आखिरकार वही हुआ जिसका कयास लगाया जा रहा था, रूस का भेजा गया “लूना प्रोब” चाँद पर उतरने के दौरान क्रैश हो चुका है और अब पूरे विश्व की निगाहें इसरो के चंद्रयान-3 पर हैं। आज तक चाँद पर भेजे गये स्पेसक्राफ्ट्स में से एक तिहाई से ज्यादा लैंडिंग के दौरान क्रैश हो चुके हैं। आखिर क्या है ऐसा, जो चाँद पर सफल लैंडिंग को इ��ना मुश्किल बना देता है? चलिए, सबसे पहले जानते हैं कि टर्मिनल वेलोसिटी किसे कहते हैं। सैद्धांतिक रूप से ग्रेविटी सभी चीजों को समान मात्रा में आकर्षित करती है, अर्थात किसी ग्रह पर एक पक्षी का पंख हो या लोहे का हथौड़ा, दोनों समान वेग से सतह की तरफ गिरेंगे। पर ऐसा पृथ्वी पर नहीं होता। वजह है हवा की मौजूदगी।
ग्रेविटी गिर रही चीजों को अपनी और खींचती है, और वस्तु के गिरने की रफ़्तार हर सेकंड बढती रहत��� है। तो उसी दौरान हवा गिरने वाली वस्तु पर ऊपर की ओर – ग्रेविटी के विपरीत – बल लगाती है। कुछ सेकंड गिरने के बाद एक समय आता है, जब नीचे खींच रही ग्रेविटी और ऊपर धकेल रही हवा, इस तरह एक-दूसरे को कैंसिल-आउट कर देते हैं, कि उसके बाद गिरने वाली चीज के गिरने की रफ़्तार लगातार न बढ़ कर नियत हो जाती है। गिरने की इस फिक्स स्पीड को टर्मिनल वेलोसिटी कहते हैं।आप एक हट्टे-कट्टे मनुष्य हैं और मैं आपको स्पेस में ले जा कर राकेट से धक्का दे दूँ, तो 12 सेकंड तक आपकी गति में Acceleration होगा, उसके बाद आप धरती तक एक फिक्स रफ़्तार (लगभग 250 किमी/घंटा) से पहुंचेंगे। चाँद पर हवा होती तो उतरने वाला यान पैराशूट खोल कर आराम ���े उतर जाता। हवा की अनुपस्थिति में चाँद पर उतरने वाले यान की रफ़्तार हर सेकंड 1.6 मीटर बढती रहती है, जो कि एक अच्छी चीज नहीं है। हवा न होने के कारण एक ही उपाय है कि चाँद पर उतरते वक़्त विक्रम लैंडर अपने राकेट बूस्टर नीचे की दिशा में फायर करे, जिससे “ऊपर की दिशा में मिला पुश” विक्रम को धीरे-धीरे उतरने में मदद करेगा। अब राकेट बूस्टर फायर करना फिल्मों में जितना आसान है, वा��्तविक जीवन में उतना ही मुश्किल। विक्रम लैंडर अथवा चाँद पर जाने वाले किसी भी यान में इतना ही ईंधन शेष रहता है कि वे कुछ सौ सेकंड्स तक, मेरे ख्याल से मैक्सिमम 5 मिनट की अवधि तक अपने बूस्टर लगातार फायर कर पायें। अर्थात, चाँद पर उतरते वक़्त विक्रम को, हर थोड़ी देर में, अपने गिरने की पोजीशन को हॉरिजॉन्टल रखते हुए, अपने बूस्टर रुक-रुक कर फायर करने होंगे। ऐसा नहीं है कि बूस्टर ऑन किये और लगातार ईंधन फूंकते हुए तसल्ली से चाँद पर उतर गये। इतना फ्यूल है ही नहीं। उतरने की प्रक्रिया के दौरान चारों बूस्टर, एक समय पर, बिना गड़बड़ी के विक्रम की पोजीशन के अनुसार फायर होने चाहियें। एक सिंगल बार भी इस प्रक्रिया में कोई अनियमितता आई, तो विक्रम गुलाटियां खाते हुए चाँद की जमीन पर कहाँ जा कर गिरेगा, इसका अनुमान लगाना भी मुश्किल है। अब चाँद की उबड़-खाबड़ जमीन लैंडिंग के बिल्कुल मुफीद नहीं है, ये तो हम जानते ���ैं। इससे ��ी बड़ी समस्या यह है कि वह उबड़-खाबड़ जमीन भी हमनें चाँद के दक्षिणी ध्रुव की चुनी है। हम जानते हैं कि अभी चंद्रयान चाँद का चक्कर लगाते हुए Sideways Orbital Motion में है, वहीँ जहाँ हमें उतरना है, अर्थात ध्रुव, वे तकनीकी रूप से लगभग स्थिर हैं। वहां उतरना कुछ वैसा ही है, जैसे चलती रेलगाडी से छलांग लगा कर स्थिर प्लेटफार्म पर उतरने की कोशिश करना। एक अंतिम समस्या चाँद की सतह पर मौजूद धूल की भी है। लैंडिंग सॉफ्ट न हो��े की स्थिति में धूल का गुबार उठेगा, जो लैंडर के कैमरा तथा अन्य सेन्सर्स को प्रभावित कर सकता है। इसलिए सॉफ्ट लैंडिंग ही एकमात्र सेफ आप्शन है। अब मैं आपको यह भी बता दूँ कि चाँद पर लैंडिंग की जो उपरोक्त जटिल प्रक्रिया मैंने बताई है, उसको अंजाम देने में इसरो का कोई योगदान नहीं होगा। अर्थात, चंद्रयान पूरी तरह अपने भीतर इंस्टाल कंप्यूटर के हवाले है। उपरोक्त प्रक्रिया को ठीक से अंजाम दे पाना एक जीत���-��ागते मनुष्य के लिए भी मुश्किल बात है। यहाँ हम बस उम्मीद कर सकते हैं कि आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस सभी परिस्थितियों का त्वरित आकलन करते हुए, सही फैसले ले कर, चंद्रयान को सुरक्षित लैंड करा पाए।
