"कब लौट के आओगे बता क्यों नहीं देते,
दीवार बहानों की गिरा क्यों नहीं देते।"
"तुम पास हो मेरे तो पता क्यों नहीं चलता,
तुम दूर हो मुझसे तो सदा क्यों नहीं देते।"
"बाहर की हवाओं का अगर ख़ौफ़ है इतना,
जो आग अंदर है, बुझा क्यों नहीं देते" 😍😘💕❤️
ठुकराओ अब या प्यार करो, मैं नशे में हूँ।
जो चाहो मेरे यार करो, मैं नशे में हूँ।
अब भी दिला रही हूँ यक़ीन-ए-वफ़ा,
मगर मेरा ना एतबार करो, मैं नशे में हूँ।
गिरने दो तुम मुझे अपनी बाहों में,
मेरा साग़र संभाल लो इतना तो, मेरे यार मैं नशे में हूँ 😇😍😘❤️💕