भारत एक सॉफ्ट वॉर की चपेट में है, हम युद्ध में प्रयोग आने वाले फिजिकल वेपन और बायो वेपन के बारे में तो जानते है लेकिन सॉफ्ट वॉर में इन सब से इतर सॉफ्टवेयर्स,ऐप्स और ऑनलाइन गेम्स शामिल है । भारत की सबसे बड़ी ताकत जो भारत को आने वाले समय में विश्वगुरु बना सकता है ,
सुप्रीम कोर्ट ही मोदी जी के SC/ST Act पर थोड़ी बहुत सेंसिबल बातें अलग-अलग निर्णयों के माध्यम से कर रहा है। 2018 का मास्टरस्ट्रोक हम सह ही रहे हैं। आज कहा है कि निजी कमरे में या घर में यदि ऐसा कुछ होता है तो उसे आप इस क़ानून के दायरे में नहीं ला सकते।
आज सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्देश दिया कि केवल SC/St एक्ट लग जाने मात्र से किसी को एंटीसिपेटरी बेल नहीं देना, अनुचित है यदि प्राथमिक रूप से एक्ट का दुरुपयोग दिखे। यही बात जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट ने कुछ समय पूर्व कहीं थी।
एक अन्य निर्णय में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जातिगत गाली/कार्य जब तक सार्वजनिक तौर पर ना हुआ हो, उसे इस एक्ट के दायरे में नहीं लाया जा सकता। एक निर्णय में केरल हाई कोर्ट ने कहा कि यदि केस संदिग्ध या राजनैतिक लक्ष्य साधने के लिए हो तब भी बेल दी जा सकती है।
सुप्रीम कोर्ट एवं अन्य हाई कोर्ट ने यह भी कहा है कि किसी SC/ST व्यक्ति को गाली मात्र देने से एक्ट नहीं लगेगा, जब तक कि गाली सार्वजनिक तौर पर, उसकी जाति से संबद्ध ना हो। कन्वर्ट लोगों को सुप्रीम कोर्ट ने इसके प्रयोग की अनुमति नहीं दी है।
सेक्शन 18, जिसमें पूर्व बेल पर पूर्णतः रोक है, तभी लागू किया जा सकता है जब FIR में स्पष्ट हो कि जातिगत भेदभाव से प्रेरित हो कर अपराध हुआ है।
फिर भी, मैं सबसे यही कहूँगा कि बच कर रहें, कोर्ट हाथ पर हाथ धरे रह जाएगी यदि सरकार ने चाह लिया कि आप उनकी राजनैतिक रोटी फुलाने के लिए आग पर गर्म किए जा सकते हो।
.@ugc_india में बैठे कायर दक्षिणपंथियों से आग्रह है कि फट्टुओ! अपनी विवशता का रोना बंद करो। तुम सबने या तो पैसे खाए हैं या तुम्हें कोई चिंता नहीं है विचारधारा की। @PMOIndia ये सब कैसे होने दे रहा है। चार दिन बीत चुके हैं, कोई नेता बोल नहीं रहा। @dpradhanbjp इस प्रतीक्षा में हैं कि बात धीरे-धीरे समाप्त हो जाएगी।
फिर ठीक है। हम ऐसी हर बात को लाइब्रेरी में सेव कर के रखेंगे। पाँच चुनाव हर वर्ष होते हैं, हम इस पर उसी समय चर्चा करेंगे। देखते हैं कि सामान्य वर्ग की हत्यारी @BJP4India आगे क्या योजना ले कर आती है।
मोहम्मद के 42वें पीढ़ी के वंशज की दाढ़ी मोदी जी से भी छोटी है। क्या भारतीय मुसलमान उसे मुसलमान मानेंगे?
ये जॉर्डन के प्रिंस हैं, जो पीएम मोदी को संग्रहालय दिखाने ले जा रहे हैं। इनके ड्राइवर ने उचित समय जान कर छुट्टी मार ली और कहा कि सैलरी बढ़ा दें। प्रिंस ने ब्लैकमेल होने से मना किया और बोले, “साले दिखना मत दो-तीन दिन मुझे! घर से न उठवा लिया तो मेरा नाम बदल देना।”
अज्ञानतावश कि गई चूक भूल कहीं जा सकती है किंतु जानबूझकर किए गए कार्य को अपराध की संज्ञा दी जाती है। आने वाली पीढ़ी उन सभी लोगों को अपराधी मानते हुए जयचंद्र की संज्ञा देगी जो वर्तमान में सब जानते हुए भी अपने व्यक्तिगत हितों के लिए देश धर्म एवं संस्कृति के विरोधियों के साथ हैं
धरकर चरण विजित शृंगों पर झंडा वही उड़ाते हैं,
अपनी ही उँगली पर जो खंजर की जंग छुडाते हैं।
पड़ी समय से होड़, खींच मत तलवों से काँटे रुक कर,
फूँक-फूँक चलती न जवानी चोटों से बच कर, झुक कर।
जब हर पार्टी के प्रवक्ता, विधायक, मंत्री-नेता आपको टार्गेट करने लगें; वामपंथी आपको संघी कहे, संघी आपको वामपंथी कहे…
…तो आप उचित राह पर जा रहे हैं। दिनकर की यह पंक्तियाँ मेरे लिए ध्येय वाक्य हैं।