मैं जानती हूँ कि देश की निगाहें चंद्रयान पर हैं। देशवासियों की उम्मीदों का बोझ तो है ही, पिछले विफल मिशन को न दोहराने का दबाब भी है। मैं आज बस ये बताना चाहता था कि परसों का दिन बेहद मुश्किल होने वाला है। इन ��ार्ट - चंद्रयान को आप सबकी शुभकामनाओं की आवश्यकता है।
Let's extend wishes for a successful landing of Vikram Lander this time...
#Chandrayaan3Landing
#Chandrayaan3Mission
#Chandrayaan #Chandrayaan
On the day of #MaitriDiwas, let's celebrate 51 years of mutually beneficial and strong bond between India and Bangladesh.
Indian Railways makes this bond stronger with efforts to enhance regional trade and rail connectivity with Bandhan Express and Maitree Express.
The New Elevated Railway Track built-up by the Northern Railway along with the Government of Haryana will help in decongesting the traffic woes in Rohtak City and providing the smoother Railways operations.
#RailInfra4Haryana
आगामी त्यौहारों को ध्यान में रखते हुए रेलवे द्वारा अनेक त्यौहार विशेष रेलगाड़ियाँ चलाने की योजना बनाई गई है। आप भी त्यौहार विशेष रेलगाड़ियों में अपने टिकट बुक कर सकते हैं।
19.10.22 से 31.10.22 तक इन रेलगाड़ियों में तिथिवार एवं श्रेणीवार सीटों की उपलब्धता निम्नानुसार है:
Respected mam
I m the staff of railway in Mukerian section lots of quarters are subletting and Renters make chaos.
In some previous month order for vacant the subletting quarter but still no one vacant the subletting quarters
Please take neccessary action .
@drm_fzr
Jammu and Kashmir’s #AnjiBridge is unique in many ways. AS part of the of Udhampur-Srinagar-Baramulla Rail Link Project, it’s India’s ‘first cable-stayed bridge’ with a total length of 473.25m. The bridge has been designed to withstand high speeds of up to 100 kmph.
#Features
Bullet train Progress Report :
Land Acquisition Status-
1) Gujarat: 98.8%
2) DNH: 100%
3) Maharashtra: 75.25%
Progress of Works-
1) 162 km of Piling work completed
2) 79.2 km Pier work completed
3) Passenger Terminal Hub at Sabarmati is nearing completion.
Built at a height of 359 Metres, the Chenab Bridge is the highest one which is 35 Metres higher than the Eiffel Tower of Paris.
#NorthernRailway#ChenabBridge
The iconic Chenab Bridge is the World’s Highest Railway Bridge that has been constructed across a gorge of Chenab River in the Reasi District of Jammu & Kashmir.
#NorthernRailway#ChenabBridge
No change in the rule related to booking of tickets for Children travelling in train
It is optional for passengers to buy ticket & book berth for children below 5 years
Free travel is allowed for children below 5 years, if no berth is booked
Read here: https://t.co/zSgh94i5MR
यात्री सुविधाओं की बढ़ोतरी में जुटी भारतीय रेल!
भारतीय रेल द्वारा लखनऊ जंक्शन स्टेशन पर यात्रियों के लिए एसी लाउंज शुरू किया गया है। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित यह एसी लाउंज यात्रियों के सफर को और ��रामदायक बनाएगा।
कश्मीर से देश भक्ति का यह ख़ूबसूरत दर्शय कश्मीर से ३७० हटने के बाद ख़ून की नदियाँ बह जायेंगी ऐसी मानसिकता रखने वालों के मुँह पर ज़ोरदार तमाचा है #HarGharTiranga#HarDilMeTiranga