बहुत दिक्कतें हैं जीवन में लेकिन किसी से कहने का दिल नहीं करता..सबके सामने मैं एक खुशदिल इन्सान हूं परन्तु अन्दर से क्या हूं ये सिर्फ़ मुझे पता है। मैं जिंदगी की दूभर राहों में अकेले चलने का राही हूं..मुझे लोगों की नियत पर भरोसा नहीं है; मैं केवल स्वयं से किए हुए वादे निभाता हूँ।
एक बात तो तय है कि अगर आप अमीर घराने में पैदा हुए हैं तो आपका बचपन से लेकर जवानी तक का जीवन मज़े में बीतता है। वहीं दूसरी ओर ���क मध्यम घर में जन्म लेने वाले लड़के लड़कियों का बचपन ठीक ठाक निकलता है लेकिन जैसे ही वे बड़े होते हैं, जिम्मेदारियां उन पर घात लगाए टूट पड़ती हैं.!!