📚The scriptures are without life, without consciousness… truth is not so. The scriptures can only enrich the unconsciousness, lifeless memory. Conscious knowing cannot be attained by going into them
but by going into oneself.
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☼ The Perfect Way ☼
…: सेक्स का ग़ायब हो जाना :…
अपने ह्रदय को दूसरे पार्टनर के सामने खोल कर रखें ; स्वयं को दूसरे पार्टनर की स्थिति में लाने की कोशिश ना करें बल्कि हर संभव तरीके से दूसरे का हाथ अपने हाथ में लेने का प्रयास करें, और उसे, उसी उच्च-स्तर पर ले आएँ, जहाँ अचानक आप स्वयं को पा रहे हैं.
…: सेक्स का ग़ायब हो जाना :…
अपने ह्रदय को दूसरे पार्टनर के सामने खोल कर रखें ; स्वयं को दूसरे पार्टनर की स्थिति में लाने की कोशिश ना करें बल्कि हर संभव तरीके से दूसरे का हाथ अपने हाथ में लेने का प्रयास करें, और उसे, उसी उच्च-स्तर पर ले आएँ, जहाँ अचानक आप
स्वयं को पा रहे हैं.
➣➲ Shift your attention.Even if you have only one memory of a blissful
moment, it is enough. Pay total attention to it…it will grow.The seed will grow and become a big tree.Then you can rest in its shade, you can dance in its shade. You can relax under it. #silence
❀ जीवन को इसकी स्वतंत्रता दो…
➢ तो जिससे भी तुम ज़्यादा जीवंत हो सको और जिससे तुम्हारा जीवन ज़्यादा प्रखरता को उपलब्ध हो…प्रकाश को उपलब्ध हो, वही शाश्वत मूल्य है.
☼ एस धम्मो सनंतनो,भाग०5☼
꧁🌟ओशो🌟꧂
🧘♂️ आप…मन और शरीर, दोनों के साक्षी हैं
लेकिन आपका मन और आपका शरीर, दोनों...एक ही ऊर्जा हैं...शरीर दृश्य मन है; मन अदृश्य शरीर है. शरीर बाहरी मन है और मन आंतरिक शरीर है.
꧁🌟🅾🆂🅷🅾🌟꧂
🥋यह हम ही हैं...जो आते हैं और विदा हो जाते हैं: अस्तित्व ज्यों का त्यों बना रहता है.यह समय नहीं है जो बीत जाता है,यह हम हैं जो आते हैं और बीत जाते हैं लेकिन यह हमारे लिए एक भ्रांति है कि यह देखने के बजाय कि हम विदा हो रहे हैं,हमने एक महान आविष्कार किया है...घड़ी...समय बीतता है.
और इसे तुम्हें इतनी समग्रता और गहनता से जीना है कि अगर मृत्यु के बाद कोई जीवन हो तो तुम वहां भी जी पाओगे. अगर कुछ नहीं है तो कोई सवाल ही नहीं !? ꧁🌟🅾🆂🅷🅾🌟꧂
ओशो,
क्या मृत्यु के बाद भी जीवन होता है ?
❦ यह प्रश्न ही ग़लत है,मूलतः अर्थहीन है.
⁂ मृत्यु के बाद कोई जीवन नहीं है...जैसे जीवन को तुमने जाना है…और अगर कोई जीवन है तो जीना सीखना होगा...अभी…!!
🥋 एक व्यक्ति जो वास्तविकता में जीता है
—उसके स्वप्न तिरोहित होने लगते हैं—उसके लिए स्वप्न में देखने जैसा कुछ नहीं बचता.जब तक वह सोने जाता है, वह दिन भर के काम से निपट चुका होता है; वह पूरी तरह से थक चुका होता है...उसके पास कोई ऐसी मानसिक उलझन नहीं होती जो स्वप्नों में तब्दील हो.