थाने से लेकर तहसीलदार तक भाजपा के मंडल अध्यक्षों का हस्तक्षेप अधिकारियों को परेशान किए हुए हैं!
अधिकारी अब खुलकर शिकायत करने को मजबूर हो रहे हैं!
भाजपा सरकार में संगठन नेताओं का व्यवस्था में बेजा हस्तक्षेप बेलगाम संगठन का परिचायक है!
इंदौर जा रही बस में एक राष्ट्रीय महिला शूटर के साथ हुई छेड़छाड़ और मारपीट की घटना आज के “सुरक्षित मध्य प्रदेश” के खोखले दावों को बेनकाब करती है। राष्ट्रीय खिलाड़ी की भी अगर बस में सुरक्षा नहीं तो आम महिलाओं की हालत कैसी होगी, इसका अंदाज़ा लगाया जा सकता है।
राजधानी भोपाल के बीच रास्ते में चार बार छेड़छाड़ और जोर-जबरदस्ती होती रही, लेकिन बस में मौजूद किसी ने मदद तक नहीं की और न ही सिस्टम ने समय रहते सुरक्षा दी। यह स्थ��ति प्रदेश की कानून-व्यवस्था की विफलता है, जहाँ अपराधी बेखौफ़ हैं और जनता असहाय।
मुख्यमंत्री जी, जवाब दीजिए महिलाएँ आखिर सुरक्षित कब होंगी?
गरीबों के हक पर डाका डालकर प्रभावी लोग सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं!
तीन मंजिला मकान वाले भी मुफ्त राशन ले रहे हैं!
भाजपा सरकार में योजनाओं का गड़बड़झाला असली हितग्राही के हक पर डाका है!
नरसिंहपुर के युवा साथी मंजीत घोषी को पुलिस द्वारा दी गई प्रताड़ना और हिरासत की घटना पूरी तरह तानाशाही है। एक मात्र ट्वीट के आधार पर दिल्ली पुलिस का म��्यप्रदेश में दस्तक देना अत्यंत चिंताजनक है। दिल्ली और मध्यप्रदेश - दोनों राज्यों की पुलिस को चाहिए कि वे सत्ता के इशारों पर विपक्ष को डराने-धमकाने के बजाय अपने-अपने राज्यों में बढ़ते जंगलराज पर रोक लगाने पर ध्यान केंद्रित करें।
@ghoshi_manjeet
रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है।
1 डॉलर = 89.49 रुपए
नरेंद्र मोदी का कहना था: जैसे-जैसे रुपया गिरता है, प्रधानमंत्री की साख गिरती है।
मोदी जी, आपकी साख कितनी गिरी?
म.प्र. उच्च न्यायालय ने अजा-अजजा वर्ग विरोधी सरकार को बैकलॉग पदों की भर्ती पर पुनर्विचार का आदेश दे दिया है।
फिर भी यह सरकार जानबूझकर वंचित वर्ग के अधिकारों और हितों पर कु��ाराघात कर रही है।
वंचित वर्ग के साथ हो रही यह निरंतर उपेक्षा लोकतंत्र और सामाजिक न्याय दोनों के लिए शर्मनाक है।
सनातन धर्म ध्वजा के संवाहक, द्वीपीठाधीश्वर अनन्त श्री विभूषित जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री स्वरूपानन्द सरस्वती जी महाराज के प्राकट्य दिवस पर उनके श्री चरणों में कोटिशः नमन।
@KunalChoudhary_
शिवराज सरकार में आदिवासी समुदाय के खिलाफ अत्याचार के मामले लगातार बढ़ते गए हैं। कई मामलों में भाजपा के नेता इस उत्पीड़न का बचाव करते भी नजर आए हैं। आखिर क्या कारण है कि आदिवासी भाई-बहनों उत्पीड़न के खिलाफ भाजपा मुखर नहीं है? #आदिवासी_विरोधी_भाजपा
मेरा वक्तव्य - @KunalChoudhary_
किसानों की खराब एवं बांझ हुई फसलों के मुआवजे की मांग एवं गतवर्ष के बाकी बीमा राशि व मुआवजे की मांग, बिजली कटौती के संबंध में दिनांक 7 सितंबर को प्रातः 10 बजे “किसान जन आक्रोश रैली” अरनिया कलां में। आप सभी सादर आमंत्रित है���।