ये किस प्रदेश की पुलिस है..?
आखिर किस कानून के तहत इस युवक को बीच सड़क पर बांधकर दम भर लाठियां चलाई जा रही है -
ये मानवाधिकारों का हनन है के नहीं..कहां है मानवाधिकार आयोग..?
यह नफ़रती चिंटू कह रहा है
• मोदी जी ने इशारा कर दिया है, अब हम दिमागी नक्सलियों का इलाज करेंगे
• अभी तक तो कड़ा चलाया है, आगे कट्टा चलायेंगे
• हम खुल कर कैमरे पर कह रहे हैं यह सब करने के लिए गूदा चाहिए
@DelhiPolice - हिंसा और मारने की बात करने वाले को पकड़ने का गूदा है?
DM पर तो नाजायज़ काम करने पर, हाईकोर्ट के जुर्माने की फटकार पड़ गई लेकिन उनका क्या होगा, जिनके दिशा-निर्देश में ये सब प्रतिशोधात्मक काम हो रहा है?
D से पहले तो C आता है ना?
बाक़ी… जनता समझदार है।
मोदी सरकार में रक्षक और भक्षक के बीच की रेखा ही मिट गई है।
जिस पुलिस पर जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, उसी पुलिस की आड़ में CJP प्रोटेस्ट में गुंडे भेजा जाना बेहद गंभीर हैं।
अगर बिना वर्दी पुलिसकर्मियों को प्रदर्शन में भेजने का आदेश ऊपर से आया था, तो सवाल सीधा है:
आदेश किसका था, अमित शाह?
श्रीमान @Uppolice महोदय जी से निवेदन है निम्न लिखित प्रार्थना पत्र पर गंभीरता पूर्वक निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करने की कृपा की जावे ❗ @upgrphq@dgpup@wpl1090
क्या उत्तर प्रदेश पुलिस कर्मियों एवं अधिकारियों को छोटे बच्चे जो 12 वर्ष तक को वर्दी में ले जाने का अधिकार है?
मथुरा SSP श्लोक कुमार द्वारा अभी तक इस बच्चे के अपराध के बारे में सपष्ट अवगत नहीं कराया गया है और मथुरा पुलिस इसको वर्दी में 26 अगस्त 2026 को उठाकर ले गई थी।
रोहित (जाटव) जाति से आता है इसको थाना बलदेव पुलिस ने फसाया है।
@dgpup@CMOfficeUP@wpl1090@NCSC_GoI
SP मेरठ महोदय, गणना कार्यालय के बगल में बनी 11मंजिला बिल्डिंग में न तो पानी आता है,न लिफ्ट चलती है, 11वे फ्लोर पर महिला पुलिस कर्मियों को रखा गया है, क्या पुलिस के लोग पशु है जो खूंटे से बांध दिया गया है कोई देखने वाला नहीं है @meerutpolice@digrangemeerut@adgzonemeerut@dgpup
यूपी का एक युवा अंकित यादव अपने गांव में सड़क और जल जमाव के लिए धरने पर है।
इसी बीच यूपी पुलिस देखिए कैसे धमकी दे रही है बोल रही फर्जी आंदोलन करते हो।
युवा बोला सामने पानी है निकलवा दीजिए बस।
जिला बलिया के जिलाधिकारी स्वय CMO के माध्यम से इस मासूम बच्ची का पैर सही कर दें तो बहुत ही अच्छी बात है
अन्यथा इस बच्ची के लिए एक ट्राई साइकिल इलेक्ट्रॉनिक हो तो बच्ची की बहुत मदद हो सकती है
बिटिया रानी का पैर देखकर बड़ा ही दुख हुआ है मुझे
@CMOfficeUP@dmballia
अंकित बालियान हत्याकांड तथा कथित मुठभेड़ विधि, संविधान और जवाबदेही की माँग
हरियाणवी गायक स्वर्गीय अंकित बालियान की 26 अगस्त 2026 को शामली में की गई हत्या अत्यन्त जघन्य अपराध है।
हत्या के दोषियों को संविधान और विधि के अनुसार कठोर दंड मिलना चाहिए। इस विषय में कोई दो मत नहीं हो सकते।
परन्तु 31 अगस्त की भोर को शामली में मोहित एवं सुमित नामक दो कथित आरोपियों की पुलिस मुठभेड़ में मृत्यु की परिस्थितियाँ भी उतनी ही गम्भीर जाँच की माँग करती हैं।
अपराध चाहे कितना भी बड़ा हो, दंड न्यायालय द्वारा विहित प्रक्रिया से ही दिया जाना चाहिए। मुठभेड़ स्वयं में स्वतः प्रमाणित न्याय नहीं होती।
आज़ाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर द्वारा की गई शिकायत पर उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग ने प्रकरण संख्या 19186/24/76/2026-AFE दर्ज किया है।
आयोग के समक्ष यह प्रश्न रखा गया है कि—
मुठभेड़ से लगभग 8 घंटे पूर्व पत्रकार श्री अरुण (आज़ाद) चहल के एक्स खाते @ArunAzadchahal पर 30 अगस्त रात्रि लगभग 8:19 बजे ऐसी सूचना सार्वजनिक हुई बताई जाती है, जिसमें 2 आरोपियों के पुलिस के हाथ लगने, 2 के देश से बाहर भागने तथा उसी रात्रि मुठभेड़ होने का उल्लेख था!
