यही नहीं, ब्राह्मण उस समय तक खुद को बाक़ी भार��ीयों से अलग बताने के लिए खुद को ब्रह्मा के मुँह से उत्पन्न बता रहे थे। खुद को भूदेव कह रहे थे। बाक़ी लोगों के साथ उनका कोई बंधुत्व नहीं था, और बंधुत्व के बिना तो राष्ट्र बन नहीं सकता।
#BAHUJAN_MUKTI_PARTY#राजनीति_नहीं_जन_आंदोलन
काँग्रेस, BJP, कम्युनिस्ट ने मूलनिवासी बहुजन के युवा-विद्यार्थियों,नौजवानों को पहले मजबुर बनाया उसके बाद मजदूर बना दिया।अब तो हाथ मे स्लेट के जगह पर प्लेट थमहा दिया हैअर्थात भिखारी बना दिया।
ब्राम्हणो को विदेशी घोषित करने वाले महान राष्ट्रपु���ुष, राष्ट्रपिता महात्मा ज्योतिराव फुले जी की, जन्म जयंती पर मूलनिवासी बहुजनो को हार्दिक बधाईया।
#AntiBrahmanismVaccineFestival
आधुनिक भारत में क्रांति के प्रणेता, राष्ट्रपिता, महात्मा जोतिराव फुलेजी के 194 वें जयंती के अवसर पर आप सभी मूलनिवासी बहुजनों को हार्दिक बधाईयां...
#राष्ट्रपिता_जोतिराव_फुले#जयंती
आधुनिक भारत में क्रांति के प्रणेता, राष्ट्रपिता, महात्मा जोतिराव फुलेजी के 194 वें जयंती के अवसर पर आप सभी मूलनिवासी बहुजनों को हार्द��क बधाईयां...
#राष्ट्रपिता_जोतिराव_फुले #जयंती
#BAHUJAN_MUKTI_PARTY@AKAmbedkar4
न्यायपंचायत प्रभारियों के से बैठक सम्पन्न हुई।इस मौके पर मैं बताया कि ब्राह्मणवाद एक विचारधारा है जिसका निर्माता ब्राह्मण है।इसकी बुनियाद वर्णव्यवस्था है।जिसकी खात्मा व���्तमान में फूले-शाहू-अम्बेडकरी विचारधारा से ही संभव है।
मेरे नाम का जयजयकार करने से अच्छा है की मेरे रहें अधूरे कार्य को पूरा करो......
और उसे पूरा करने के अपनी जान की बाजी लगा दो......
डॉ.बाबासाहब आंबेडकर.....
नेतृत्व विहीनता यह गुलामी का मूल कारण है...
नेतृत्व के नाम पर दलाल-भड़वे को ब्राह्मणवादीयों द्वारा समाज पर थोपना यह नेतृत्व विहीनता से भी खतरनाक है, क्योंकि समाज में विद्रोह की मानसिकता निर्माण नहीं होती, बल्कि तुष्टिकरण का भ्रम न��र्माण हो जाता है| इससे समाज दिशाहीन हो जाता है|