अफवाह नहीं, तथ्यों पर भरोसा करें! ⛽
E20 ईंधन को व्यापक testing, validation और सुरक्षा मानकों पर खरा उतरने के बाद ही आम जनता तक पहुंचाया गया है। इसलिए गाड़ी की सुरक्षा को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम और अफवाहों पर विश्वास न करें।
E20 पूरी तरह सुरक्षित है और भारत को ऊर्जा आत्मनिर्भरता, कम प्रदूषण व किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में मजबूत कदम है। 🌳
सुन लो अंधभक्तो तुम्हारे पप्पा का विदेश मंत्रालय क्या कह रहा है। अब करो उल्टियाँ 🤣
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MEA के प्रवक्ता:
"मुझसे CJP के विरोध-प्रदर्शन को मिलने वाली फंडिंग के बारे में कई बार पूछा गया है।
मैं कहना चाहता हूँ कि हमारी खुफिया और जांच एजेंसियों की जानकारी के अनुसार इसमें किसी भी प्रकार की विदेशी फंडिंग नहीं मिली है।"
गोडी मीडिया और भक्ति करने वालों के दावों पर एक और करारा तमाचा।
छात्रों द्वारा आंदोलन वापस होते ही अब भाजपा ने अपना खेल फिर से चालू कर दिया
भाजपा नेता ने छात्र आंदोलन से लौट रहे युवाओं को पकड़कर पीटा
सोचिए जरा कि ये भाजपाई किस तरह का माहौल देश में बना रहे हैं
दरअसल भाजपा नेतृत्व ने अपने गुंडा एलिमेंट्स को ऐसा करने का आदेश दिया है और जल्द ही युवाओं का एक आंदोलन भाजपाई गुंडागर्दी के खिलाफ भी शुरू होगा
देशभर के आंदोलनकारियों के सूचनार्थ!
भाजपा और उनके संगी-साथियों के दुर्व्यवहार, दुर्वचनों और हिंसा को सब देख लें। इनका दुस्साहस देखिए कि अभी युवाओं को वचन दिए हुए चंद घंटे भी नहीं हुए हैं और ये भाजपाई अपने इतिहास को दोहराते हुए फिर से धोखा दे रहे हैं। भाजपा के ये संस्कारी नेताजी अपने शीर्ष नेतृत्व के दिये गये आश्वासन की सरेआम धज्जियाँ उड़ा रहे हैं और वीडियो भी बना रहे हैं। अब क्या ये भी डबल इंजन की टकराहट के कारण हो रहा है।
तुरंत गिरफ़्तारी हो!
भाजपाई तो अपने वचन के भी सगे नहीं हैं।
भरोसे का विलोम भाजपा!
दिल्ली में बच्चों पर सरकार लाठियां चलवा रही है,इधर यूपी में पुलिस भर्ती बोर्ड ने अलग ही लेवल पर धांधली कर रहा है!
आज भर्ती बोर्ड ने सभी अभ्यर्थियों का अपने साइट पर नॉर्मलाइज्ड स्कोर जारी किया है,
लेकिन अगर भर्ती बोर्ड चाहता तो उनके साइट पर ही रिजल्ट दिखा सकता था लेकिन ये रिजल्ट को छात्रों के ईमेल पर भेज रहा है।
80% लोगों को ईमेल ही नहीं आ रहा है और जिनका स्कोरकार्ड आया उसमें रॉ मार्क्स तो दिखा ही नहीं रहा है,सिर्फ नॉर्मलाइज्ड स्कोर दिखा रहा है।
भर्ती बोर्ड रॉ मार्क्स इसलिए नहीं दिखा रहा है क्योंकि अगर रॉ मार्क्स दिख गया तो एक ही शिफ्ट में किसी के मार्क्स बढ़े हैं किसी के घटे हैंए बात सबके सामने आ जाएगी
भर्ती बोर्ड ने इस वाली दरोगा भर्ती में जितना बड़ा घोटाला किया है ये इतिहास की सबसे बड़ी धांधली वाली दरोगा भर्ती है।
दिल्ली में जारी विरोध-प्रदर्शन गंभीर चिंता का विषय हैं। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे देश के छात्रों और युवाओं को कुछ लोग अपने राजनीतिक स्वार्थों की पूर्ति के लिए एक राजनीतिक औज़ार के रूप में इस्तेमाल करने का प्रयास कर रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री @narendramodi के नेतृत्व में हमारी सरकार विद्यार्थियों और युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने और उनके कल्याण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
