाई कौन करेगा?
• पेमेंट कटने के बाद रिफंड स्टेटस क्यों गायब रहता है?
• शिकायत ��र्ज करने लायक काम का सपोर्ट कहाँ है?
अगर सिस्टम भरोसेमंद नहीं है तो No Ticket, No Payment लागू करो।
यात्री गलती नहीं, IRCTC की नाकामी भुगत रहा है।
जवाब और समाधान चाहिए बहाने नहीं।
#TatkalTicketBooking
इस तरह सॉफ्टवेयर/बॉट के जरिए 1 मिनट के अंदर तत्काल टिकट बुक हो रहे हैं और आम यात्री को सिर्फ “ट्रांजैक्शन एरर” या “नो सीट्स लेफ्ट” दिखता है।
@IRCTCofficial@RailMinIndia@RailwaySeva से सवाल 👇
ये बॉट और सॉफ्टवेयर किसकी मिलीभगत से चल रहे हैं?
CAPTCHAs , OTP और लॉग-इन लिमिट्स सिर्फ आम लोगों के लिए हैं क्या?
कितने एजेंट/आईडी ब्लॉक किए गए और कितनों पर FIR हुई?
रीयल-टाइम बॉट डिटेक्शन और AI मॉनिटरिंग क्यों नहीं?
तत्काल कोटा आम यात्रियों के लिए है या माफिया के लिए?
कितने साल और इंतज़ार करना होगा? कार्रवाई कब होगी?
🚨 Tatkal टिकट घोटाला: अब सबूतों पर सवाल उठाने पर धमकी दी जा रही है 🚨
यह सिर्फ़ Tatkal टिकट का मामला नहीं रहा। यह अब सिस्टम, माफिया और आम नागरिक के अधिकार का सवाल बन चुका है।
📌 पूरा घटनाक्रम साफ़-साफ़ समझिए:-
1️⃣Twitter पर एक यूज़र ने Tatkal टिकट सॉफ्टवेयर की हकीकत दिखाई
— 30–60 सेकंड में टिकट बुक
— आम यात्री को सिर्फ़ Transaction Error या No Seats Left
2️⃣ सबूत के तौर पर
— Telegram चैनल
— लाइव बुकिंग स्क्रीन
— सॉफ्टवेयर की खुलेआम बिक्र��
3️⃣ पोस्ट वायरल होते ही
👉 सॉफ्टवेयर बेचने वाला सामने आया
👉 WhatsApp Business अकाउंट से
👉 गालियाँ, धमकी, “जो उखाड़ना है उखाड़ लो”
📷 स्क्रीनशॉट खुद गवाही दे रहे हैं
— UK नंबर
— WhatsApp Business
— खुलेआम कबूलनामा कि “हम Telegram पर बेचते हैं”
👉🏻अब सवाल सिस्टम से हैं:
@IRCTCofficial @RailMinIndia @RailwaySeva
•क्या Telegram पर चल रहे ये चैनल आपको दिखाई नहीं देते?
•क्या 1 मिनट में सैकड़ों टिकट बुक करने वाली असामान्य स्पीड आपके सिस्टम को नहीं दिखती?
•क्या IP pattern, device fingerprint, API abuse ट्रैक नहीं किया जा सकता?
•या फिर सिस्टम इतना “कमज़ोर” है कि सिर्फ़ आम आदमी पर ही नियम लागू होते हैं?
⚠️ असली चिंता की बात:
> आज टिकट आम यात्री से छीना जा रहा है
> सवाल उठाने पर धमकी दी जा रही है
> माफिया खुलेआम कह रहा है — “जो करना है कर लो”
👉🏻यह केवल टिकट स्कैम नहीं, यह नागरिक को डराकर चुप कराने की कोशिश है।
आख़िरी बात (बहुत साफ़):
अगर सिस्ट�� ईमानदार है तो डर, धमकी और गालियाँ क्यों?
और अगर सिस्टम फेल है तो कार्रवाई कब होगी?
🛑 Tatkal जनता के लिए था, माफिया के लिए नहीं।
👉 Dear @AshwiniVaishnaw जी,
अब चुप्पी नहीं, जवाब और कार्रवाई चाहिए।
Railway Minister's extra luggage charge announcement raises serious concerns while limits exist on paper, this risks burdening millions of ordinary passengers.
Most travelers in Sleeper/2nd Class (35-40kg limit) are migrants, families, or small traders carrying essentials. Overcrowded stations lack weighing infrastructure, selective enforcement could breed corruption/harassment.
Trains are lifeline for the masses, not premium like flights. Instead of penalties, prioritize better luggage storage in coaches.
Higher limits for lower classes
Tech for fair checks
This feels like revenue over relief. Reconsider it for aam aadmi!
#Railway #TrainNews #AshwiniVaishnaw
As per my knowledge Jagat Prakash Nadda is health minister of India, he didn’t bother to stop his speeches and see security guard in such situation.
Inhuman act
This means that when the electoral roll was released on 1 January 2025, the gap between it and the 2002 list was 49%. But now, with fake linkages and hired parents introduced in the submissions during Phase 1 of the SIR, the gap has narrowed to 4.3%. This makes it imperative to run the databases of the draft roll (before it is published) against the 1 January 2025 roll to flag discrepancies, issue notices and initiate re-verification with the relevant documents.
The TMC is rigging the process using hired private data-entry operators who are creating fake family linkages. All BLOs have reportedly been instructed that the dead/shifted/duplicate/absent EF forms should not be digitised and that the physical forms should be diverted to the panchayat office.
The @ECISVEEP must weed out these illegal and fake voters through extensive combing of the submissions made so far.
नेता का बेटा , बहु , पत्नी , बेटी विधायक सांसद मंत्री मुख्यमंत्री बन रहे ,
जज का बेटा , नाती ,भतीजा , भतीजी हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जज बन जा रहे ,
बालू , शराब , खनन और भू माफिया सत्ता वाली पार्टी को फंड देकर दोषमुक्�� हो जा रहे ,
सरकारी स्कूल की छतों के गिरने से मासूम उसके नीचे सब जा रहे और शिक्षा मंत्री जी के बच्चे विदेश से पढ़कर हमारे ऊपर राज कर रहे ,
सरकारी अस्पतालों में जनता डॉक्टर साहब का और सुविधाओं का इंतजार कर रही , लेकिन डॉक्टर साहब अपने प्राइवेट क्लीनिक में सुविधाओं के साथ हनीमून मना रहे ,
देश को सिर्फ चार पांच हजार परिवार चला रहे , वो बहती हवा की महक सूंघ कर राजनैतिक पार्टियां बदल लेते हैं , चुना��� लड़ते हैं और लगातार कई वर्षों से हमपर राज कर रहे ,
और जनता को भ्रम है कि ये लोग दिन रात हमारी सेवा कर रहे ।
जब लड़की उत्तर प्रदेश की है तो उसका EWS प्रमाण पत्र बिहार का कैसे बन गया ?
उसके खिलाफ कार्यवाही में उसके ADJ मामा टांग क्यों अड़ा रहे हैं? और कोई कार्यवाही क्यों नहीं हो रही ?
मैंने पहले ही कहा था कि जितने डॉक्युमेंट्स उजाला जी ���े खुद उनके पास नहीं होंगे उतने हम देंगे ।