जातिय पंचायते कहर ढा रहीं हैं लोगों को समाज से बहिष्कृत एवं अर्थ दंड से प्रताड़ित करते रहते हैंजातिय पंचायत का शिकार बाबुलाल ने आत्महत्या कर ली,और पंचो का प्रशासन से सांठ गांठ की वजह से चौथे दिन भी अंतिम संस्कार नहीं हो पाना बेहद दुःखद हैं !
#बाबुलाल_को_न्याय_दो@JaiBhimIT_Team
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बाबूराम की बॉडी 5 दिन से मोचरी में है,
उनके घर पर समाज के लोग जाते नहीं, घर में केवल 85 साल की मां और पत्नी है।जिनका रो रोकर हाल बेहाल है। @ashokgehlot51 महोदय अगर इसी तरह से परिवार का उत्पीड़न जारी रहा तो कोई और अनहोनी हो सकती है।