हमारे छात्रों की हर चिंता को सुनना और उसका समाधान करना हमारी जिम्मेदारी है।मुझे पूर्ण विश्वास है कि भारत के जागरूक, परिपक्व और विवेकशील युवा ऐसे भ्रामक प्रयासों को भली-भांति समझते हैं और वे प्रगति, विकास तथा राष्ट्रनिर्माण के मार्ग को ही चुनेंगे।
हम इस बात के लिए प्रतिबद्ध हैं कि किसी भी व्यक्ति, विशेषकर हमारे छात्रों और युवाओं के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय न हो। विपक्ष के कुछ नेताओं द्वारा Manufactured Sense of Anger केवल जनता, विशेषकर हमारे बच्चों और युवाओं को भ्रमित करने और गुमराह करने का एक असफल प्रयास है।
युवाओं की भावनाओं और उनकी चिंताओं के प्रति हम पूरी तरह संवेदनशील हैं। संसद का सत्र चल रहा है, सरकार ने हर मुद्दे पर सार्थक बहस करने की भी बात कही है, मगर विपक्ष संसद में नहीं बल्कि सड़क पर मुद्दों का समाधान करने का अनुचित प्रयास कर रहा है।
लोकतंत्र में मुद्दों पर चर्चा करने की जगह संसद भवन है, जहाँ विपक्ष अपनी बात कहने के लिए स्वतंत्र है। इसलिए यदि विपक्ष गंभीर है तो मौजूदा मानसून सत्र को सुचारु रूप से चलाने में व्यवधान न उत्पन्न करे और संसद में ही सभी मुद्दों पर देश का ध्यान आकर्षित करे।
आज नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जिस प्रकार का कृत्य किया है, वह न केवल अशोभनीय है, बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भी विपरीत और अत्यंत निंदनीय है।
नेता प्रतिपक्ष जिस गरिमा का पद है, उस पद को भी राहुल गांधी गंभीरता से नहीं लेते हैं, ये उनके व्यवहार में साफ दिखाई दिया।
लोकतंत्र में विरोध करना प्रत्येक विपक्ष का अधिकार है, लेकिन विरोध और अराजकता में स्पष्ट अंतर होता है। जब विरोध अपनी मर्यादा की सीमाओं को लांघ देता है, तब वह अराजकता का रूप ले लेता है। हम लगातार कहते आए हैं कि राहुल गांधी आज रचनात्मक विपक्ष की बजाय अराजकता के प्रतीक बन कर रह गए हैं।
संसदीय लोकतंत्र में कुछ पद ऐसे होते हैं, जो किसी एक दल के नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के होते हैं। प्रधानमंत्री केवल किसी राजनीतिक दल के नेता नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधि हैं। वे देश की जनता की आस्था, विश्वास और लोकतांत्रिक व्यवस्था के सर्वोच्च प्रतीकों में से एक हैं।
ऐसे में प्रधानमंत्री आवास की ओर जिस प्रकार से माहौल को तनावपूर्ण और अव्यवस्थित बनाने का प्रयास किया गया, वह केवल राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं के प्रति असम्मान का परिचायक है।
आज की घटना निश्चित रूप से दुर्भाग्यपूर्ण है। भारत के राजनीतिक इतिहास का एक काला दिन है।
हमने भी वर्षों तक विपक्ष में रहकर अपनी भूमिका निभाई है, लेकिन कभी लोकतांत्रिक मर्यादाओं और संसदीय परंपराओं का उल्लंघन नहीं किया।
जिन मुद्दों को लेकर हमारे छात्र विषय रख रहे हैं, सरकार उस पर चर्चा करना चाहती है। राहुल गांधी ने स्वयं जो शर्तें रखीं, सरकार ने उन्हें भी स्वीकार किया। लेकिन जब संवाद और समाधान का अवसर आया, तो वे अपनी ही शर्तों और अपने ही रुख से पीछे हट गए। यह उनके राजनीतिक आचरण में अस्थिरता और अपरिपक्वता को स्पष्ट रूप से उजागर करता है।
