मुस्कुराते चेहरे हैं, मदद के लिए बढ़ते हाथ हैं, पीछे छूट गए व्यक्ति के लिए आगे आने के रास्ते हैं, हम सबकी भारत जोड़ो यात्रा में प्रेम और उम्मीद दिखती है।
आख़िर अपने भारत को मुस्कुराता हुआ देखने से ज़्यादा ख़ूबसूरत भला और क्या हो सकता है?
#BharatJodoYatra
" घर - घर नाली " " घर - घर गैस " , जिसकी लाठी उसकी भैंस , बनेगा पकौड़ा , बनेगी चाय " " स्कूल कॉलेज भाड़ में जाए " ' आम आदमी से मन की बात " " उद्योगपति से धन की बात " वाह रे शासन तेरा खेल " " न्याय मांगे तो हो गई जेल "
पिया था पानी मैने , क्योंकि गला मेरा सुख चुका था । पानी तो बस मुँह में ही था , उतने में गुरू जी का हाथ मुझ पर उठ चुका था । रोया , , चिल्लामा खुव मै , पर कोई बचानें को नहीं आए । पानी पीना भी जब , सजा - ए - मौत हो जाए तो फिर साहब हम किस बात कि आजादी मनाएँ । जातिवाद मुर्दाबाद
मेरा क्या कसूर था ? पानी ही तो पिया था।
मैं अबोध,क्या जानू क्या जाति क्या पाती ?
मेरे छूने से होता मैला मटका फोड़ तू देता।
मैंने तो भगवान माना तू राक्षस तो निकला।
ऐसी मानसिकता से कब आजाद होगे?