इसके पश्चात् 2 कथित शूटर मुठभेड़ में मारे गए।
यदि यह क्रम सही है, तो यह सामान्य संयोग नहीं, अपितु पूर्व-सूचित कार्रवाई का गम्भीर संकेत हो सकता है।
ऐसे संकेत की स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं समयबद्ध जाँच आवश्यक है।
आज़ाद अधिकार सेना का स्पष्ट मत है—
अंकित बालियान के शेष फरार आरोपियों, साजिशकर्ता और वित्तपोषकों को विधि के अधीन गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।
मोहित एवं सुमित की मृत्यु की परिस्थितियों—गोली के कोण, दूरी, बरामदगी, घायल पुलिसकर्मियों के चिकित्सकीय अभिलेख, सीसीटीवी, बॉडी-कैमरा तथा सामान्य डायरी—की न्यायिक/मजिस्ट्रेट जाँच हो।
मुठभेड़ से पूर्व सार्वजनिक हुई सूचना के स्रोत की भी जाँच हो, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सूचना पुलिस तंत्र से बाहर कैसे पहुँची।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तथा गृह विभाग इस प्रकरण का संज्ञान लें, जिससे न तो हत्या का मामला दब सके और न ही अतिरिक्त-न्यायिक कार्रवाई का आरोप बिना जाँच के रह जाए।
अपराधी की जाति नहीं होती, यह सत्य है।
किन्तु पुलिस की भी जाति नहीं होती—उसकी एकमात्र पहचान संविधान है।
पीड़ित परिवार को न्याय और मृत आरोपियों की मृत्यु की सत्यता—दोनों का परीक्षण एक साथ होना लोकतंत्र की माँग है।
@India_NHRC@nhrcindia@Uppolice@dgpup@CMOfficeUP@myogiadityanath@HMOIndia@PMOIndia@UPGovt@ArunAzadchahal
#अंकितबालियान #शामली #मुठभेड़ #मानवाधिकार #विधि का शासन #आज़ादअधिकारसेना #यूपीपुलिस #एनएचआरसी
36 वर्ष की पुलिस सेवा।
भाई भारतीय सेना में शहीद।
पुत्र कोविड-योद्धा के रूप में शहीद।
पिता लंबी बीमारी के बाद दिवंगत।
परिवार को मिला आदेश—“काम नहीं तो दाम नहीं”।
स्वर्गीय मुख्य आरक्षी मनोज कुमार सचान, पुलिस लाइन इटावा, ने ख़ाकी की गरिमा निभाई।
उनके छोटे भाई स्वर्गीय संदीप सचान सेना में 1995 में शहीद हुए।
बड़े पुत्र स्वर्गीय डॉ. आकाश सचान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी रहकर कोविड की अग्रिम पंक्ति में प्राण न्योछावर कर गए।
पुत्र के शहादत के बाद पिता की सेहत टूट गई। जून 2023 में ड्यूटी के दौरान गंभीर रूप से अस्वस्थ हुए, उपचार चलता रहा, विभाग को सूचना भी दी गई।
मेडिकल बोर्ड की आख्या माँगी गई, पर प्राप्त होने से पूर्व 13 मई 2026 को उनका निधन हो गया।
अब परिवार पर 15 जुलाई 2025 से 13 मई 2026 तक के 303 दिनों का “नो वर्क, नो पे” आदेश है।
उपचार के लिए भूमि-प्लॉट तक बेचने पड़े।
विधवा श्रीमती सुरेशा सचान और परिवार आज आजीविका के संकट में हैं।
यह विशेष कृपा की याचना नहीं।
यह उस परिवार के प्रति न्याय की माँग है, जिसने एक घर से सेना, स्वास्थ्य सेवा और पुलिस—तीनों मोर्चों पर राष्ट्र को दिया।
माननीय महोदय, संज्ञान लेकर निर्देशित करें—
1. “नो वर्क, नो पे” आदेश का मानवीय एवं चिकित्सकीय पुनर्परीक्षण हो।
2. लंबित मेडिकल बोर्ड/चिकित्सा अभिलेखों के आधार पर देय वेतन-भत्ता परिवार को मिले।
3. पेंशन, उपादान एवं परिवार-कल्याण संबंधी प्रकरण शीघ्र निस्तारित हों।
शहीद परिवार को कागज़ का दण्ड नहीं, संवेदना और न्याय चाहिए।
@myogiadityanath@CMOfficeUP@myogioffice@CMHelpline1076@UPGovt@ChiefSecyUP@dgpup@Uppolice@Igrangelucknow@etawahpolice@BrijeshS_211@DistrictEtawah@CDO_ETAWAH@PMOIndia@DARPG_GoI@India_NHRC
#शहीदपरिवार #मानवीयन्याय #उत्तरप्रदेशपुलिस #कोविडयोद्धा #इटावा
अंकित हत्याकांड में एनकाउंटर से 8 घंटे पहले ही पत्रकार @ArunAzadchahal द्वारा x पोस्ट में बदमाशो के पकड़े जाने व एनकाउंटर होने की जानकारी सार्वजनिक!
मामले में @azadadhikarsena की शिकायत पर यूपी मानवाधिकार आयोग में केस दर्ज
@India_NHRC@Uppolice@dgpup