- श्री @NitinNabin
आज नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जिस प्रकार का कृत्य किया है, वह न केवल अशोभनीय है, बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भी विपरीत और अत्यंत निंदनीय है।
नेता प्रतिपक्ष जिस गरिमा का पद है, उस पद को भी राहुल गांधी गंभीरता से नहीं लेते हैं, ये उनके व्यवहार में साफ दिखाई दिया।
लोकतंत्र में विरोध करना प्रत्येक विपक्ष का अधिकार है, लेकिन विरोध और अराजकता में स्पष्ट अंतर होता है। जब विरोध अपनी मर्यादा की सीमाओं को लांघ देता है, तब वह अराजकता का रूप ले लेता है। हम लगातार कहते आए हैं कि राहुल गांधी आज रचनात्मक विपक्ष की बजाय अराजकता के प्रतीक बन कर रह गए हैं।
संसदीय लोकतंत्र में कुछ पद ऐसे होते हैं, जो किसी एक दल के नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के होते हैं। प्रधानमंत्री केवल किसी राजनीतिक दल के नेता नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधि हैं। वे देश की जनता की आस्था, विश्वास और लोकतांत्रिक व्यवस्था के सर्वोच्च प्रतीकों में से एक हैं।
ऐसे में प्रधानमंत्री आवास की ओर जिस प्रकार से माहौल को तनावपूर्ण और अव्यवस्थित बनाने का प्रयास किया गया, वह केवल राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं के प्रति असम्मान का परिचायक है।
आज की घटना निश्चित रूप से दुर्भाग्यपूर्ण है। भारत के राजनीतिक इतिहास का एक काला दिन है।
हमने भी वर्षों तक विपक्ष में रहकर अपनी भूमिका निभाई है, लेकिन कभी लोकतांत्रिक मर्यादाओं और संसदीय परंपराओं का उल्लंघन नहीं किया।
जिन मुद्दों को लेकर हमारे छात्र विषय रख रहे हैं, सरकार उस पर चर्चा करना चाहती है। राहुल गांधी ने स्वयं जो शर्तें रखीं, सरकार ने उन्हें भी स्वीकार किया। लेकिन जब संवाद और समाधान का अवसर आया, तो वे अपनी ही शर्तों और अपने ही रुख से पीछे हट गए। यह उनके राजनीतिक आचरण में अस्थिरता और अपरिपक्वता को स्पष्ट रूप से उजागर करता है।
- श्री @NitinNabin
कल जंतर-मंतर पर युवाओं के न्याय की बात क्या की, आज मुझे 'हाउस अरेस्ट' (नज़रबंद) कर दिया गया है। लेकिन सरकार यह भूल रही है कि वह एक व्यक्ति को चार दीवारों में कैद कर सकती हैं, करोड़ों युवाओं के इंकलाब को नहीं।
लाला लाजपत राय जी ने कहा था कि उनके सिर पर पड़ी एक-एक लाठी अंग्रेजी शासन के ताबूत की कील बनेगी। आज मैं कहता हूँ— जंतर-मंतर पर मासूम छात्रों पर चलायी गई लाठियां और यह पुलिसिया कार्रवाई, इस अहंकारी व्यवस्था के पतन की शुरुआत है। जो सरकार करोड़ों युवाओं के भविष्य को सुरक्षित नहीं कर सकती, वह हमें डराने का यह "पुलिसिया शॉर्टकट" अपना रही है।
हम गांधी के रास्ते पर शांति से अपना हक मांग रहे हैं, लेकिन सत्ता यह न भूले कि इसी देश के युवाओं के भीतर भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद भी बसते हैं। युवाओं की जान और उनका भविष्य किसी मंत्री के पद से बहुत बड़ा है।
साथियों, हमारी लड़ाई जारी है। मेरी नज़रबंदी से हमारा हौसला नहीं टूटेगा, बल्कि और मजबूत होगा। आप सब डटे रहना!
#JantarMantarprotests
#Youth
यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग हमारे देश के नौजवानों को अपने राजनीतिक लाभों की पूर्ति के लिए एक राजनीतिक औजार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री श्री @narendramodi के नेतृत्व में हमारी सरकार विद्यार्थियों और नौजवानों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारे छात्रों की हर चिंता को सुनना और उसका समाधान करना हमारी जिम्मेदारी है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि भारत के जागरूक, परिपक्व और विवेकशील युवा ऐसे भ्रामक प्रयासों को भली-भांति समझते हैं और वे प्रगति, विकास तथा राष्ट्रनिर्माण के मार्ग को ही चुनेंगे।
हम इस बात के लिए प्रतिबद्ध हैं कि किसी भी व्यक्ति, विशेषकर हमारे छात्रों और युवाओं के साथ, किसी भी प्रकार का अन्याय न हो। विपक्ष के कुछ नेताओं द्वारा manufactured sense of anger केवल जनता, विशेषकर हमारे बच्चों और युवाओं को भ्रमित करने और गुमराह करने का एक असफल प्रयास है।
- श्री @rajnathsingh, रक्षा मंत्री
Dimag paper bannae m ghas charne gya tha ab yanha email p marks aayenge jo ki nhi aa rahe dashboard p kyu nhi dikh rahe marks । Kool कल्पनाएं h bss ।
राजीव कृष्ण बोले थे upp 2024 k sabhi k marks sarvjanik honge thuk k chat gye
@CMOfficeUP@ChiefSecyUP@homeupgov@dgpup@Uppolice
उत्तर प्रदेश पुलिस में उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती -2025 की लिखित परीक्षा में सम्मिलित समस्त अभ्यर्थियों के प्रसामान्यीकृत अंक (Normalised Score) प्राप्त करने का लिंक बोर्ड की वेबसाइट पर जारी कर दिया गया है। प्रसामान्यीकृत अंक देखने की प्रकिया हेतु विज्ञप्ति बोर्ड की वेबसाइट "https://t.co/nBi6mjSKxL" पर उपलब्ध है।
प्रसामान्यीकृत अंक देखने हेतु लिंक- https://t.co/8BIBxc2UOz
-परीक्षा नियंत्रक
उ० प्र० पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड
लखनऊ l
@CMOfficeUP@ChiefSecyUP@homeupgov@dgpup@Uppolice
उत्तर प्रदेश पुलिस में उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती -2025 की लिखित परीक्षा में सम्मिलित समस्त अभ्यर्थियों के प्रसामान्यीकृत अंक (Normalised Score) प्राप्त करने का लिंक बोर्ड की वेबसाइट पर जारी कर दिया गया है। प्रसामान्यीकृत अंक देखने की प्रकिया हेतु विज्ञप्ति बोर्ड की वेबसाइट "https://t.co/nBi6mjSKxL" पर उपलब्ध है।
प्रसामान्यीकृत अंक देखने हेतु लिंक- https://t.co/8BIBxc2UOz
-परीक्षा नियंत्रक
उ० प्र० पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड
लखनऊ l
@CMOfficeUP@ChiefSecyUP@homeupgov@dgpup@Uppolice
भ्रमित करने वालों से अभ्यर्थी सावधान रहें क्योंकि केवल अभ्यर्थियों के नॉर्मलाइज्ड अंक प्रदर्शित किए जाएंगे।
हमारी मांग सभी अभ्यर्थियों के डिटेल्ड स्कोरकार्ड, शिफ्ट वाइस नॉर्मलाइजेशन डेटा और फाइनल मैरिट की डिटेल्ड मास्टर डेटा पीडीएफ की है।
इसके लिए शुकवार को X कैंपेन रखा है।
कृपया अपने बयान की विश्वसनीयता सिद्ध करने के लिए, आप अपने द्वारा खाली कराई गई ‘तथाकथित 64000 एकड़’ ज़मीन के क्षेत्रफल और भू-लेखा विवरण की ज़िलेवार सूची भी ज़ारी करें।
अयोध्या के मंदिर में हुई चोरी के बाद, आपने झूठ-मूठ की SIT बनाकर और उससे मनमानी रिपोर्ट लिखवाकर जो लीपा-पोती की है उससे आपके कथन-वचन से समाज का विश्वास पूरी तरह उठ गया है। आपके द्वारा बताए गये, कुंभ मेले के मृतकों के आँकड़े जिस प्रकार झूठे साबित हुए थे, वो आज भी जनता के मानस में अंकित हैं।
जन-प्रश्न : जब बोले गये और लिखे गये आँकड़े में ही अंतर होगा, तो जनता भरोसा किस पर करे?
कृपया अपने बयान की विश्वसनीयता सिद्ध करने के लिए, आप अपने द्वारा खाली कराई गई ‘तथाकथित 64000 एकड़’ ज़मीन के क्षेत्रफल और भू-लेखा विवरण की ज़िलेवार सूची भी ज़ारी करें।
अयोध्या के मंदिर में हुई चोरी के बाद, आपने झूठ-मूठ की SIT बनाकर और उससे मनमानी रिपोर्ट लिखवाकर जो लीपा-पोती की है उससे आपके कथन-वचन से समाज का विश्वास पूरी तरह उठ गया है। आपके द्वारा बताए गये, कुंभ मेले के मृतकों के आँकड़े जिस प्रकार झूठे साबित हुए थे, वो आज भी जनता के मानस में अंकित हैं।
जन-प्रश्न : जब बोले गये और लिखे गये आँकड़े में ही अंतर होगा, तो जनता भरोसा किस पर करे?